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'ये गाने सुन लिए, तो निकाह टूट जाएगा', 'मौलाना' का 'ज्ञान' सोशल मीडिया पर वायरल हो गया

फेसबुक पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. हैदर अब्बास नाम के एक फेसबुक यूज़र ने एक कथित मौलाना का वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में कथित मौलाना गाना गाने को लेकर ज्ञान दे रहे हैं. वीडियो के मुताबिक, इनका नाम मुफ्ती खालिद मदनी है.

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28 मई 2022 (अपडेटेड: 2 जून 2022, 11:27 PM IST)
Mufti Khalid Madni
मुफ्ती खालिद मदनी. (सोशल मीडिया)
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आपने ये तो सुना होगा कि इस्लाम में गाने सुनना हराम है. लेकिन क्या आपने ये सुना है कि कुछ गाने सुन लेने से या गाने से आप इस्लाम धर्म से भी बाहर हो जाते हैं. यहां तक कि निकाह भी टूट जाता है, और दोबारा शादी करनी पड़ेगी.

दरअसल, फेसबुक पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. हैदर अब्बास नाम के एक फेसबुक यूज़र ने एक कथित मौलाना का वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में कथित मौलाना गाना गाने को लेकर ज्ञान दे रहे हैं. वीडियो के मुताबिक, इनका नाम मुफ्ती खालिद मदनी है. पहले आप वीडियो देख लीजिए.

वीडियो में खालिद मदनी बता रहे हैं,

गाने सुनना हराम है. लेकिन कुछ गाने ऐसे हैं, जो आपको इस्लाम से निकाल देते हैं. इस्लाम से खारिज कर देते हैं. और निकाह भी टूट जाता है. बीवी से दोबारा निकाह करना पड़ेगा. बीवी से जब तक दोबारा निकाह नहीं करेंगे, तब तक हमारा बीबी से ताल्लुख जायज नहीं है. और तब तक, जो बच्चे हैं वो भी जायज नहीं होंगें.

इसके बाद खालिद मदनी कुछ गाने बताते हैं. जिन्हें सुन भर लेने से शादी टूट जाती है और दोबारा निकाह करना पड़ सकता है.

खालिद कहते हैं,

सबसे पहला गाना है- ‘कुदरत ने बनाया होगा, फुर्सत से तुझे मेरे यार’. अब फुर्सत लफ़्ज़ का इस्तेमाल कुफ्र है (कुफ्र यानी ईश्वर से बगावत). ये जायज़ नहीं है. इसके बाद गाना है- ‘मैं प्यार का पुजारी मुझे प्यार चाहिए, रब जैसा ही मुझे सुंदर यार चाहिए’. इसमें दो कुफ्र की बातें हैं. एक तो प्यार का पुजारी. यानी प्यार की पूजा करता है इसका मतलब कि रब के अलावा कोई और प्यार है. और दूसरी बात, रब जैसा मुझे यार चाहिए. लेकिन कुरान तो कहती है कि रब जैसा कोई हो ही नहीं सकता.

इन दो गानों के बाद खालिद कुछ और गाने भी बताते हैं, जो उनके मुताबिक इस्लाम के मुताबिक कुफ्र यानी नाजायज़ हैं.

खालिद इसके बाद कहते हैं,

जब से तेरे नैना मेरे नैनों से लागे रे, तब से दीवाना हुआ, सबसे बेगाना हुआ, रब भी दीवाना लागे रे. अब देख लीजिए, इसमें कहा गया है कि रब भी दीवाना लागे रे. ये तो सरासर कुफ्र है.

इसके बाद खालिद कहते हैं कि जो इन गानों को गाएगा और सुनेगा, वो इस्लाम के दायरे से खारिज हो जाएगा. यानी इस्लाम से बाहर हो जाएगा.

हैदर अब्बास के इस पोस्ट पर 64 लोगों ने रिएक्ट किया. 46 लोगों से इसे शेयर किया. और कई लोगों ने कमेंट भी किया. लोगों ने कथित मौलाना साहब पर ही सवाल खड़े कर दिए.

फाज़िल सिद्धिकी नाम के एक यूज़र ने लिखा कि, मौलाना भी तो गाना गा कर ही बता रहे हैं.

साजिद ज़ाफरी नाम के एक शख्स ने नीचे कमेंट किया कि, एक गाना गाने से निकाह टूट जाता है और मौलवी साहब आपने तो सारे गाने गा डाले. जल्दी घर जाओ आपको तो 10-12 बार निकाह पढ़वाना पड़ेगा, तब कहीं जाकर आपका निकाह सही से हो पाएगा.

मीज़ाम सैयद नाम के एक यूज़र ने लिखा कि, निकाह नहीं हो गया झाड़ू की सींक हो गई है कि हर बार टूट जाती है.

मरसलीन नाम के एक शख्स ने कुछ हद तक मौलाना का समर्थन किया. लेकिन शादी टूटने की बात को गलत बताया. उन्होंने कहा कि, निकाह नहीं टूटता, लेकिन गाने के बारे में ठीक बोल रहे हैं. हम अल्लाह को लेकर इस टाइप के गाने नहीं गा सकते.

इस पर एक यूजर ने लिखा कि, हम तो इसीलिए सिर्फ भोजपुरी गाने ही सुनते हैं.

कौन है मुफ्ती खालिद मदनी?

इनके नाम से एक फेसबुक पेज है. इस पेज पर इनके 314 फॉलोवर हैं. ये फेसबुक पेज 31 अक्टूबर, 2021 को बनाया गया था. नाम के नीचे ये खुद को एजुकेशनल कन्सल्टेंट बताते हैं. फेसबुक पर मौलाना इस्लाम को लेकर अपना ज्ञान देते रहते हैं. इनके फेसबुक पर हमें कई वीडियोज़ मिले. जैसे एक वीडियो में ये बता रहे हैं कि अगर आपने रोज़ा रखा है, तो आपको अपनी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं. मौलाना कहते हैं कि अगर आपको याद नहीं है कि आपका आज रोज़ा है, तो आप संबंध बना सकते हैं. लेकिन अगर आपको संबंध बनाने वक्त ये याद आ जाता है कि आज आपका रोज़ा है और फिर भी आप संबंध बनाते हैं, तो आपको रोज़ा टूट जाएगा.

इसके अलावा एक वीडियो में मौलाना मदनी कहते हैं कि, अगर किसी को ज़कात यानी दान देना है, तो किसी ऐसे शख्स को दान दे जो नमाज़ी हो. अगर आप दावत भी दे रहे हैं तो उन्हें बुलाएं, जो नमाज़ी हों. आप उन्हें दान देंगे, पैसे देंगे, तो उससे उनके घर का खर्च चलेगा. वो आपका खाना खाएंगे तो उन्हें ताकत मिलेगी. और उस ताकत को वो अल्लाह के हुकुम मानने में लगाएंगे.

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