'अमेरिका हमें चेतावनी दे रहा', जहाज पर हमले से पहले आदित्य शर्मा ने पिता से क्या कहा था?
MT Settebello US strike: MT सेटेबेलो पर 9 जून को अमेरिका ने ओमान के पास हमला कर दिया था. जहाज पर 24 भारतीय क्रू मेंबर्स थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया. अब खबर है कि तीन लापता मेंबर्स की मौत हो गई है. घटना पर मृतक आदित्य शर्मा के पिता ने बात की. कहा कि उनके बेटे ने तनावपूर्ण स्थिति के बारे में बताया था.

MT सेटेबेलो पर अमेरिका के हमले में मारे गए 23 वर्षीय क्रू मेंबर आदित्य शर्मा ने 7 जून को आखिरी बार अपने पिता से बात की थी. कॉल पर उन्होंने अमेरिकी सेना की ‘चेतावनी’ और पलाऊ के झंडे वाले अपने मर्चेंट टैंकर MT सेटेबेलो पर तनावपूर्ण स्थिति के बारे में बताया था.
MT सेटेबेलो पर 9 जून को अमेरिकी सेना ने ओमान के पास हमला किया था. उसका कहना है कि कि जहाज ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर अमेरिका की तरफ से लगाई गई नाकाबंदी का 'उल्लंघन' करने की कोशिश की थी. जहाज पर 24 भारतीय क्रू मेंबर्स थे. इनमें से 21 को बचा लिया गया. लेकिन 3 मेंबर्स लापता बताए गए. अब खबर है कि तीनों की मौत हो चुकी है. इनमें आदित्य शर्मा भी शामिल हैं.
आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा,
"हमारी लगभग रोज बात होती थी. रविवार को वॉट्सऐप कॉल पर उसने मुझे बताया कि पिछले दो हफ्तों में उन्हें अमेरिकी नौसेना से कम से कम दो बार चेतावनी मिली थी. और जहाज अब भी होर्मुज की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहा था. हम परेशान थे. उसी दिन उनके आस-पास मौजूद एक और जहाज पर हमला हुआ था. लेकिन आदित्य ने हमें भरोसा दिलाया कि उस जहाज पर सवार सभी क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है."
पीड़ित पिता ने आगे बताया,
“जब आदित्य नवंबर (2025) में शिप पर शामिल हुआ था, तब कोई जंग नहीं चल रही थी. उसने हमें बताया था कि जहाज पहले चीन-सिंगापुर रूट पर चला था और अब ओमान जा रहा है. वे मई में ओमान से उतरने (साइन-ऑफ करने) का प्लान बना रहा था. लेकिन बाद में उसने दो महीने और रुकने का फैसला किया. वो डेक कैडेट था और कभी-कभी टावर पर निगरानी का काम भी करता था.”
जवान बेटे की मौत पर दुख जताते हुए पिता राजेश ने कहा कि वे जानना चाहते हैं कि जहाज पर आखिरी पलों में क्या हुआ था. क्या हालात थे, उन्हें बचाने के लिए क्या कोशिश की गई. क्या उन्हें कोई मदद मिली. उन्होंने ये भी सवाल किया कि घटना की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
राजेश शर्मा ने शिपिंग कंपनी की तरफ से उन्हें मिले मैसेज को 10 जून को एक्स पर शेयर किया. इसमें कंपनी ने बताया कि उनकी एक वैसेल पर अटैक हुआ है. जिसमें तीन क्रू मेंबर्स मिसिंग हैं.

राजेश शर्मा ने अखबार से बात करते हुए ये भी मांग की कि सरकार उनके बेटे की बॉडी लाने में मदद करे.
आदित्य शर्मा हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले थे. उन्होंने पंजाब के जालंधर में स्कूली शिक्षा पूरी की. फिर चेन्नई की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से नॉटिकल साइंस की पढ़ाई की. अपनी पहली तैनाती पर जहाज पर जाने से पहले उन्होंने स्कॉटलैंड से नॉटिकल साइंस में एडवांस्ड डिप्लोमा भी लिया था. पिछले साल नवंबर से वो एक कमर्शियल शिप पर डेक कैडेट के तौर पर काम कर रहे थे.
घटना पर सरकार का बयानओमान के पास जहाज पर हुए हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है. सरकार ने घटना पर औपचारिक विरोध दर्ज कराने के लिए नई दिल्ली में अमेरिकी 'चार्ज डी अफेयर्स' को तलब किया. और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच बातचीत और कूटनीति का रास्ता फिर से अपनाने की अपील की.
इंडिया टुडे से जुड़ीं शिवानी शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कमर्शियल शिपिंग पर लगातार हो रहे हमलों को बेहद चिंताजनक बताया. सरकार ने कहा कि वो सेटबेलो हमले में मारे गए तीनों भारतीयों के शवों को वापस लाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही है.
बीती 8 जून को मैरिवेक्स जहाज पर आग लगने की खबर मिली थी. इसके सभी क्रू को बचा लिया गया था. भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों के गुरुवार को देश में लौटने की उम्मीद है.
फिर 11 जून को MT जलवीर जहाज पर हमला हुआ. इसमें सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के हताहत या घायल होने की खबर नहीं है. सरकार के हवाले से बताया गया है कि ये तीनों हमले अमेरिकी सेना ने ही किए हैं.
इस बीच शिपिंग मंत्रालय का कहना है कि इस समय ओमान और उसके आसपास के क्षेत्र में 18 हजार से ज्यादा भारतीय नाविक काम कर रहे हैं.
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