सरकार ने एमएफ हुसैन को लेकर ट्विटर पर क्विज ही तो डाला था, बवाल क्यों कट गया?
संस्कृति मंत्रालय ने रात के 2 बजे ये ट्वीट किया था जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया.

किसी के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया जाए. फिर उसे डिलीट किया जाए. ये एक सामान्य बात है. लेकिन अगर ये काम सरकार करे तो भौंहें तन सकती हैं. दरअसल केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की तरफ से एक ट्वीट किया गया था जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया. ट्वीट भारत के एक मशहूर पेंटिंग आर्टिस्ट एमएफ हुसैन से जुड़ा था.
क्या था ट्वीट में?ऑल्ट न्यूज से जुड़े मोहम्मद जुबैर ने ट्विटर पर दावा किया है कि संस्कृति मंत्रालय ने बीती 4 जून को देर रात ट्विटर पर एक क्विज़ डाली थी. साथ में डाली थी एक पेंटिंग. अब पहले मंत्रालय के उस ट्वीट का स्क्रीनशॉट देखिए जिसे डिलीट कर दिया गया.
ट्वीट में पेंटिंग के साथ सवाल था कि इसे किसने बनाया. लिखा था,
'क्या आप जानते हैं कि यह भारतीय कलाकार एक फिल्म निर्माता भी है जिसकी पहली फिल्म ने बर्लिन फिल्म समारोह में गोल्डन बियर लघु फिल्म पुरस्कार जीता था?'
फोटो के साथ 4 ऑप्शन दिए गए थे. पहला, मकबूल फिदा हुसैन. दूसरा, जैमिनी रॉय. तीसरा, तयैब महता. और चौथा, नंदलाल बोस. ये भी लिखा था, ‘बताइए कौन है ये आर्टिस्ट जिसे ‘भारत का पिकासो’ भी कहा जाता है?’
ट्वीट पर उठे थे सवालक्विज़ का सही जवाब था मकबूल फिदा हुसैन. जो एमएफ हुसैन के नाम से मशहूर हैं. उन्हें पेंटिंग की दुनिया का लेजेंड माना जाता है. लेकिन उनसे जुड़ा ये क्विज वाला ट्वीट मंत्रालय ने बाद में डिलीट कर दिया जिसे लेकर अब ट्विटर पर सवाल उठ रहे हैं.
दरअसल एमएफ हुसैन ने अपनी कुछ पेंटिंग्स में हिंदू धर्म की देवियों को नग्न दिखाया था. उन्होंने भारत माता की भी नग्न पेंटिंग बनाई थी. इन पेंटिंग्स पर छिड़ा विवाद इतना बढ़ा था कि एमएफ हुसैन को देश छोड़ना पड़ा था. बाद में उन्होंने कतर की नागरिकता ले ली थी.
कतर का नाम आजकल काफी चर्चा में है. वो उन देशों में शामिल है जिन्होंने पैंगबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी किए जाने पर आपत्ति जताई है. ट्विटर पर लोगों ने इसी बात पर सरकार पर हमला बोला. कहा गया कि कतर हमें आखें दिखा रहा है और मंत्रालय एमएफ हुसैन की पेंटिंग पर क्विज़ करवा रहा है. वही एमएफ हुसैन जिन्हें कतर ने अपनी नागरिकता दी थी.
लेकिन सवाल ये है कि क्या वाकई में किसी शख्स के कुछ लिख भर देने से मंत्रालय अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कोई पोस्ट डिलीट कर देगा. या कोई और वजह थी इसे डिलीट करने की. जुबैर ने ट्वीट में एक आर्काइव लिंक भी दिया हैं. इस लिंक पर क्लिक करने से मंत्रालय का डिलीट किया हुआ ट्वीट दिखाई देता है. लिंक खोलने से एक बात और पता चलती है. वो ये कि मंत्रालय ने 4 जून की रात के ठीक 2 बजे ये ट्वीट किया था.
अब यहां कई सवाल उठते हैं. मसलन, आखिर रात के 2 बजे मंत्रालय के ट्विटर हैंडल से किसने ट्वीट किया? क्या मंत्रालय के सोशल मीडिया अकाउंट चलाने के लिए नाइट शिफ्ट लगती है? या फिर इस ट्वीट को रात 2 बजे के लिए शेड्यूल किया गया था? अगर नहीं तो ये ट्वीट किसने किया? क्या मंत्रालय की सोशल मीडिया टीम में काम करने वाले किसी कर्मचारी ने रात को अपनी पर्सनल कपैसिटी में ये ट्वीट किया? या मंत्रालय के ट्विटर हैंडल का पासवर्ड किसी बाहरी शख्स के हाथ लग गया?
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