JNU से लड़का गायब है. नजीब अहमद. उसे खोजने की रिक्वेस्ट से प्रोटेस्ट तक के दौरचल रहे हैं. फिर भी दिल्ली पुलिस के हाथ कुछ लगा नहीं है. सिवाय रोज नई थ्योरीज के.पुलिस की नई रिपोर्ट के मुताबिक नजीब भयंकर डिप्रेशन में था. दवाइयां खा रहा था.नींद की गोलियां भी. जांच टीम बता रही है कि जिस डॉक्टर से नजीब मिला था, गुम होनेसे दो हफ्ते पहले, उससे बयान लिया गया है. दो हफ्ते में तीन बार डॉक्टर के पास गयाथा. ट्रीटमेंट कराने के लिए. वो इमोशनली परेशान था. पुलिस को शक है कि नजीब ने अपनीमर्जी से हॉस्टल छोड़ा था. सोर्सेज के मुताबिक हॉस्टल में रेड-वेड पड़ सकती है.वहां रहने वाले तैयार रहें. 15 अक्टूबर को नजीब गुम हुआ था. ABVP मेंबर्स से लड़ाईझगड़े के बाद. वो उस रात बहुत अफसोस में था. अपनी मम्मी को फोन किया था. रोते हुएकहा था कि वो जल्दी ही हॉस्टल छोड़ देगा. मम्मी को उसकी दिमागी हालत पता थी. इसलिएउसको रोका था. कहा था कि मैं आ रही हूं तुझसे मिलने. तू वहीं रुक अभी. पुलिस सोर्सबताते हैं कि नजीब की मम्मी ने उसके रूममेट कासिम को भी कॉल किया था. कि उसके साथरहे. उसका दिमाग कंट्रोल में नहीं है. परेशान है. उसको छोड़कर न जाए. लेकिन नजीब कीमम्मी कह रही हैं कि पुलिस झुट्ठी है. नजीब बिल्कुल ठीक था. ये लोग ऐसी बातें बनारहे हैं क्योंकि अभी तक खोज नहीं पाए हैं मेरे बेटे को. डॉक्टर का बयान नजीब कीमम्मी से अलग हैं. डॉक्टर कह रहा है कि नजीब कह रहा था वो इस माहौल में एडजस्ट नहींकर पा रहा है. वो छोड़कर चला जाएगा. कासिम कह रहा है कि उस रात नजीब को तीन गोलियांदी थीं. मम्मी ने कहा था देने को. ये पता नहीं है कि वो डिप्रेशन की दवा थी, नींदकी थी या कुछ और. वो 20 सितंबर को मेरे साथ आया था. हमने बहुत ज्यादा टाइम साथ नहींबिताया. उसको दवाएं खाते भी नहीं देखा. जिस रात लड़ाई हुई तब मैंने मम्मी के कहनेपर उसे दवा दी. उसका व्यवहार बिल्कुल नॉर्मल था. पुलिस नजीब को खोजने में जुटी पड़ीहै. तमिलनाडु में उसके बचपन के दोस्तों की लिस्ट भी निकाल ली है. ये भी शक है किशायद वहां गया हो.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: 25-30 लड़के नजीब को पीटते हुए कह रहे थे, 'इसे 72 हूरों के पास भेजनाहै' JNU में मिली एक स्टूडेंट की लाश और नजीब का पता नहीं JNU में चल रहा मामला असलमें है क्या?