'AK 47 चली, हिंसा के पीछे विधायक', मेवात हिंसा के बाद मोनू मानेसर ने उल्टा क्या आरोप मढ़े?
इंटरव्यू में मोनू मानेसर ने अपने वायरल वीडियो पर क्या सफाई दी?

हरियाणा (Haryana) में जलाभिषेक यात्रा के दौरान भड़की हिंसा के पीछे भिवानी हत्याकांड के आरोपी मोनू मानेसर का नाम सामने आया. अब आज तक के साथ एक्स्क्लूसिव (Exclusive) बातचीत में मोनू मानेसर (Monu Manesar) ने बताया कि वो यात्रा में शामिल नहीं हुआ था. वायरल हो रहे वीडियो को लेकर मोनू ने कहा कि उसमें कोई भड़काऊ बयान नहीं था. जबकि यात्रा से पहले मोनू के इसी वीडियो पर बवाल मचा था. इसमें उसने बाकी लोगों से भी यात्रा में शामिल होने की अपील की थी.
आजतक से जुडे़ जयकिशन शर्मा के साथ बातचीत में मोनू ने कहा,
उस वीडियो में कोई भी भड़काऊ बयान नहीं है. जो भी गोतस्कर हैं जो वहां क्राइम करते हैं, ये उनका काम है. मैंने किसी को भी उकसाने का काम नहीं किया है. ना मैं यात्रा में गया. वहां हमारी हिंदू मां-बेटियों पर गोलियां चलाई गई हैं. AK 47 जैसे आधुनिक हथियारों से गोली चली हैं. इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा. मैं घटना की कड़ी निंदा करता हूं.
यात्रा में जाने का प्लान कैंसिल करने को लेकर मोनू ने कहा,
मुझे बताया गया कि यात्रा में जाने से वहां का माहौल बिगड़ सकता है. मैंने सोचा कि यात्रा नहीं रुकनी चाहिए इसलिए मैं नहीं गया.
मोनू ने आगे कहा,
घटना के लिए वहां के विधायक जिम्मेदार हैं. कांग्रेस विधायक मामन खान. वो मुस्लिमों से कह रहे हैं कि इस लड़ाई में उनका साथ देंगे. एक ही पक्ष ने हिंसा की शुरुआत की. क्या हिंदू अपने मंदिरों में नहीं जा सकता. हमें इंसाफ मिलना चाहिए.
भिवानी हत्याकांड में शामिल होने के आरोपों पर मोनू ने कहा,
मेरा नाम तो बहुत सारे केसों में आया है. यहां एक चूहा भी मरता है तो उसमें भी मेरा नाम आ जाता है. मैंने पहले भी बताया है कि उस मामले में मेरा कोई हाथ नहीं है. सारे आरोप गलत हैं. मैं अपनी बेगुनाही का सबूत दे चुका हूं. जांच के लिए राजस्थान पुलिस और प्रशासन जो भी कर रहे हैं सही कर रहे हैं. किसी एक शख्स को दबाव देकर गिरफ्तार करवाया जाए वो गलत है. हमने किसी को मारा नहीं.
खुद पर लगे बाकी आरोपों को लेकर मोनू ने बताया कि उन्होंने हमेशा प्रशासन के सहयोग के साथ काम किया है. बताया कि वो गायों को बचाते हैं और ये उनका कर्तव्य है.
कौन है मोनू मानेसर?मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर हरियाणा में बजरंग दल की गोरक्षक शाखा का प्रमुख है. साल 2011 में मोनू ने बजरंग दल की सदस्यता ली थी. साथ ही वो हरियाणा सरकार की ‘काऊ टास्क फोर्स' का चेहरा है. इस टास्क फोर्स का काम था मवेशियों की तस्करी और गोकशी के बारे में जानकारी जुटाना और अवैध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई करना. मोनू की टीम में करीब 50 लोग काम करते हैं. उसकी टीम साल 2017 से काफी एक्टिव है. रिपोर्ट के मुताबिक, ये टीम हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर काम करती है.
सोशल मीडिया पर मोनू के काफी ज्यादा फॉलोअर हैं. वो अक्सर विवादों में रहता है. कई विवादित बयान भी सामने आते रहे हैं. वो सोशल मीडिया पर लोगों को पीटते हुए वीडियो डालता है. खतरनाक हथियारों के साथ उसकी कई फोटो मौजूद हैं. पुलिस अधिकारियों के साथ भी उसकी करीबी बताई जाती है. इससे पहले मोनू पर आरोप लगा था कि उसने गोतस्करी कर रहे वारिस नाम के शख्स की पिटाई की, जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.
वीडियो: SP ने नूंह हिंसा से मोनू मानेसर का क्या कनेक्शन बताया? गुरुग्राम तक पहुंची हिंसा

