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Mhow Gang Rape: 'आरोपी को गोली मार दो या मुझे गोली मार दो', आर्मी ऑफिसर की दोस्त का बयान देने से इनकार

Mhow Gang Rape Case: मध्य प्रदेश के महू में आर्मी अफसरों से लूटपाट और उनकी महिला दोस्त से कथित गैंगरेप मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पीड़िता ने अपना बयान दर्ज कराने से इनकार कर दिया है.

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13 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 13 सितंबर 2024, 04:20 PM IST)
Madhya Pradesh, Gangrape, Army officer
पुलिस ने घटना के तीसरे आरोपी को किया गिरफ्तार (सांकेतिक फोटो)
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मध्य प्रदेश के महू में दो आर्मी अफसरों से लूटपाट की कोशिश (Army officers assault) और उनकी महिला दोस्त से कथित गैंगरेप (Mhow Gangrape) की खबर सामने आई थी. आर्मी ऑफिसर ने FIR में बताया कि उनके साथ मारपीट की गई, जबकि उनकी महिला दोस्त के साथ गैंगरेप भी किया. इस घटना में पुलिस को फिलहाल पीड़िता के बयान का इंतजार है. घटना के बाद पीड़िता सदमे में हैं और उन्होंने अपना बयान दर्ज कराने से इनकार कर दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में एक आर्मी ऑफिसर की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी. उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपियों ने महिला दोस्त के साथ दुर्व्यवहार किया. साथ ही ऑफिसर ने आशंका जताई कि उनकी दोस्त के साथ कुछ गलत हुआ है.

हालांकि मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी जब पीड़िता का बयान दर्ज करने पहुंचे तो उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता लगातार एक ही बात कह रह रही हैं, 

“आरोपी को गोली मार दो या मुझे गोली मार दो.”

ये भी पढ़ें: MP: पिकनिक मनाने गए आर्मी अफसरों के साथ लूट, बंधक बनाया, महिला दोस्त से गैंगरेप

पुलिस अधिकारी के मुताबिक महिला को बयान दर्ज कराने के लिए कई बार मनाने की कोशिश की गई, लेकिन सदमे में होने के कारण वो बयान दर्ज नहीं कर पा रही हैं. इस पूरे मामले को लेकर इंदौर ग्रामीण की पुलिस अधिक्षक हितिका वासल ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,

“पीड़िता फिलहाल अपना बयान दर्ज कराने में सहज नहीं हैं. हम समझ सकते हैं कि इस घटना के बाद वो सदमें हैं. हम उनके ठीक होने तक इंतजार करेंगे. इस मामले में तीन आरोपी अनिल, पवन और रितेश को गिरफ्तार किया है.  बाकी तीन आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी होगी.”

वहीं स्टेट प्रोसिक्यूटर महेंद्र सिंह मुंजाल्दे ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,

“दो आरोपी, अनिल और पवन दोनों को पांच दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. आरोपियों ने पीड़ित का पर्स लूट लिया गया था, और हम उसका पता लगाने के लिए उनकी हिरासत चाहते थे. जबकि गिरफ्तार किए गए तीसरे आरोपी रितेश को 13 सितंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा.”

आरोपियों का रहा है आपराधिक रिकॉर्ड

रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. उन्होंने पहले भी कई घटनाओं को अंजाम दिया है.  अनिक पर साल 2016 में फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले कलेक्शन एक्जीक्यूटिव को लूटने का आरोप लगा था. उनके खिलाफ मानपुर पुलिस थाने में मामला दर्ज है. जबकि साल 2021 में दो परिवारों के बीच विवाद में भी अनिल का नाम सामने आया था. जबकि साल 2021 में पवन के पास से प्रतिबंधित शराब जब्त किए जाने के बाद आबकारी विभाग ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया था. वहीं, रितेश को 2019 में एक हत्या के मामले में बरी कर दिया गया था.

क्या है पूरा मामला?

एफआईआर के मुताबिक सेना के दो अधिकारी अपनी दो महिला दोस्तों के साथ 11 सिंतबर की रात जाम गेट के पास सेना की फायरिंग रेंज में गए थे. दोनों अधिकारी की उम्र 23 और 24 साल है. ये अफसर महू के इन्फैंट्री स्कूल में यंग ऑफिसर्स (YOs) कोर्स कर रहे थे. इसी दौरान 10-11 सितंबर की दरमियानी रात करीब ढाई बजे उन पर करीब 6-7 हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर दिया. उनके पास पिस्तौल, चाकू और लाठियां भी थीं. पुलिस ने बताया कि बदमाशों ने गाड़ी में बैठे एक अफसर और महिला के साथ मारपीट की और बंदूक की नोक पर उन्हें बंधक बनाकर दूसरे अफसर से 10 लाख रुपये फिरौती लाने को कहा. इस दौरान दूसरे अफसर ने मौका ढूंढकर महू में अपने सीनियर्स को घटना की जानकारी दी.

घटना की सूचना मिलने पर मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स भेजी गई, लेकिन गाड़ियों की आवाज सुनकर हमलावर जंगल में भाग चुके थे. चारों पीड़ितों को सुबह करीब साढ़े छह बजे महू सिविल अस्पताल ले जाया गया. FIR के मुताबिक इन आरोपियों ने एक महिला के साथ गैंगरेप को भी अंजाम दिया.जिसके बाद बड़गोंदा पुलिस ने BNS की धारा 70 (सामूहिक बलात्कार), 310-2 (डकैती), 308-2 (जबरन वसूली) और 115-2 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. पुलिस के मुताबिक छह संदिग्धों की पहचान की गई है. जिनमें से तीन गिरफ्तार हो चुके हैं.

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