एयर होस्टेस को देखकर हम कभीकभी सोचते हैं कि क्या इनका कभी मूड नहीं खराब होता?हमेशा मुस्कुराती रहती हैं. और इनकी मुस्कान इतनी पवित्र और विनम्र लगती है किइन्हें देखकर लगता ही नहीं इन्होंने लाइफ में कोई भी गलत काम किया होगा. लेकिन एयरहोस्टेस भी इंसान होती हैं और इंसानों में ही वो लोग भी होते हैं जो अपराधों कोअंजाम देते हैं. देवशी कुलश्रेष्ठ भी पिछले 6 महीनों में उड़ते जहाज में लगातार एकअपराध कर रही थी. जिसका अंततः पर्दाफाश हो गया. जब पुलिस ने उसको लगभग साढ़े 3 करोड़रुपयों के साथ पकड़ा. यूं गिरफ्तार हुईइंदिरा गांधी इंटरनेशनल एअरपोर्ट, नई दिल्ली. दिन रविवार. रात साढ़े ग्यारह बजे जेटएयरवेज की फ्लाइट उड़ने की तैयारी में थी. सब कुछ सेट था. जहाज के केबिन क्रू मेंहोने का ये फायदा है कि आप अगर घूमने के शौक़ीन हैं, तो आपको दुनिया भर में उड़ने कामौका मिलेगा. देवशी जब अंदर घुसते हुए पैसेंजर को देखकर मुस्कुराती थी, तब कोई नहींसोचता था कि ये औरत असल में काला धन तस्करी करने वाले रैकेट के रीढ़ की हड्डी होगी.लाखों रुपयों को डॉलर में बदलकर देश के बाहर ठिकाने लगाने का ये काम वो पिछले 6महीने से कर रही थी. और प्रति डॉलर एक रुपया कमा-कमा कर खुद जाने कितने पैसे कमाचुकी थी.पुलिस को संडे की रात ही एक फ़ोन आया. उन्हें खबर मिली कि जेट एयरवेज की फ्लाइट मेंअवैध तरीके से विदेशी पैसा ले जाया जा रहा है. पुलिस फ्लाइट में पहुंची. और देर तकतलाशी के बाद उन्हें डॉलर की गड्डियां बरामद हुई जो रोटी लपेटने वाली एल्यूमिनियमफॉइल में लिपटी हुई थी. इस तरह लाखों रुपयों को डॉलर में बदलकर देश के बाहर ठिकानेलगाने का ये काम वो पिछले 6 महीने से कर रही थी. और प्रति डॉलर एक रुपया कमा-कमा करखुद जाने कितने पैसे कमा चुकी थी.जब माल हॉन्ग-कॉन्ग नहीं पहुंचाजो आवाज अबतक देवशी को महज फोन पर निर्देश दिया करती थी, उसे अब देवशी की तरफ सेकोई जवाब नहीं मिल रहा था. देवशी का फ़ोन ऑफ था क्योंकि वो पुलिस हिरासत में थी.देवशी के पास जो पैसे थे वो जब हॉन्ग-कॉन्ग नहीं पहुंचे तो अमित मल्होत्रा को फोनआने लगे. उसका दिमाग खराब हो गया. पसीने छूट गए. पता पड़ा कि 11:30 बजे उड़ने वालीफ्लाइट सुबह 4 बजे उड़ी थी.जांच के कारण फ्लाइट 5 घंटे लेट उड़ी थी.पुलिस को इधर देवशी के जरिए मल्होत्रा का पता चल गया. और सोमवार देर रात उसेगिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल पुलिस देवशी के पति से पूछताछ में लगी है. पुलिस कोयकीन है कि वो भी इसमें शामिल था. क्योंकि देवशी की इस बिजनेस से काफी कमाई हो गईथी. और ये मुमकिन नहीं है कि उसके बढ़ते बैंक बैलेंस के बारे में उसके पति को नमालूम हो.मल्होत्रा और देवशी मिलकर क्या काम करते थे?अमित मल्होत्रा एक टूर कंपनी चलाता था. जो असल में पैसे इधर-उधर करने का काम करतीथी. लगभग 20 व्यापारियों के संपर्क में था वो. ये व्यापारी अपना काला धन इसके हवालेकर देते थे. ये उनको डॉलर में बादलवा कर देवशी के हाथों बाहर भेज देता था. विदेशमें या तो ये किसी बैंक अकाउंट में सुरक्षित कर दिए जाते थे या फिर किसी बोगस कंपनीमें लगा दिए जाते थे. इससे व्यापारियों का काला धन सफ़ेद हो जाता था और मल्होत्रा हरस्मगल पर अपना कमीशन निकाल लेता था.देवशी ने रेड में बताया कि उसे पता नहीं अमाउंट कितना था.मल्होत्रा के पास से ढाई हजार डॉलर और साढ़े 3 लाख भारतीय रुपये बरामद हुए हैं.और लोग भी शामिल हैंडायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की मानें तो अभी तो बहुत लोग अरेस्टहोंगे. DRI को शक है कि मल्होत्रा ने और भी केबिन क्रू मेंबर्स को इस खेल में शामिलकर रखा होगा.अल्मुनिया फॉइल खेल कर गईकहते हैं एल्युमिनियम फ़ॉइल एक्स रे में पकड़ में नहीं आती है. हालांकि इसका हमारेपास कोई प्रूफ नहीं है.ऐसा कुछ अखबारों का कहना है कि फॉइल एक्स-रे में पकड़ में नहीं आता. क्योंकि वो रेको ब्लॉक कर देता है. इसलिए फॉइल के पीछे का सामान दिखता नहीं है.फ़िलहाल मल्होत्रा और देवशी तिहाड़ जेल में हैं.