बीवी के चक्कर में हवालात पहुंचा था डेविड हेडली
सरकारी वकील उज्जवल निकम सवाल बढ़िया पूछ रहे हैं डेविड हेडली से. पर्सनल लाइफ तक खंगाल डाली है ससुरे की. जे पढ़ो...
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फोटो - thelallantop
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कुछ भी कहो. सरकारी वकील उज्जवल निकम सवाल बढ़िया पूछ रहे हैं डेविड हेडली से. पर्सनल लाइफ तक खंगाल डाली है हेडली की. शिकागो से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुंबई की स्पेशल कोर्ट में हेडली से सोमवार के बाद मंगलवार को भी पूछताछ हुई.
हंसिएगा मत, पर मुंबई को हिलाने वाला ये आतंकी हेडली एक बार अपनी धर्मपत्नी की वजह से जेल पहुंच गया था. यानी जेल की बोहनी बट्टी घर से ही हो गई थी ससुरे की. अच्छा हां, डेविड हेडली ने कबूल लिया है कि वो पाकिस्तानी एजेंसी ISI के लिए काम करता था और ISI लश्कर-ए-तैयबा की रुपये-पैसों से पूरी मदद करता था.
डेविड हेडली ने कहा, 'मुंबई पर हमले से पहले दिल्ली और बंगलुरु में धमाके की प्लानिंग थी. 2006 में मुजम्मिल, मेजर इकबाल और साजिद मीर ने आतंकी हमले की लोकेशन फिक्स की. इसमें मुंबई, दिल्ली और बंगलुरु को टारगेट बनाने पर चर्चा हुई.' बाद में मुंबई के नाम पर सभी आतंकी 'कबूल है कबूल है कबूल है' हो गए.डेविड हेडली ने कहा, 'मैंने सब से बहुत पइसा ले रखा था. बीवी परेशान रहती थी. उसको शक था कि मैं लश्कर के लिए काम करता हूं. पाकिस्तान में हम दोनों रह रहे थे. फिर एक दिन उसने पाकिस्तान की अमेरिकन अंबेसी में जाकर मेरी शिकायत कर दी. शिकायत के बाद पुलिस ने मुझे अरेस्ट कर लिया.' 'मैं डेविड हेडली, मेरी बीवी....' रिकॉर्ड्स के मुताबिक, डेविड हेडली ने शाजिया गिलानी से शादी की थी. लेकिन बाद में हुआ तलाक. हेडली ने फिर लाहौर की मेडिकल स्टूडेंट फायजा से ब्याह किया. लेकिन फैमिली के दबाव में फिर तलाक देना पड़ा. लेकिन लाहौर की फायजा निकली जाबड़ लड़की. पुलिस केस कर दिया. मजबूरी में हेडली को कुछ दिन जेल जाना पड़ा. बाद में शाजिया अपने चार बच्चों ओसामा, हैदर, सुम्या और हाफसा को लेकर अमेरिका चली गई. 'हमले का कोड था-कार्टून' शाजिया ने मुंबई हमलों की मीडिया कवरेज देखने के दौरान कई कोड वर्ड यूज किए. मसलन 'मैं कार्टून देख रही हूं' यानी हेडली अपने मिशन में कामयाब रहा. हेडली को लिखी मेल में शाजिया ने कहा, 'मैं पूरे दिन कार्टून (हमले) देखती रही. और मुझे इस बात पर फख्र है.' 102 आतंकियों के साथ हेडली ने ली थी ट्रेनिंग डेविड हेडली ने ये भी पता चला कि 2004 में उसके साथ करीब 102 दूसरे आतंकियों ने भी ट्रेनिंग ली थी, लश्कर-ए-तैयबा के ट्रेनिंग कैंप में. कैंप में हाफिज सईद और जकीउर्रहमान लखवी भी मौजूद थे. आदमी चाहे इंसान हो या आतंकी, सलाह देने से कभी बाज नहीं आता. हां तो डेविड हेडली ने भी हाफिज सईद को सलाह दी. कि अमेरिका ने लश्कर को विदेशी आतंकी संगठन कहा है, इसलिए उसपर केस कर दे. हाफिज सईद ने फौरन इसके लिए मना कर दिया. बोला- ISI से डिस्कस करना पड़ेगा. मौलाना मसूद से पहली मुलाकात डेविड हेडली ने कहा, 'मौलाना मसूद अजहर से मेरी पहली मुलाकात लाहौर से करीब 100 किलोमीटर दूर एक इलाके में हुई.' हेडली ने कहा कि वो 2003 में लाहौर में अब्दुल रहमान पाशा नाम के बंदे से मिला. मालूम होता है कि पाशा के पास ढंग का रिटायरमेंट का प्लान अच्छा नहीं था. तभी तो उसने सेना से रिटायर होकर लश्कर जॉइन कर लिया.

