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मोरबी केबल ब्रिज गिरने की सबसे बड़ी वजह अब सामने आई

ठेकेदार और ओरेवा कंपनी के बीच एक पेज का कॉन्ट्रैक्ट हुआ था, जिसमें सिर्फ एक बात थी, 'पैसा-पैसा'.

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मोरबी पुल हादसे पर नई अपडेट (फोटो- आजतक)
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ज्योति जोशी
3 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 3 नवंबर 2022, 01:04 PM IST)
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मोरबी में हुए पुल हादसे को लेकर पुलिस ने मोरबी नगरपालिका से पूछताछ की है (Morbi Bridge Collapse Update). पता चला है कि पुल को रिपेयर करने से पहले निजी ठेकेदारों ने ढांचे की सही से जांच तक नहीं की थी. जांच में ओरेवा और ठेकेदार कंपनी के बीच हुए एक पेज का कॉन्ट्रैक्ट भी मिला है. बताया गया है कि डॉक्युमेंट में ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि काम कितना और कैसे होगा. सिर्फ पैसों की डील की जानकारी है.

हादसे की जांच कर रहे DSP पीए जाला ने बुधवार, 2 नवंबर को नगरपालिका के मुख्य अधिकारी संदीप सिंह जाला से चार घंटे तक पूछताछ की. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पुलिस को जानकारी मिली है की ओरेवा ने देव प्रकाश फैब्रिकेशन लिमिटेड कंपनी को पुल की मरम्मत का काम दिया था. इस कंपनी को चलाते हैं 63 साल के प्रकाशभाई लालजीभाई परमार और उनके बेटे देवंगभाई प्रकाशभाई परमार. जांच में पता चला है कि कंपनी ने पुल के ढांचे का सही मूल्यांकन किए बिना ही उसे रिपेयर कर दिया.

SVNIT में एप्लाइड मैकेनिक्स एक्सपर्ट और सिविल इंजीनियरिंग प्रोफेसर इंडियन एक्सप्रेस को बताते हैं-

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आगे की जांच में पता लगाया जाएगा कि मरम्मत के वक्त इन बातों का ध्यान रखा गया था या नहीं.

तख्तों को बदला जाना था

रिपोर्ट के मुताबिक, मोरबी नगर पालिका ने इस साल मार्च में ओरेवा ग्रुप की ही कंपनी अजंता को 15 साल का कॉन्ट्रैक्ट दिया था. तभी पुल को मरम्मत के लिए सात महीने के लिए बंद किया गया था. DSP ज़ाला बताते हैं कि साल 2007 में पुल पर लकड़ी के तख्तों को बदलकर तीन-परत के एल्यूमीनियम वाले तख्त लगाए गए थे और इस बार की मरम्मत में इन तख्तों को चार-परत एल्यूमीनियम का बनाया जाना था.

DSP ज़ाला के मुताबिक, ओरेवा और ठेकेदार कंपनी के बीच एक पेज का कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ था. इसमें पुल की मरम्मत के लिए 29 लाख रुपये दिए गए थे. हालांकि क्या काम होगा, कैसे किया जाएगा... इस बात की कोई जानकारी नहीं थी.

हादसे वाले दिन बिके भरपूर टिकट

जांच दल का हिस्सा रहे एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा-

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पुलिस के मुताबिक, रविवार को दुर्घटना वाले दिन अनुमानित 2000-2500 टिकट जारी किए गए थे जो कि सामान्य दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा है. उस दिन शाम करीब साढ़े छह बजे जब पुल टूटा तो उस पर करीब 300 लोग सवार थे.

देखें वीडियो- मोरबी पुल हादसे में सामने आई बड़ी चूक

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