क्या है ये प्रधानमंत्री युवा रोजगार योजना, जिसमें रोज 500-1000 रुपए मिलने की बात है?
इसके ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के लिंक व्हाट्सऐप पर खूब शेयर हो रहे हैं.
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व्हाट्सऐप पर खूब शेयर हो रहे हैं ऐसे मैसेज.
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हमारी दो टीमें गुजरात चुनाव के समय फील्ड में गई थीं. वहां एक रैली कवर करते हुए मेरे सहयोगी अमित की कुछ युवाओं से बात हुई. वो बड़ी मजेदार बातचीत है. उसमें एक युवक बड़े गुस्से में था. बोला- यहां कोई पत्थर उठाकर फेंको. वो पत्थर किसी बेरोजगार पर ही पड़ेगा.
सार ये कि बेरोजगारी बहुत बढ़ गई है. चपरासी की वेकैंसी आती है और बीएड किए लड़के-लड़कियां फॉर्म भर देते हैं. ऐसी हालत है, तो सरकार क्या कर रही है? लंबी-चौड़ी पॉलिसी लिखें, आंकड़े गिनाएं और नीति आयोग का कच्चा-चिट्ठा लिखें. भारी हो जाएगा न मगर ये सब? इसीलिए एक लाइन में सबूत देते हैं. कि मोदी सरकार 'स्किल इंडिया मिशन' के तहत हर शिक्षित और काबिल युवा को रोजगार बांट रही है. इसके लिए क्या करना होगा? बस ऑनलाइन रजिस्टर करना होगा. एक रजिस्ट्रेशन और नौकरी मिल जाएगी. ये सब हम नहीं कह रहे हैं. लोगों के पास मेसेज आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यही वायरल मेसेज हमारी आज की पड़ताल है.
क्या वायरल हो रहा है? हमारे कुछ पाठकों ने हमें मेसेज भेजा. बताया कि उनके पास कुछ ऐसे मेसेज मिले हैं, जिसके मुताबिक सरकार अब युवाओं में नौकरियां बांट रही है. मेसेज में लिखा है-
हालांकि मेरे पास नौकरी है. फिर भी मैंने सोचा क्यों न रजिस्टर कर लूं. देखना भी हो जाएगा और रोज के 1,000 रुपयों का भी इंतजाम हो जाएगा. हमें जो मिला, वो आपको स्टेप बाय स्टेप नीचे बताते हैं.
क्या है इस 'नौकरी बांटने' वाले मेसेज का सच? पहले बताते हैं कि http://get-employment-under-skillindiayojna.in/ वाले लिंक पर क्या मिला. लिंक क्लिक करने पर एक पेज खुलता है. सबसे ऊपर PM मोदी की तस्वीर है. ऊपर बोल्ड अक्षरों में लिखा है- स्किल इंडिया मिशन. इसी पेज पर नीचे की तरफ एक फॉर्म है. इसमें चार कॉलम हैं. नाम, मोबाइल नंबर, राज्य और शहर का नाम. आपको इन चारों कॉलम के अंदर जानकारी भरनी है. नीचे की तरफ हरे रंग का एक टैब है. उस पर लिखा है- रजिस्टर नाऊ. नीचे स्क्रीनशॉट देखिए.

आप उस लिंक पर क्लिक करते ही यहां पहुंचते हैं.

ये इसी पेज के नीचे का हिस्सा है. जिसमें चार कॉलम हैं.

आप इन चारों कॉलम को खाली छोड़कर भी अगर रजिस्टर नाऊ पर क्लिक करें, तो अगला पेज खुल जाएगा. गजब बात है, है न.
मैंने किसी कॉलम में कुछ नहीं भरा. बिना कोई जानकारी दिए ही रजिस्टर नाऊ पर क्लिक किया. और इतनी मासूम वेबसाइट कि बिना कोई जानकारी लिए ही आगे खुल गई. अगला पेज खुला. उस पर लहराता तिरंगा बना था. बीच में अशोक चक्र, काले रंग का. और बड़े-बड़े बोल्ड फॉन्ट में 'स्किल इंडिया' लिखा हुआ. नीचे दो टैब थे. एक हरा. जिसके ऊपर लिखा था- शेयर ऑन वॉट्सऐप. दूसरा नीले रंग का टैब. उसके ऊपर लिखा है- गेट रजिस्ट्रेशन नंबर.

ये अगला पेज

वॉट्सऐप वाले उस टैब के ऊपर कॉलम जैसा वो टैब दिख रहा है. आप हरे टैब पर कई बार क्लिक करेंगे, तब जाकर वो भरेगा. फिर उसके बाद ही वीचे रजिस्ट्रेशन वाले टैब पर क्लिक करने से अगला पेज खुलेगा.
आपको पहले शेयर ऑन वॉट्सऐप पर क्लिक करना होगा. और कई बार लगातार क्लिक करना होगा. हर क्लिक पर उस टैब के ऊपर बना खाना भरता जाएगा. जब वो भर जाएगा, तब आपको उस 'गेट रजिस्ट्रेशन नंबर' वाले टैब को क्लिक करना है. अगर शेयर ऑन वॉट्सऐप को भरे बिना आपने रजिस्ट्रेशन नंबर वाले टैब पर क्लिक किया, तो ऊपर ये मेसेज लिखा आ जाएगा-

जब तक ये वॉट्सऐप वाला कॉलम नहीं भरेंगे, तब तक प्रॉसेस पूरा नहीं होगा.
वॉट्सऐप पर शेयर करने के बाद जब रजिस्ट्रेशन वाले नंबर पर क्लिक किया, तो ये पेज खुलकर आया. मोदी जी की तस्वीर, बीजेपी का चुनाव चिह्न और 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त का उनका नारा- अच्छे दिन आने वाले हैं अबकी बार मोदी सरकार. नीचे स्क्रीनशॉट देखिए.

ये तो मोदी जी के सरकार बनने के पहले का नारा है.

सबसे ऊपर ऐप डाउनलोड करने वाला टैब.
इस पेज पर भी दो टैब हैं. ऊपर काला. इसपर लिखा है- डाउनलोड आवर ऐप. नीचे लाल रंग का टैब. इसपर लिखा है- गेट युअर रजिस्ट्रेशन नंबर. मतलब आपको पहले 'इनका' ऐप डाउनलोड करना है. फिर रजिस्ट्रेशन नंबर वाला टैब. बिना ऐप डाउनलोड किए रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं होगा. वो सब किया, तो अगला पेज खुला. टन टनन. ये जो पेज खुला, इससे हमारा पहले भी वास्ता पड़ चुका है. बाईं तरफ ऐश्वर्या रॉय. दाहिनी तरफ नेहा शर्मा. जो मुझे पहले इलयाना डी क्रूज लगी थीं. लेकिन फिर पाठकों ने कमेंट बॉक्स में लिखकर बताया कि ये नेहा शर्मा हैं. इस पेज के स्क्रीनशॉट्स नीचे देखिए. नीचे स्क्रीनशॉट्स देखिए.

इसी पेज के निचले हिस्से के स्क्रीनशॉट्स नीचे लगाए हैं.



अब आप पेज पर दिख रहे लाल रंग के हिलते-डुलते टैब पर क्लिक करते हैं. जिसपर लिखा है- 50 रुपये पाने के लिए क्लिक करें. कहां तो रोज 500 से 1,000 रुपये देने का वादा था. और कहां ये 50 रुपये के वादे पर आ गया. अच्छा. एक चीज और देखिएगा. कि यहां आपकर ऊपर वेबसाइट पर नाम भी बदल जाता है. इसका नाम अब हो गया है- http://ndog.co/g/syk93b/ इसके ऊपर क्लिक करते ही एक पेज खुलता है. इसके ऊपर गूगल प्ले लिखा है. नीचे मेसेज दिखाते हैं कि गूगल प्ले स्टोर खुल रहा है. उसके नीचे लिखा है कि अगर खुलने में देरी हो रही हो, तो हम सीधे फाइल डाउनलोड कर सकते हैं.

ये आपको कभी गूगल प्ले स्टोर पर नहीं ले जाएगा. चाहे आप सालभर तक ये पेज खोलकर लोड होने का इंतजार करें.
हमने बड़ी देर तक इंतजार किया. लेकिन गूगल प्ले स्टोर नहीं खुला. तब हमने डाउनलोड पर क्लिक किया. फटाक के मेरे लैपटॉप में न्यूजडॉग का ऐप डाउनलोड हो गया. इसका मकसद पूरा हो गया. बाकी वो रजिस्ट्रेशन नंबर? तो उसको भूल जाइए. वो ऑप्शन ही गायब हो जाता है. सारा ड्रामा बस आपसे ये ऐप डाउनलोड करवाने के लिए था.
ये न्यूजडॉग वाले बहुत मेहनत कर रहे हैं. लोगों से ऐप डाउलोड करवाने के लिए इन्होंने 'रजिस्टर करके मुफ्त में सोलर पैनल पाएं' वाला मेसज भी चलाया हुआ है. उसका सच हम आपको पहले ही बता चुके हैं. अगर आप उस वाली पड़ताल को पढ़ना चाहते हैं, तो यहां क्लिक कीजिए.
अब बारी वो दूसरे वाले मेसेज की. जिसका लिंक है- http://www.modi-rozgar-yojna.in/ इसकी पड़ताल में भी हमारे हाथ न्यूजडॉग ही लगा. एक ही चीज कितनी बार लिखें. सो नीचे बारी-बारी से स्क्रीनशॉट्स लगा रहे हैं. कि लिंक खोलने पर क्या मिला, उसके आगे बढ़ने पर क्या मिला. देखिए और समझ जाइए.








एक ऐप डाउनलोड करवाने के लिए इन लोगों ने लगता है खूब बड़ी टीम लगा रही है. उल्टे-सीधे तरीके से वो लोगों के हाथों ऐप डाउनलोड करवा रहे हैं. कभी फ्री सोलर पैनल बांटने के नाम पर. कभी बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम पर. न्यूजडॉग ऐप के इस फर्जी डाउनलोड वाली स्कीम के तीन मामले हमारे सामने आए हैं अब तक. और तीनों ही में सरकार के नाम का इस्तेमाल किया गया है. वैसे सरकारी नाम का इस्तेमाल करके अपना प्रॉडक्ट तो रिलायंस और पेटीएम ने भी बेचा था. नोटबंदी के समय. अखबारों के फ्रंट पेज पर मोदी जी के चेहरे के साथ ऐड दिया था. बड़े खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री के चेहरे का इस्तेमाल किया. अब छोटे खिलाड़ी कर रहे हैं. सरकार के नाम का इस्तेमाल करने से लोग आसानी से झांसे में आ जाते हैं न. शायद यही सोचकर. खैर. आप झांसे में मत आइएगा. कोई भी आपको ये मेसेज भेजे, तो आप उसे हमारी पड़ताल का लिंक भेज दीजिएगा. जागरूक रहिए और जागरूक करिए. दुनिया ऐसे ही बचेगी.
अगर आपको भी ऐसा या इस टाइप का कोई वायरल मेसेज मिलता या दिखता है और आप उसका सच जानना चाहते हैं, तो हमें मेसेज करके बताइए. हम उसकी पड़ताल करेंगे. आप हमें lallantopmail@gmail.com पर मेल कर सकते हैं. या फिर हमारे फेसबुक पर हमें इनबॉक्स कर सकते हैं.
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सार ये कि बेरोजगारी बहुत बढ़ गई है. चपरासी की वेकैंसी आती है और बीएड किए लड़के-लड़कियां फॉर्म भर देते हैं. ऐसी हालत है, तो सरकार क्या कर रही है? लंबी-चौड़ी पॉलिसी लिखें, आंकड़े गिनाएं और नीति आयोग का कच्चा-चिट्ठा लिखें. भारी हो जाएगा न मगर ये सब? इसीलिए एक लाइन में सबूत देते हैं. कि मोदी सरकार 'स्किल इंडिया मिशन' के तहत हर शिक्षित और काबिल युवा को रोजगार बांट रही है. इसके लिए क्या करना होगा? बस ऑनलाइन रजिस्टर करना होगा. एक रजिस्ट्रेशन और नौकरी मिल जाएगी. ये सब हम नहीं कह रहे हैं. लोगों के पास मेसेज आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यही वायरल मेसेज हमारी आज की पड़ताल है.
क्या वायरल हो रहा है? हमारे कुछ पाठकों ने हमें मेसेज भेजा. बताया कि उनके पास कुछ ऐसे मेसेज मिले हैं, जिसके मुताबिक सरकार अब युवाओं में नौकरियां बांट रही है. मेसेज में लिखा है-
कौशल विकास अभियान 2018 'स्किल इंडिया मिशन' के तहत अब हर शिक्षित और काबिल युवाओं को मिलेगा रोजगार जिससे आप कमा सकते है 500 से 1000 रुपये प्रतिदिन. अभी ऑनलाइन रजिस्टर करें.इसके अलावा एक और मेसेज है. इसी कड़ी और इसी टाइप का. इसमें लिखा है-
एक कदम देश के विकास की और. प्रधानमंत्री युवा रोजगार योजना. मोदी सरकार दे रही है घर बैठे युवाओं को जॉब जिससे आप कमा सकते हैं 500 से 1000 रुपये प्रति दिन. अभी ऑनलाइन रजिस्टर करें.पहले वाले मेसेज के साथ एक लिंक है- http://get-employment-under-skillindiayojna.in दूसरे वाले मेसेज के साथ लिंक है- http://modi-rozgar-yojna.in
हालांकि मेरे पास नौकरी है. फिर भी मैंने सोचा क्यों न रजिस्टर कर लूं. देखना भी हो जाएगा और रोज के 1,000 रुपयों का भी इंतजाम हो जाएगा. हमें जो मिला, वो आपको स्टेप बाय स्टेप नीचे बताते हैं.
क्या है इस 'नौकरी बांटने' वाले मेसेज का सच? पहले बताते हैं कि http://get-employment-under-skillindiayojna.in/ वाले लिंक पर क्या मिला. लिंक क्लिक करने पर एक पेज खुलता है. सबसे ऊपर PM मोदी की तस्वीर है. ऊपर बोल्ड अक्षरों में लिखा है- स्किल इंडिया मिशन. इसी पेज पर नीचे की तरफ एक फॉर्म है. इसमें चार कॉलम हैं. नाम, मोबाइल नंबर, राज्य और शहर का नाम. आपको इन चारों कॉलम के अंदर जानकारी भरनी है. नीचे की तरफ हरे रंग का एक टैब है. उस पर लिखा है- रजिस्टर नाऊ. नीचे स्क्रीनशॉट देखिए.

आप उस लिंक पर क्लिक करते ही यहां पहुंचते हैं.

ये इसी पेज के नीचे का हिस्सा है. जिसमें चार कॉलम हैं.

आप इन चारों कॉलम को खाली छोड़कर भी अगर रजिस्टर नाऊ पर क्लिक करें, तो अगला पेज खुल जाएगा. गजब बात है, है न.
मैंने किसी कॉलम में कुछ नहीं भरा. बिना कोई जानकारी दिए ही रजिस्टर नाऊ पर क्लिक किया. और इतनी मासूम वेबसाइट कि बिना कोई जानकारी लिए ही आगे खुल गई. अगला पेज खुला. उस पर लहराता तिरंगा बना था. बीच में अशोक चक्र, काले रंग का. और बड़े-बड़े बोल्ड फॉन्ट में 'स्किल इंडिया' लिखा हुआ. नीचे दो टैब थे. एक हरा. जिसके ऊपर लिखा था- शेयर ऑन वॉट्सऐप. दूसरा नीले रंग का टैब. उसके ऊपर लिखा है- गेट रजिस्ट्रेशन नंबर.

ये अगला पेज

वॉट्सऐप वाले उस टैब के ऊपर कॉलम जैसा वो टैब दिख रहा है. आप हरे टैब पर कई बार क्लिक करेंगे, तब जाकर वो भरेगा. फिर उसके बाद ही वीचे रजिस्ट्रेशन वाले टैब पर क्लिक करने से अगला पेज खुलेगा.
आपको पहले शेयर ऑन वॉट्सऐप पर क्लिक करना होगा. और कई बार लगातार क्लिक करना होगा. हर क्लिक पर उस टैब के ऊपर बना खाना भरता जाएगा. जब वो भर जाएगा, तब आपको उस 'गेट रजिस्ट्रेशन नंबर' वाले टैब को क्लिक करना है. अगर शेयर ऑन वॉट्सऐप को भरे बिना आपने रजिस्ट्रेशन नंबर वाले टैब पर क्लिक किया, तो ऊपर ये मेसेज लिखा आ जाएगा-

जब तक ये वॉट्सऐप वाला कॉलम नहीं भरेंगे, तब तक प्रॉसेस पूरा नहीं होगा.
वॉट्सऐप पर शेयर करने के बाद जब रजिस्ट्रेशन वाले नंबर पर क्लिक किया, तो ये पेज खुलकर आया. मोदी जी की तस्वीर, बीजेपी का चुनाव चिह्न और 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त का उनका नारा- अच्छे दिन आने वाले हैं अबकी बार मोदी सरकार. नीचे स्क्रीनशॉट देखिए.

ये तो मोदी जी के सरकार बनने के पहले का नारा है.

सबसे ऊपर ऐप डाउनलोड करने वाला टैब.
इस पेज पर भी दो टैब हैं. ऊपर काला. इसपर लिखा है- डाउनलोड आवर ऐप. नीचे लाल रंग का टैब. इसपर लिखा है- गेट युअर रजिस्ट्रेशन नंबर. मतलब आपको पहले 'इनका' ऐप डाउनलोड करना है. फिर रजिस्ट्रेशन नंबर वाला टैब. बिना ऐप डाउनलोड किए रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं होगा. वो सब किया, तो अगला पेज खुला. टन टनन. ये जो पेज खुला, इससे हमारा पहले भी वास्ता पड़ चुका है. बाईं तरफ ऐश्वर्या रॉय. दाहिनी तरफ नेहा शर्मा. जो मुझे पहले इलयाना डी क्रूज लगी थीं. लेकिन फिर पाठकों ने कमेंट बॉक्स में लिखकर बताया कि ये नेहा शर्मा हैं. इस पेज के स्क्रीनशॉट्स नीचे देखिए. नीचे स्क्रीनशॉट्स देखिए.

इसी पेज के निचले हिस्से के स्क्रीनशॉट्स नीचे लगाए हैं.



अब आप पेज पर दिख रहे लाल रंग के हिलते-डुलते टैब पर क्लिक करते हैं. जिसपर लिखा है- 50 रुपये पाने के लिए क्लिक करें. कहां तो रोज 500 से 1,000 रुपये देने का वादा था. और कहां ये 50 रुपये के वादे पर आ गया. अच्छा. एक चीज और देखिएगा. कि यहां आपकर ऊपर वेबसाइट पर नाम भी बदल जाता है. इसका नाम अब हो गया है- http://ndog.co/g/syk93b/ इसके ऊपर क्लिक करते ही एक पेज खुलता है. इसके ऊपर गूगल प्ले लिखा है. नीचे मेसेज दिखाते हैं कि गूगल प्ले स्टोर खुल रहा है. उसके नीचे लिखा है कि अगर खुलने में देरी हो रही हो, तो हम सीधे फाइल डाउनलोड कर सकते हैं.

ये आपको कभी गूगल प्ले स्टोर पर नहीं ले जाएगा. चाहे आप सालभर तक ये पेज खोलकर लोड होने का इंतजार करें.
हमने बड़ी देर तक इंतजार किया. लेकिन गूगल प्ले स्टोर नहीं खुला. तब हमने डाउनलोड पर क्लिक किया. फटाक के मेरे लैपटॉप में न्यूजडॉग का ऐप डाउनलोड हो गया. इसका मकसद पूरा हो गया. बाकी वो रजिस्ट्रेशन नंबर? तो उसको भूल जाइए. वो ऑप्शन ही गायब हो जाता है. सारा ड्रामा बस आपसे ये ऐप डाउनलोड करवाने के लिए था.
ये न्यूजडॉग वाले बहुत मेहनत कर रहे हैं. लोगों से ऐप डाउलोड करवाने के लिए इन्होंने 'रजिस्टर करके मुफ्त में सोलर पैनल पाएं' वाला मेसज भी चलाया हुआ है. उसका सच हम आपको पहले ही बता चुके हैं. अगर आप उस वाली पड़ताल को पढ़ना चाहते हैं, तो यहां क्लिक कीजिए.
अब बारी वो दूसरे वाले मेसेज की. जिसका लिंक है- http://www.modi-rozgar-yojna.in/ इसकी पड़ताल में भी हमारे हाथ न्यूजडॉग ही लगा. एक ही चीज कितनी बार लिखें. सो नीचे बारी-बारी से स्क्रीनशॉट्स लगा रहे हैं. कि लिंक खोलने पर क्या मिला, उसके आगे बढ़ने पर क्या मिला. देखिए और समझ जाइए.








एक ऐप डाउनलोड करवाने के लिए इन लोगों ने लगता है खूब बड़ी टीम लगा रही है. उल्टे-सीधे तरीके से वो लोगों के हाथों ऐप डाउनलोड करवा रहे हैं. कभी फ्री सोलर पैनल बांटने के नाम पर. कभी बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम पर. न्यूजडॉग ऐप के इस फर्जी डाउनलोड वाली स्कीम के तीन मामले हमारे सामने आए हैं अब तक. और तीनों ही में सरकार के नाम का इस्तेमाल किया गया है. वैसे सरकारी नाम का इस्तेमाल करके अपना प्रॉडक्ट तो रिलायंस और पेटीएम ने भी बेचा था. नोटबंदी के समय. अखबारों के फ्रंट पेज पर मोदी जी के चेहरे के साथ ऐड दिया था. बड़े खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री के चेहरे का इस्तेमाल किया. अब छोटे खिलाड़ी कर रहे हैं. सरकार के नाम का इस्तेमाल करने से लोग आसानी से झांसे में आ जाते हैं न. शायद यही सोचकर. खैर. आप झांसे में मत आइएगा. कोई भी आपको ये मेसेज भेजे, तो आप उसे हमारी पड़ताल का लिंक भेज दीजिएगा. जागरूक रहिए और जागरूक करिए. दुनिया ऐसे ही बचेगी.
अगर आपको भी ऐसा या इस टाइप का कोई वायरल मेसेज मिलता या दिखता है और आप उसका सच जानना चाहते हैं, तो हमें मेसेज करके बताइए. हम उसकी पड़ताल करेंगे. आप हमें lallantopmail@gmail.com पर मेल कर सकते हैं. या फिर हमारे फेसबुक पर हमें इनबॉक्स कर सकते हैं.
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