ये जो अपना नन्हा-मुन्ना पड़ोसी है न, बांग्लादेश. वहां हिंदुओं की हालत बड़ी खराबहै. कभी फेसबुक पोस्ट की वजह से बवाल हो जाता है, तो कभी किसी के मुंह से निकली बातबतंगड़ बन जाती है. इन्हीं सब चीजों पर शुक्रवार को ढाका में बहुस्सारे हिंदू संगठनसड़कों पर उतर पड़े. सरकार से कहने लगे कि कम हैं तो क्या हुआ, पर हैं तो हम भीयहीं के बाशिंदे, सुरक्षा दे दो भाई. ये भी कहा कि पिछले सप्ताह जिन लोगों नेब्राह्मणबरिया में सांप्रदायिक हिंसा की थी, उन्हें सजा भी दो, ताकि वो दोबारा ऐसान करें.ये सब हुआ ढाका में नेशनल प्रेस क्लब के सामने. बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकहैं. उनके साथ ऐसे बवाल आए दिन होते रहते हैं. ये ब्राह्मणबरिया के जिस बवाल की बातहो रही है, वो महज एक फेसबुक पोस्ट की वजह से हो गया था. पिछले हफ्ते किसी ने उड़ादिया कि ब्राह्मणबरिया जिले के किसी आदमी ने फेसबुक पर इस्लाम के खिलाफ कुछ लिखदिया है. अल्लाह जाने उसने क्या लिखा था, लेकिन इसके चक्कर में दर्जनों मंदिर तोड़डाले गए और हिंदुओं के सैकड़ों घर फूंक डाले गए.अब किसी की इबादत करना तो ठीक है, पर उसके लिए किसी का घर जला देना कौन सी समझदारीहै दोस्त.तो अब हिंदू संगठन डिमांड कर रहे हैं कि ब्राह्मणबरिया के सांसद मोहम्मद सैयदुल हकइस्तीफा दें और नसीरगढ़ के उपजिला निरबही अफसर चौधरी मोजेम हुसैन बर्खास्त किएजाएं. बांग्लादेश में उपजिला निरबही अफसर उसे कहते हैं, जो सब-डिस्ट्रिक्ट का चीफएग्जिक्यूटिव होता है. नसीरगढ़ वही जगह है, जहां हिंदुओं के घरों पर हमला किया गया.अब बवाल हुआ है, तो नेता लोग बयान भी देंगे. इसी रवायत के तहत बांग्लादेश की मुख्यविपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के जॉइंट सेक्रटरी जनरल रुहेलकबीर रिजवी ने कहा, 'कुछ लोग लंबे समय से बांग्लादेश का माहौल खराब करने की कोशिशकर रहे हैं. ऐसे हमले सोच-समझकर और प्लान बनाकर किए जाते हैं, ताकि बांग्लादेश मेंलोगों की धार्मिक आजादी खतरे में पड़ जाए.'खैर, इस पूरे बवाल के बाद बांग्लादेश सरकार ने चार लोगों की एक कमिटी बनाई है, जोइसकी जांच करेगी. इस कमिटी से एक हफ्ते में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है. इसेपूरे मामले की सबसे दुखद बात ये है कि शुक्रवार को जब सरकार अल्पसंख्यकों से वादाकर रही थी कि अब उन्हें कोई खतरा नहीं है, उसी दिन ब्राह्मणबेरिया में कुछ मंदिरोंऔर घरों पर फिर हमला हो गया.