गूगल-ऐपल समेत 18 अमेरिकी कंपनियों पर गिरेंगी मिसाइलें, ईरान ने कर दी घोषणा
ईरान की IRGC ने नई धमकी दी है कि 1 अप्रैल से पश्चिमी एशिया के इलाके में मौजूद अमेरिकी कंपनियों को भी निशाना बनाया जाएगा. ऐसी 18 कंपनियों की लिस्ट ईरानी सेना ने जारी की है.

‘जंग में सब कुछ जायज है’. इस फिल्मी डायलॉग को कहीं सच होते देखना है तो ईरान और इजरायल की जंग पर नजर रखें. यहां कुछ भी हो रहा है. मंगलवार, 31 मार्च को ईरान ने धमकी दी है कि अब वो अपने देश पर हर हमले के जवाब में पश्चिमी एशिया इलाके में मौजूद 18 अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनियों पर मिसाइल मारेगा. किस देश से हमला शुरू होगा, इसके बारे में जानकारी नहीं दी है. ईरान की ये नई धमकी उन खबरों के बीच आई है, जिसमें अमेरिका दावा कर रहा है कि युद्ध खत्म करने के लिए ईरान से बात चल रही है.
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला शुरू किया था. 31 दिन से भी ज्यादा वक्त से दोनों पक्षों में ‘मिसाइलबाजी’ चल रही है. इसके बाद भी जंग रुकने का नाम नहीं ले रही. हालात ये हैं कि जिन लोगों ने ये सब शुरू किया था, मामला उनके हाथ से भी निकल चुका है. डॉनल्ड ट्रंप समझौते की घंटी लेकर घूम रहे हैं लेकिन ईरान उसे पहनने को तैयार नहीं. इसी बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने आगाह किया कि अगले कुछ दिन इस युद्ध के लिए बेहद अहम हैं. अगर तेहरान से कोई समझौता नहीं होता है तो उस पर हमले और तेज होंगे.
यही बात ट्रंप ने भी कही कि ईरान ने होर्मुज का रास्ता नहीं खोला तो वह उसके पावर प्लांट को तबाह कर देंगे. मिसाइल के साथ ईरान पर ‘धमकियां’ गिर रही हैं लेकिन वह पीछे हटने को तैयार नहीं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इन धमकियों पर पलटवार करते हुए ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने नई धमकी दी है कि 1 अप्रैल से पश्चिमी एशिया के इलाके में मौजूद अमेरिकी कंपनियों को भी निशाना बनाया जाएगा. ऐसी 18 कंपनियों की लिस्ट ईरानी सेना ने जारी की है, जहां ईरान पर हमले के जवाब में तबाही मचाई जाएगी. इनमें Microsoft, Google, Apple, Intel, IBM, Tesla और Boeing जैसी बहुराष्ट्रीय (मल्टीनेशनल) कंपनियां शामिल हैं.
IRGC ने कहा कि ये 18 कंपनियां तैयार रहें. बुधवार 1 अप्रैल को तेहरान के समय के मुताबिक, रात 8 बजे से ईरान में हर ‘आतंकवादी’ हमले के बदले में इन जगहों पर तबाही (Destruction) होगी. हालांकि, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने उन देशों के नाम नहीं बताए हैं, जहां ये हमले किए जाएंगे.
दुबई के पास तेल टैंकर जलायाइससे पहले ईरान ने दुबई के पास एक तेल से भरे टैंकर में आग लगा दी थी. वह 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद से खाड़ी इलाके में और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को लगातार निशाना बना रहा है. इसकी वजह से दुनिया में तेल और गैस की आपूर्ति का प्रवाह रुक गया है. भारत भी इस संकट से प्रभावित है.
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार, 30 मार्च को चेतावनी दी थी कि अगर ईरान शांति समझौते के लिए तैयार नहीं होता और होर्मुज को नहीं खोलता है तो उसके ऊर्जा ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी कहा कि ट्रंप समझौता करने के लिए तैयार हैं. ईरान से बातचीत जारी है, लेकिन अगर ईरान समझौता नहीं माना तो अमेरिका जंग जारी रखने के लिए भी पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास विकल्प बढ़ रहे हैं और ईरान के पास कम हो रहे हैं.
ईरान का बात से इनकारहालांकि, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया है. मंगलवार, 31 मार्च को इस्माइल बघाई ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं चल रही है. उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन की ओर से केवल नेगोशिएशन का प्रस्ताव आया है.
प्रस्ताव में शांति समझौते के लिए अमेरिका की मांगें भी शामिल हैं. लेकिन ये प्रस्ताव सीधे अमेरिका से नहीं आया है. कुछ मध्यस्थों की ओर से आया है, जिसमें पाकिस्तान भी है. उन्होंने कहा कि शुरू से ही हमने क्लियर स्टैंड लिया है. अमेरिकी सैन्य अभियान अपने फुल फोर्स में है, लेकिन ईरान भी अपनी रक्षा करना जानता है.
वीडियो: भारत आने वाले विमान पर अमेरिका का अटैक, ईरान ने क्या चेतावनी दी?

.webp?width=60)
