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जिन हिंदुओं के घर तोड़ डाले गए, देखिए वो क्या मांग रहे हैं

बांग्लादेश में हिंदुओं की हालत खराब है. बहुत खराब.

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विशाल
4 नवंबर 2016 (अपडेटेड: 4 नवंबर 2016, 02:46 PM IST)
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ये जो अपना नन्हा-मुन्ना पड़ोसी है न, बांग्लादेश. वहां हिंदुओं की हालत बड़ी खराब है. कभी फेसबुक पोस्ट की वजह से बवाल हो जाता है, तो कभी किसी के मुंह से निकली बात बतंगड़ बन जाती है. इन्हीं सब चीजों पर शुक्रवार को ढाका में बहुस्सारे हिंदू संगठन सड़कों पर उतर पड़े. सरकार से कहने लगे कि कम हैं तो क्या हुआ, पर हैं तो हम भी यहीं के बाशिंदे, सुरक्षा दे दो भाई. ये भी कहा कि पिछले सप्ताह जिन लोगों ने ब्राह्मणबरिया में सांप्रदायिक हिंसा की थी, उन्हें सजा भी दो, ताकि वो दोबारा ऐसा न करें.

ये सब हुआ ढाका में नेशनल प्रेस क्लब के सामने. बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक हैं. उनके साथ ऐसे बवाल आए दिन होते रहते हैं. ये ब्राह्मणबरिया के जिस बवाल की बात हो रही है, वो महज एक फेसबुक पोस्ट की वजह से हो गया था. पिछले हफ्ते किसी ने उड़ा दिया कि ब्राह्मणबरिया जिले के किसी आदमी ने फेसबुक पर इस्लाम के खिलाफ कुछ लिख दिया है. अल्लाह जाने उसने क्या लिखा था, लेकिन इसके चक्कर में दर्जनों मंदिर तोड़ डाले गए और हिंदुओं के सैकड़ों घर फूंक डाले गए.

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तो अब हिंदू संगठन डिमांड कर रहे हैं कि ब्राह्मणबरिया के सांसद मोहम्मद सैयदुल हक इस्तीफा दें और नसीरगढ़ के उपजिला निरबही अफसर चौधरी मोजेम हुसैन बर्खास्त किए जाएं. बांग्लादेश में उपजिला निरबही अफसर उसे कहते हैं, जो सब-डिस्ट्रिक्ट का चीफ एग्जिक्यूटिव होता है. नसीरगढ़ वही जगह है, जहां हिंदुओं के घरों पर हमला किया गया.

अब बवाल हुआ है, तो नेता लोग बयान भी देंगे. इसी रवायत के तहत बांग्लादेश की मुख्य विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के जॉइंट सेक्रटरी जनरल रुहेल कबीर रिजवी ने कहा, 'कुछ लोग लंबे समय से बांग्लादेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे हमले सोच-समझकर और प्लान बनाकर किए जाते हैं, ताकि बांग्लादेश में लोगों की धार्मिक आजादी खतरे में पड़ जाए.'

खैर, इस पूरे बवाल के बाद बांग्लादेश सरकार ने चार लोगों की एक कमिटी बनाई है, जो इसकी जांच करेगी. इस कमिटी से एक हफ्ते में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है. इसे पूरे मामले की सबसे दुखद बात ये है कि शुक्रवार को जब सरकार अल्पसंख्यकों से वादा कर रही थी कि अब उन्हें कोई खतरा नहीं है, उसी दिन ब्राह्मणबेरिया में कुछ मंदिरों और घरों पर फिर हमला हो गया.

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