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मुख्तार अंसारी की बहू पति से मिलने जेल गई, पुलिस ने पकड़ लिया, परिवार ने कहा- साजिश है

डीएम और एसपी ने जेल में छापा मार कर पकड़ा था.

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11 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 11 फ़रवरी 2023, 07:07 PM IST)
abbas ansari wife detained
मुख्तार अंसारी (दाहिने) और बेटा अब्बास अंसारी (फोटो- आजतक)
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मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की पत्नी निखत अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि वो जेल में बंद अपने पति से मिलने पहुंची थी. इस दौरान तलाशी में उनके पास प्रतिबंधित सामान मिला, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया है.

आजतक के संतोष शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर नेता मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी बांदा की जेल में बंद हैं. 10 फरवरी को यहां उनसे मिलने उनकी पत्नी निखत अंसारी पहुंची. इसकी जानकारी जब डीएम और एसपी को हुई, तो उन्होंने जेल में छापा मारा. इस दौरान तलाशी में निखत के पास से मोबाइल, नगदी और दूसरे प्रतिबंधित सामान मिले. बताया जा रहा है कि ये मुलाकात जेलर के कमरे में हो रही थी.

FIR के मुताबिक, जेल प्रशासन के साथ सांठगांठ के बाद पिछले कई दिनों से मुलाकात हो रही थी. इसके लिए जेल रजिस्टर में कोई एंट्री नहीं होती थी.

इस मामले में सब-इंस्पेक्टर श्यामदेव सिंह यादव ने FIR दर्ज कराई है, जिसमें विधायक अब्बास अंसारी, उनकी पत्नी निखत बानो, ड्राइवर नियाज, जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर, उप कारागार अधीक्षक सुशील कुमार, कांस्टेबल जगमोहन और ड्यूटी पर तैनात जेल कर्मियों समेत 7 लोगों के नाम हैं.
डीआईजी जेल प्रयागराज को इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया.

अधिकारियों पर एक्शन!

पुलिस महानिदेशक/ महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने इस मामले में लापरवाही अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की है. जिला कारागार चित्रकूट के जेल अधीक्षक अशोक सागर, जेलर संतोष कुमार और डिप्टी जेलर पीयूष पांडे को निलंबित कर दिया गया है. सभी के खिलाफ विभागीय जांच के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है. इनके अलावा जेल के पांच दूसरे कर्मचारियों को भी निलंबित किया गया है. अब्बास अंसारी को चित्रकूट जेल से किसी दूसरी जेल में भेजने की सिफारिश भी की गई है.

परिवार ने बताया साजिश

मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी ने इस पूरे मामले को साजिश बताया. उन्होंने कहा कि 10 फरवरी को आम मुलाकातियों की तरह मेरी भाभी भी  चित्रकूट जेल से भाई से मिल कर बाहर निकल रहीं थीं तभी उनको हिरासत में ले लिया गया. पुलिस ने दावा किया कि उनके पास से मोबाइल,नगदी और ज्वैलरी बरामद की गई, जबकि ये सब झूठ और साजिश के तहत किया गया है. चूंकि अब्बास अंसारी झूठे मुकदमों में फंसा कर जेल भेज दिए गए हैं और उनके सारे मुकदमों की पैरवी और भागदौड़ मेरी भाभी कर रही है, इसलिए प्रशासन ने उन्हें झूठा फंसाकर जेल में डालना चाहता है. 
उन्होंने कहा, 

"हमारे परिवार पर सामंतवादी और मनुवादी विचारधारा के लोगों द्वारा पिता, माता, भाई और मुझे फंसाने के बाद अब मेरी भाभी को फंसाने की कोशिश लगातार की जा रही है. एक महिला जिसका अपराध से कोई लेना देना नहीं है और जिसका एक साल का छोटा बच्चा है, उसे बेबुनियाद मुकदमे में फंसा कर सरकार एवं प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहे हैं. हमें अल्लाह और न्यायपालिकाओं पर पूरा विश्वास है और उम्मीद है कि न्याय जल्द मिलेगा. जय हिन्द!"

 

मनी लॉन्ड्रिंग केस में बंद है अब्बास

अब्बास मऊ विधानसभा सीट से सुभासपा के विधायक हैं. उनपर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मार्च 2021 में केस दर्ज किया गया था, जिसमें फर्जी दस्तावेज से सरकारी जमीन कब्जाने, धोखाधड़ी से विधायक निधि का पैसा निकालने समेत तीन आरोप हैं. केस दर्ज होने के बाद अब्बास फरार हो गए थे. 25 अगस्त 2022 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था. उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया. 5 नवंबर को ईडी ने करीब 9 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था.

गिरफ्तारी के बाद उन्हें प्रयागराज के सेंट्रल जेल में रखा गया था. नवंबर 2022 में यहां से शिफ्ट कर चित्रकूट की हाई सिक्योरिटी रगौली जेल भेजा गया.
अब्बास के खिलाफ आर्म्स एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में भी कई केस दर्ज हैं.

वीडियो: मुख्तार अंसारी, जो सिस्टम से 'खेलते-खेलते' खत्म हो गया!

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