आदमी आराम से खाना खा रहा था, तभी जेब में मोबाइल फट गया
वीडियो देखकर आंखें फैल जाएंगी.

क्लिक करके आर्टिकल खोला है, तो पूरा मामला जानकर ही जाएंगे. लेकिन ये जो हुआ है, बहुत बुरा हुआ यार. मतलब ऐसा किसी के साथ नहीं होना चाहिए. बताइए, एक भला आदमी रेस्ट्रॉन्ट में बैठकर खाना खा रहा था. शर्ट की जेब में फोन रखे हुए था और खाने के बीच में ही फोन ब्लास्ट हो गया. शर्ट धुआं छोड़ने लगी. छाती में चोट लग गई और आदमी को उठकर भागना पड़ा.
घटना 4 जून की है. मुंबई के भांडुप इलाके की. यहां 'बगीचा' नाम का रेस्ट्रॉन्ट है. इसकी CCTV फुटेज सामने आई है. इसमें उस आदमी के सिर का थोड़ा सा हिस्सा दिख रहा है. कोने में बैठा रहा होगा. लेकिन मोबाइल में ब्लास्ट होते ही वो अपनी कुर्सी पर उछल पड़ता है.
उसके फोन में आग लगी होती है, जिससे धुआं निकल रहा होता है. वो हड़बड़ाहट में फोन को जेब से निकालकर फेंक देता है. तब तक उसकी शर्ट भी धुआं छोड़ने लगती है. रेस्ट्रॉन्ट में इतना धुआं भर जाता है कि बाकी लोग भी जलते मोबाइल को देखकर भागने लगते हैं. अब यार कौन चाहेगा कि किसी का फोन उनके लिए बम साबित हो. तो दुकान में एकदम अफरा-तफरी वाला माहौल हो गया था.
#WATCH
— ANI (@ANI) June 5, 2018
: Mobile phone blasts in man's pocket in Mumbai's Bhandup. (Source: CCTV Footage) (4.6.2018) pic.twitter.com/2oC9uudHq6
जिसके साथ ये हादसा हुआ, उसक छाती में चोट आई, जिसके बाद उसे पास के ही एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. वैसे ये अपनी तरह का कोई पहला मामला नहीं है. पहले भी मोबाइल में ब्लास्ट होने और इससे लोगों के घायल होने के मामले सामने आए हैं.
इसी साल मार्च में उड़ीसा के झरसूगुड़ा से खबर आई थी, जिसमें मोबाइल ब्लास्ट होने की वजह से 18 साल की एक लड़की की मौत हो गई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक वो फोन पर बात कर रही थी और उस समय उसका फोन चार्ज़िंग पर लगा हुआ था.

ओडिशा वाले मामले की तस्वीर
अप्रैल में उड़ीसा के गंजम जिले से खबर आई थी, जिसमें मोबाइल की बैट्री फटने की वजह से चार बच्चे घायल हो गए थे. उनके हाथों और छाती पर चोटें आई थीं. ये ब्लास्ट तब हुआ, जब उन बच्चों में से एक उस फोन को खराब हो चुके हाई वोल्टेज चार्जर से कनेक्ट कर रहा था.
तो भइया, ये मोबाइल-ओबाइल सब मशीनें हैं. इन पर आंख बंद करके भरोसा करने लायक है नहीं. इनका यूज़ करते समय सावधानी बरतें. फोन ज़्यादा पुराना हो गया हो, गरम हो रहा हो, तो बदल लें. चार्ज़र वगैरह का भी ध्यान रखें. प्रकृति सबका भला करे.

