क्या नजीब के गुम होने से इन दवाओं का कोई कनेक्शन है?
नजीब की अम्मी कह रही हैं कि वो फिट था. पुलिस की कहानी दूसरी है.
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Image: PTI
JNU से लड़का गायब है. नजीब अहमद. उसे खोजने की रिक्वेस्ट से प्रोटेस्ट तक के दौर चल रहे हैं. फिर भी दिल्ली पुलिस के हाथ कुछ लगा नहीं है. सिवाय रोज नई थ्योरीज के. पुलिस की नई रिपोर्ट के मुताबिक नजीब भयंकर डिप्रेशन में था. दवाइयां खा रहा था. नींद की गोलियां भी.
जांच टीम बता रही है कि जिस डॉक्टर से नजीब मिला था, गुम होने से दो हफ्ते पहले, उससे बयान लिया गया है. दो हफ्ते में तीन बार डॉक्टर के पास गया था. ट्रीटमेंट कराने के लिए. वो इमोशनली परेशान था. पुलिस को शक है कि नजीब ने अपनी मर्जी से हॉस्टल छोड़ा था. सोर्सेज के मुताबिक हॉस्टल में रेड-वेड पड़ सकती है. वहां रहने वाले तैयार रहें.
पुलिस सोर्स बताते हैं कि नजीब की मम्मी ने उसके रूममेट कासिम को भी कॉल किया था. कि उसके साथ रहे. उसका दिमाग कंट्रोल में नहीं है. परेशान है. उसको छोड़कर न जाए.
लेकिन नजीब की मम्मी कह रही हैं कि पुलिस झुट्ठी है. नजीब बिल्कुल ठीक था. ये लोग ऐसी बातें बना रहे हैं क्योंकि अभी तक खोज नहीं पाए हैं मेरे बेटे को.
पुलिस नजीब को खोजने में जुटी पड़ी है. तमिलनाडु में उसके बचपन के दोस्तों की लिस्ट भी निकाल ली है. ये भी शक है कि शायद वहां गया हो.
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