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कैसे फैल रहा है मंकीपॉक्स? 75 देशों में पहुंच गया, वैज्ञानिक टेंशन में हैं

दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया है.

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27 मई 2022 (अपडेटेड: 24 जुलाई 2022, 03:27 PM IST)
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मंकीपॉक्स टेस्ट (फोटो: रॉयटर्स)
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दुनिया के लगभग 75 देशों में मंकीपॉक्स के मामले सामने आ चुके हैं. बढ़ते मामलों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस बीमारी को वैश्विक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है. WHO के चीफ टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने 23 जुलाई को इसकी घोषणा की. इसी बीच भारत की राजधानी दिल्ली में भी एक व्यक्ति मंकीपॉक्स से संक्रमित पाया गया है. जिसके बाद से देश में मंकीपॉक्स के अब तक कुल 4 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. 

हालांकि ये भी जानना जरूरी है कि मंकीपॉक्स कोई नई बीमारी नहीं है. अफ्रीकी देशों में सालों से इसके मामले सामने आते रहे हैं. लेकिन इस बार मंकीपॉक्स के मामले अफ्रीका के बाहर उन देशों में भी सामने आ रहे हैं, जहां पहले ये बीमारी नहीं होती थी.

हाल में जिन देशों में मंकीपॉक्स के मामले कंफर्म हुए हैं, उनमें भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क हैं. इनके अलावा फिनलैंड, फ्रांस, इटली, यूएई, चेक रिपब्लिक, स्लोवेनिया और जर्मनी भी शामिल हैं. 

दुनिया भर के देशों की क्या तैयारी है?

WHO की ओर से बताया गया कि 75 देशों में 16836 लोग अबतक मंकीपॉक्स की चपेट में आ चुके हैं. वहीं, अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के आंकड़ों के मुताबिक, 22 जुलाई, 2022 तक मंकीपॉक्स के सबसे ज्यादा केस स्पेन में हैं. स्पेन में 3125 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं. इसके बाद अमेरिका में 2890, जर्मनी में 2268, ब्रिटेन में 2208 और फ्रांस में 1567 केस अबतक सामने आ चुके हैं.

इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि अगर मंकीपॉक्स का प्रकोप होता है, तो उसके पास स्मॉलपॉक्स की वैक्सीन का स्टॉक है. जर्मनी ने भी स्मॉलपॉक्स वैक्सीन की 40 हजार डोज ऑर्डर की थीं, ताकि अगर मंकीपॉक्स का प्रकोप बढ़ा तो संक्रमित लोगों के करीबी संपर्क वालों को वैक्सीन लगाई जा सके. फ्रांस में मंकीपॉक्स के तीन मामले सामने आने के बाद अधिकारियों ने टारगेटेड वैक्सीनेशन कैंपेन की घोषणा की थी. 

मंकीपॉक्स वायरस कैसे फैलता है?

मंकीपॉक्स वायरस स्मॉलपॉक्स वायरस की फैमिली से जुड़ा है. मंकीपॉक्स वायरस चूहे, गिलहरी, बंदरों और दूसरे जंगली जानवरों में हो सकता है और कभी-कभी इन जानवरों से इंसानों में आ जाता है. अब सवाल यह कि मंकीपॉक्स वायरस ट्रांसमिट कैसे होता है मतलब कोई इंसान इससे कैसे संक्रमित होता है. वायरस तब फैलता है, जब कोई इंसान इससे संक्रमित जानवर, संक्रमित इंसान या किसी चीज के जरिए इस वायरस के संपर्क में आता है.

अमेरिका की सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेन्शन (CDC) के मुताबिक वायरस कटी हुई स्किन के रास्ते, सांस के जरिए या आंख, नाक या मुंह के रास्ते एंट्री कर सकता है. जानवरों से इंसान में वायरस का ट्रांसमिशन उस जानवर के काटने से या उसकी खरोंच या उसके मीट से हो सकता है. इंसानों-से-इंसानों में ट्रांसमिशन मुख्य तौर पर रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट के जरिए माना जाता है. हालांकि ट्रांसमिशन के अन्य तरीकों में शरीर के फ्लूइड या घाव से जुड़ी चीजों से संपर्क भी शामिल है.

मंकीपॉक्स में बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमर दर्द, ठंड लगना, चेचक की तरह रैशेज जैसे लक्षण सामने आते हैं. 

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