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मुंबई: क्रूज में सवार 2000 यात्रियों में से दर्जनों कोरोना संक्रमित हुए, शिप के अंदर बवाल

यात्रियों को गोवा के बंदरगाह पर उतरना था, लेकिन वहां के अधिकारियों ने मना कर दिया.

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4 जनवरी 2022 (अपडेटेड: 4 जनवरी 2022, 11:13 AM IST)
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प्रतीकात्मक तस्वीर. (इंडिया टुडे)
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ओमिक्रॉन वेरिएंट के सामने आने के बाद से कोरोना वायरस के ट्रांसमिशन की रफ्तार बहुत तेज हो गई है. इतनी कि अब समंदर किनारे खड़े शिप में भी कोरोना के संक्रमितों का पता चला है. खबर मुंबई से है. यहां कॉर्डेलिया क्रूज शिप पर कोरोना वायरस के कम से कम 66 मामलों की पुष्टि हुई है. बता दें कि कॉर्डेलिया वहीं क्रूज शिप है जिसमें कुछ महीने पहले शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ड्रग्स रखने के आरोप में हिरासत में लिया था.

शिप में 2000 यात्री

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक बीती एक जनवरी को कॉर्डेलिया क्रूज शिप को मुंबई-गोवा-मुबंई पैकेज टूर पर निकलना था. जहाज पर चढ़ने से पहले सभी यात्रियों की नेगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट और डबल वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट देखा गया. इसके बाद कुल 2000 यात्रियों को लेकर शिप समंदर के सफर पर निकल गया. लेकिन जहाज के रवाना होने के अगले दिन 2 जनवरी को चालक दल का एक सदस्य पॉजिटिव पाया गया. इसके बाद सभी यात्रियों का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया जिसमें 66 यात्रियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. आनन-फानन में सभी पॉजिटिव लोगों को क्रूज में ही आइसोलेट कर दिया गया. वहीं ये जानकारी अन्य यात्रियों को मिलते ही जहाज में हड़कंप मच गया. जहाज के आधिकारियों ने यात्रियों से कहा कि वे सभी नेगेटिव रिपोर्ट आने वाले लोगों को गोवा में क्रूज से उतार देंगे. लेकिन गोवा पहुंचने पर ऐसा हुआ नहीं. वहां दो घंटे की लंबी बातचीत के बाद जहाज के आधिकारियों ने यात्रियों को बताया कि गोवा सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी है. ऐसे में बाकी सभी यात्रियों को संक्रमित पैसेंजरों के साथ ही क्रूज में रहना पड़ा. अगले दिन 3 जनवरी को रात 10 बजे के बाद क्रूज गोवा से मुंबई वापसी के लिए रवाना हो गया. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक फिलहाल शिप में सवार लोगों में दहशत का माहौल है. उन्हें डर है कि संक्रमित यात्रियों के साथ उन्हें 15 दिनों तक जहाज में रहना होगा. इसके अलावा जहाज के अंदर कई तरह की अफवाहें उड़ने की बात सामने आई है. जाहिर है गैर संक्रमित गेस्ट शिप के अंदर ही विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उनमें काफी गुस्सा है, क्योंकि टेस्टिंग प्रोसेस पूरा होने तक सभी को क्रूज के अंदर ही रहना होगा. बृह्नमुंबई नगरपालिका ने इसके निर्देश दिए हैं.

कंपनी का बयान सामने आया

मंगलवार 4 जनवरी को कॉर्डेलिया क्रूज शिप्स का संचालन करने वाली कंपनी वाटरवेज लेजर टूरिज्म प्राइवेट लिमिटेड ने एक बयान जारी किया. कहा कि उसने भारत के नौवहन महानिदेशालय के बनाए सभी नियमों के साथ तमाम कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन किया है. कंपनी के सीईओ जर्गेन बैलम ने कहा कि कोविड पॉजिटिव पाए गए क्रू सदस्य को तुरंत आइसोलेट कर दिया गया था. हालांकि उन्होंने गोवा में किसी भी यात्री को शिप से बाहर नहीं आने देने पर आपत्ति जताई. कहा कि गोवा सरकार के अधिकारियों की तरफ से संवेदना की कमी देखने को मिली. पदाधिकारी के मुताबिक बोर्डिंग से 48 घंटे पहले यात्रियों और क्रू सदस्यों को आरटीपीसीआर टेस्ट कराना जरूरी है. साथ ही जहाज में सवार हो रहे सभी लोगों को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगी होना जरूरी है. जर्गेन बैलम ने दावा किया है कि रविवार 2 जनवरी को जहाज के रवाना होने के वक्त सभी मेहमानों के आरटीपीसीआर टेस्ट नेगेटिव आए थे और वे पूरी तरह से वैक्सीनेटेड थे. हालांकि क्रूज स्टाफ के एक सदस्य में संक्रमण के हल्के लक्षण दिखे, जिसके बाद उसे तुरंत दूसरों से अलग कर दिया गया था, और सभी मेहमानों और क्रू मेंबर्स का फिर से टेस्ट कराया गया. इसमें कुछ लोग पॉजिटिव निकले. वहीं गोवा अथॉरिटीज पर आरोप लगाते हुए WLTPL के सीईओ ने कहा कि जब जहाज बंदरगाह पर पहुंचा तो वहां कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था. जर्गेन के मुताबिक इलाके के कलेक्टर से क्रू सदस्यों को मुश्किल से ही कोई निर्देश मिल पा रहे थे.

(ये स्टोरी हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहे श्यामेंद्र ने लिखी है.)

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