लखनऊ में एक ट्रक से मिराज फाइटर प्लेन (Mirage Fighter Plane) का चोरी हुआ टायरचोरों ने लौटा दिया है. इन चोरों का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि ये टायरफाइटर प्लेन का है. चोरों का कहना है कि वे इसे ट्रक का टायर समझकर उठा ले गए थे.हालांकि, टायर मिलने के बाद भी पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहीहै. पुलिस ने क्या बताया? शनिवार, 4 दिसंबर को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने बयान जारीकर चोरी हुए टायर मिलने की पुष्टि की. बयान में कहा गया है कि बीकेटी एयरफोर्सस्टेशन पर लड़ाकू विमान मिराज के टायर को दो युवकों ने वायु सेना (Air force) केअधिकारियों को सौंप दिया. चोरों ने ये टायर शहीद पथ के किनारे से चोरी किया था. इसमामले में 1 दिसंबर को केस दर्ज किया गया था. लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के मुताबिक इसटायर को दीपराज और हिमांशु नाम के दो युवकों ने चुराया था. 31 वर्षीय दीपराज पेशेसे ट्रक ड्राइवर है. वह दूसरे आरोपी 18 वर्षीय हिमांशु का फूफा है. दोनों लखनऊ केगोमती नगर इलाके के विक्रम खंड के रहने वाले हैं. दोनों ने बताया कि 26 नवंबर कीरात 10:30 से 10:45 के बीच शहीद पथ पर एक टायर मिला था, जिसे वो लोग ट्रक का टायरसमझकर घर ले आए. 3 दिसंबर को उन्होंने न्यूज पर देखा कि मिराज का एक पहिया चोरी होगया है. न्यूज में भी घटना शहीद पथ की ही बताई गई थी. इसलिए उन्हें लगा जो टायर वोलेकर आए हैं वो ट्रक का नहीं प्लेन का है. इसके बाद दोनों ने इस टायर को एयर फोर्सअधिकारियों को सौंप दिया.मिराज फाइटर प्लेन का एक टायर चोरी होने के संबंध में। pic.twitter.com/YsdCwUHwjS— POLICE COMMISSIONERATE LUCKNOW (@lkopolice) December 4, 2021 क्या हुआ था? लखनऊपुलिस के मुताबिक चोरी की ये घटना 27 नवंबर की है. लेकिन इस मामले में एक दिसंबर कोFIR दर्ज की गई थी. लखनऊ के बक्शी का तालाब एयर फोर्स स्टेशन से एक ट्रक एयर फोर्सका कुछ समान लेकर जोधपुर के एयर फोर्स स्टेशन जा रहा था, जिनमें फाइटर जेट मिराज केपांच टायर भी थे. इस ट्रक को हेम सिंह रावत नाम का ड्राइवर चला रहा था. हेम सिंह नेपुलिस को बताया था, "ये घटना रात साढ़े 10 से 12 बजे के बीच की है. उस वक्त शहीद पथपर जाम लगा था, जिस कारण ट्रक धीरे-धीरे चल रहा था, ट्रक के पीछे एक काले रंग कीस्कॉर्पियो में कुछ लोग सवार थे, उन लोगों ने पीछे से ट्रक पर चढ़कर बेल्ट को काटदिया और फाइटर प्लेन का एक पहिया चुरा ले गए." पुलिस के मुताबिक हेम सिंह रावत कोइस घटना के बारे में काफी देर बाद पता चला, लेकिन जैसे ही उसे चोरी के बारे में पताचला, उसने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी. इसके बाद लखनऊ के आशियाना थाने में धारा379 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया था.