ओमान के समुद्र में एक और भारतीय नाविक की मौत, ठंडी बोतल रख शव बचा रहे साथी
जिस कमर्शियल जहाज पर उर्थनाथन की मौत हुई, उस जहाज को पिछले महीने यानी मई 2026 में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने के शक में US मरीन ने रोक लिया था. इसके बाद मरींस ने पूरे जहाज की तलाशी ली थी.

अमेरिका के नेवल ब्लॉकेड के बीच ईरान में एक और भारतीय नाविक की मौत हो गई. एक ऑयल टैंकर सेलेस्टियल पर मौजूद क्रू मेंबर निशांत उर्थनाथन की तबियत बिगड़ने लगी. लेकिन समय से इलाज न मिल पाने के कारण निशांत नहीं बच सके. उनके साथियों ने उनके शव को प्लास्टिक में लपेटकर पानी की ठंडी बोतलें उस पर रखीं, ताकि शव सड़ने से कुछ हद तक बचा रहे. इस घटना को लेकर ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट किया है.
दूतावास ने बताया कि शव को वापस लाने की कोशिशें जारी हैं. दूतावास ने भारतीय नाविक की मौत पर दुख भी जताया है. दूतावास ने पोस्ट कर लिखा,
भारतीय दूतावास निशांत उर्थनाथन के मामले में स्थानीय ओमानी अधिकारियों, बंदरगाह के अधिकारियों और शिपिंग कंपनी के साथ लगातार संपर्क में है. दुर्भाग्य से MT सेलेस्टियल पर मेडिकल कारणों से उनकी मृत्यु हो गई थी.

दूतावास ने आगे लिखा,
Seaman's Union ने क्या कहा?उम्मीद है कि यह जहाज जल्द ही डुक्म पोर्ट पर लंगर डालेगा. जहाज से शव को जल्द से जल्द निकालने के लिए जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं.
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के अनुसार, नाविक की 11 जून को बीमार पड़ने के बाद मौत हो गई थी. इस मामले में यूनियन ने भारत और ओमान के अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है. 13 जून को यूनियन ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो क्लिप पोस्ट की थी. इस वीडियो मेें एक साथी क्रू मेंबर बीमार दिख रहे निशांत को खाना खिलाने की कोशिश कर रहा था.
अमेरिका ने MT Celestial को रोका था?जिस कमर्शियल जहाज पर उर्थनाथन की मौत हुई, उस जहाज को पिछले महीने यानी मई 2026 में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने के शक में US मरीन ने रोक लिया था. इसके बाद मरींस ने पूरे जहाज की तलाशी ली थी. 20 मई को US सेंट्रल कमांड ने इस पर एक बयान भी जारी किया था. बयान के मुताबिक, तलाशी अभियान के बाद MT सेलेस्टियल को छोड़ दिया गया था. साथ ही इसके क्रू से अपना रास्ता बदलने के लिए कहा गया था.
वीडियो: तीन भारतीय नाविकों की मौत, होर्मुज हमले को लेकर आमने-सामने अमेरिका और ईरान

