The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Microsoft CEO Satya Nadella comes on social media chart with his statement on CAA

माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला ने CAA पर क्या कहा कि सफाई देनी पड़ी?

लेकिन CAA पर सरकार के ख़िलाफ़ जो लोग हैं, उन्हें सत्य नडेला की बात अच्छी लगेगी

Advertisement
pic
14 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 14 जनवरी 2020, 07:22 AM IST)
Img The Lallantop
सत्य नाडेला ने CAA पर जो कहा वो सुनकर सरकार ज़ाहिर तौर पर ख़ुश नहीं होगी. लेकिन CAA का विरोध करने वाले ज़रूर ख़ुश होंगे क्योंकि नाडेला ने खुलकर विरोध की बात कही है
Quick AI Highlights
Click here to view more

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि जो हो रहा है, वह दुखद है. यह बुरा है. मैं एक ऐसे बांग्लादेशी अप्रवासी को देखना पसंद करूंगा, जो भारत में आता है और इंफोसिस का अगला सीईओ बनता है.'

# कहां दिया ये बयान

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ ने ये बातें अमेरिका के मैनहट्टन में कंपनी के ही एक कार्यक्रम में कही. उन्होंने ऐसे समय पर ये बात कही है, जब विपक्ष समेत कई सिलेब्रिटी CAA को लेकर सरकार पर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी और जामिया मिल्लिया के छात्र एक महीने से भी ज्यादा वक्त से इस कानून के खिलाफ हल्ला बोले हुए हैं.

'बज़फीड' के एडिटर इन चीफ बेन स्मिथ ने सत्य नडेला के बयान को लेकर जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि माइक्रोसॉफ्ट के CEO से जब भारत के नए सिटिज़नशिप क़ानून के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि जो हो रहा है, वह दुखद है. यह बुरा है. मैं एक ऐसे बांग्लादेशी अप्रवासी को देखना पसंद करूंगा, जो भारत में आता है और इंफोसिस का अगला सीईओ बनता है.'

# क्या असर रहा

इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने नडेला के इस बयान पर ख़ुशी जताई है. नडेला के समर्थन में रामचंद्र गुहा ने ट्विटर पर लिखा, 'मैं चाहता हूं कि हमारे आईटी सेक्टर के लोगों में वो कहने का साहस हो, जो वो सोचते हैं. दिसंबर 19 में बेंगलुरु की एक रैली में शामिल होने की वजह से पुलिस ने गुहा को गिरफ़्तार किया था. गुहा CAA पर लगातार विरोध जता रहे हैं.

US में भारतीय मूल के दो लोग टॉप टेक्निकल लीडरशिप में गिने जाते हैं. एक तो Google को हेड कर रहे सुंदर पिचाई और दूसरे Microsoft चलाने वाले सत्य नडेला. ऐसे में नाडेला के इस बयान के नतीजे को लेकर बाज़ार में फ़िक्र है. सीधे-सीधे सरकार की पॉलिसी के विरोध का पाला चुन लेना किसी भी क़ारोबार या क़ारोबारी के लिए आसान नहीं माना जाता. हालांकि इस ट्वीट के लगभग तुरंत बाद ही माइक्रोसॉफ्ट India ने भी एक ट्वीट किया. नडेला का बयान था -

हर देश को अपनी सीमाएं तय करने और राष्ट्रीय सुरक्षा तय करने के साथ ही इमिग्रेशन पॉलिसी तय करनी चाहिए. और लोकतंत्र में ये वो बातें हैं जिन पर सरकारें और लोग आपस में चर्चा करते इन सीमाओं को परिभाषित कर सकते हैं. मैं अपने भारतीय मूल्यों और अनेक संस्कृतियों के बीच अमेरिका में अपने प्रवासी अनुभवों के साथ बड़ा हुआ हूं. मेरी आशाओं में वो भारत है जहां कोई प्रवासी भी स्टार्ट-अप तैयार कर सके या एक ऐसी बहुराष्ट्रीय कंपनी चला सके जिससे भारत के समाज और अर्थव्यवस्था को फ़ायदा पहुंच सके - सत्य नडेला 

क्या है नागरिकता संशोधन कानून?

नागरिकता अधिनियम, 1955 में केंद्र सरकार ने बदलाव किया है. पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से आए हुए हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, ईसाई, पारसी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलने में आसानी होगी. अभी तक उन्हें अवैध शरणार्थी माना जाता था. इस कानून का लाभ अब शरणार्थियों को मिल सकेगा.


वीडियो देखें:

कोलकाता में पीएम मोदी ने CAA और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ममता बनर्जी को घेरा

Advertisement

Advertisement

()