मिर्जापुर में 25 से अधिक पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर किया गया, अवैध वसूली की शिकायत मिली थी
बताया जा रहा है कि ये सभी पुलिसकर्मी कई सालों से एक ही थाने पर थे. अवैध वसूली की शिकायतें मिलने के बाद पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर उनका ट्रांसफर कर दिया गया है.

यूपी के मिर्जापुर में अलग-अलग थानों के 25 से अधिक पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर उनका ट्रांसफर कर दिया गया है. ये कार्रवाई अवैध वसूली की शिकायतें मिलने के बाद की गई है. आजतक के आशीष की रिपोर्ट के मुुताबिक बताया जा रहा है कि ये सभी पुलिस वाले कई सालों से एक ही थाने पर थे. लगातार शिकायत के बाद मिर्जापुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनंदन ने इन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया.
मिर्जापुर के SP अभिनंदन ने 29 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर का लिखित आदेश जारी किया है. इसमें लिखा है,
आदेश दिया गया है कि संबंधित प्रभारी संबंधित मुख्य आरक्षी/आरक्षी को उनकी नई जगह पर रवाना करें.
बलिया में भी अवैध वसूली पर हुई थी कार्रवाईइससे पहले 26 जुलाई को बलिया में जबरन वसूली के मामले में शामिल 18 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था. इसके अलावा 16 लोगों को अरेस्ट किया गया. बाद में CM योगी आदित्यनाथ ने इस केस की रिपोर्ट के आधार पर कई अफसरों का ट्रांसफर कर दिया. कुछ पुलिसकर्मियों की संपत्ति के जांच के आदेश भी दिए गए हैं.
इस मामले में आरोप है कि पुलिस वाले बिहार से आने वाले ट्रक ड्राइवरों से पैसे ऐंठते थे. सभी को 24 जुलाई को रंगे हाथों पकड़ा गया. 25 जुलाई की शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मामले पर रिपोर्ट सौंपी गई. इस आधार पर बलिया के पुलिस अधीक्षक और बलिया के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का ट्रांसफर कर उन्हें वेटिंग पर डाल दिया गया. इसके अलावा स्थानीय सर्कल अधिकारी को सस्पेंड किया गया.
आजमगढ़ उप-महानिरीक्षक (DIG) वैभव कृष्ण ने बताया कि छापेमारी में पता चला कि ये लोग प्रति वाहन 500 रुपए वसूलते थे और एक रात में करीब 1000 वाहन इस इलाके से गुजरते थे. उन्होंने कहा कि ये सख्त कार्रवाई पुलिस महानिदेशक और मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गई. आगे भी इस तरह की कोई शिकायत आएगी, तो उससे निपटा जाएगा.
वीडियो: ट्रक ड्राइवरों से वसूली करते पकड़े गए पुलिस वाले, कइयों पर FIR, पूरी चौकी सस्पेंड, प्रॉपर्टी की जांच भी होगी

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