समय बचाने के लिए करना है विश्राम!
पीएम मोदी कहते हैं कि मुझे ज्यादा से ज्यादा बटन दबाने हैं. इसलिए विदेश दौरों के दौरान वो होटल पर नहीं रुकते. फ्लाइट में ही सो जाते हैं.
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फोटो - thelallantop
पीएम मोदी जमके विदेश यात्राएं कर रहे हैं. यहां का काम भी देखना है. राउंड बहुत ज्यादा हों और टाइम कम. तो सारा काम ऑन टाइम कैसे निपटाया जाए. पीएम ने इसके लिए जुगाड़ निकाला. इन थकाऊ उबाऊ यात्राओं से निकलने के बाद होटल में बहुत कम रुकते हैं. खाली सोना ही हो, अगले दिन कहीं और जाना हो, तो प्लेन में ही सो लेते हैं.
अभी क्या हुआ कि 30 मार्च से 2 अप्रैल तक टूर में थे. बेल्जियम, अमेरिका और सऊदी अरब का टूर. इस दौरान पीएम की तीन रातें एयर इंडिया वन प्लेन में बीतीं. दिल्ली से उड़े ब्रूसेल्स, ब्रूसेल्स से वाशिंगटन. फिर वहां से रियाद. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के हिसाब से वो सिर्फ दो रातें होटल में रुके. अगर पीएम प्लेन में न सोते तो 6 दिन से पहिले लौट के आने का सवाल ही नहीं था. और सुनो. सोने के लिए लक्जरी बेड की डिमांड नहीं करते. जहां बैठे हों वहीं खुद को कम्फर्टेबल फील करा कर सो लेते हैं.
पहले वाले पीएम मनमोहन सिंह लंबे टूर करते थे. उनके मुकाबले मोदी ने ज्यादा टूर किए हैं. 2 साल का पीरियड देखो तो मोदी के 95 दिन बाहर बीते हैं. मनमोहन के सिर्फ 72 बीते थे. मोदी 20 ट्रिप में 40 देश घूम आए हैं. ये आंकड़ा भी मतलब भर का है भाईसाब.
मोदी कहते हैं कि "मुझे ज्यादा से ज्यादा बटन दबाने हैं. मेरे अंदर असीमित एनर्जी है." तभी तो 30 मार्च को आधी रात में प्लने हंका दिए कि भैया सेल्फ मारो. चलते हैं. रात में ही सो लिए और ब्रूसेल्स में सुबह के 6 बजते ही धावा मार दिया.

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