The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • mojtaba khamenei alive says russian envoy in iran Alexey Yurievich Dedov death rumors

'मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं और... ', रूस ने ईरान के सुप्रीम लीडर की हालत पर पूरी बात बताई

Mojtaba Khamenei Is Alive: सुप्रीम लीडर बनने के बाद से मोजतबा खामेनेई को सार्वजनिक रूप से न तो देखा गया है और न ही उनकी आवाज सुनी गई है. उनकी सेहत को लेकर भी तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. अब ईरान में रूसी राजदूत ने बताया कि ईरान के आलाकमान सही सलामत हैं.

Advertisement
pic
1 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 12:58 PM IST)
mojtaba khamenei
मोजतबा खामेनेई ईरान में सही सलामत हैं. (फोटो-AP)
Quick AI Highlights
Click here to view more

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) की सुध मिल गई है. 'वो ज़िंदा हैं और ईरान में हैं'. ये दावा है ईरान में मौजूद रूसी राजदूत का. उनका कहना है कि ईरान के आलाकमान सही सलामत हैं. सुप्रीम लीडर बनने के बाद से खामेनेई को सार्वजनिक रूप से न तो देखा गया है और न ही उनकी आवाज सुनी गई है. उनकी सेहत को लेकर भी तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. ऐसे में ये बयान ईरानियों के लिए राहत की बात है. 

ये बयान ईरान में रूसी राजदूत एलेक्सी देदोव ने दिया है (Russian Ambassador Alexey Dedov). एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़ उन्होंने कहा,  

‘सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ईरान में हैं. वो सार्वजानिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं. अमेरिका-इजरायल के खिलाफ चल रही जंग के कारण वो ऐसा कर रहे हैं.’

सुप्रीम लीडर को लेकर कई अटकलें सामने आ रही थीं. जंग के दौरान उनके कई पैगाम नेशनल टेलीविज़न पर पढ़े गए. लेकिन उनपर भी सवाल उठा कि खामेनेई खुद सामने क्यों नहीं आ रहे हैं? अब एलेक्सी देदोव के बयान ने इन अटकलों पर लगाम लगा दी है.

मोजतबा खामेनेई ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बेटे हैं. पश्चिम एशिया में चल रही जंग के दौरान अली खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हो गई थी. जिसके बाद ईरान की सत्ता मोजतबा के हाथ में आ गई. कुछ दिन पहले मोजतबा खामेनेई ने एक लिखित मैसेज में इराक के लोगों का शुक्रिया अदा किया था. मगर इसे पढ़ने खुद सामने नहीं आए थे. 

ये भी पढ़ें: मोजतबा खामेनेई का फिर आया संदेश, पर जिंदा हैं या नहीं, जवाब इस बार भी नहीं मिला

करीब दो हफ्ते पहले अंग्रेजी अखबार ‘द सन’ की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मोजतबा खामेनेई कथित तौर पर कोमा में हैं. और एक हवाई हमले के दौरान उन्होंने अपना एक पैर भी खो दिया है. दावा किया गया कि मोजतबा के पेट और लिवर में भी गंभीर चोटें आई हैं. प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने ये भी दावा कर दिया था कि उनकी मौत हो गई है. 

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया कि मोजतबा अपने इलाज के लिए रूस गए थे. उन्हें खुद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने न्यौता भेजा था. लेकिन इन दावों के कोई पुख़्ता सबूत नहीं पेश किए गए. रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान और रूस के कूटनीतिक रिश्ते मज़बूत हैं. पिछले साल दोनों देशों के बीच एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप ट्रीटी भी साइन हुई थी. ये बयान इस पार्टनरशिप की बानगी पेश करता है.  

वीडियो: मोजतबा ख़ामनेई ने अपने ज़िंदा होने का दिया सबूत, किसे भेजा अपना पैगाम?

Advertisement

Advertisement

()