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'लोकसभा चुनावों में AI से खेल करने की फिराक में चीन', माइक्रोसॉफ्ट की रिपोर्ट में दावा

Microsoft ने इंटेलिजेंस इनसाइट के आधार पर ये रिपोर्ट तैयार की है. कहा गया है कि India के साथ साथ China बाकी देशों में होने वाले चुनावों को भी प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है. रिपोर्ट में कई और बड़े खुलासे हैं.

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6 अप्रैल 2024 (पब्लिश्ड: 03:57 PM IST)
microsoft accused china might influence loksabha elections using ai content us south korea
चीन पर ताइवान के राष्ट्रपति चुनाव भी दुष्प्रचार का आरोप है. (फोटो- आजतक)
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जानी मानी अमेरिकी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चीन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं (Microsoft on China AI). 5 अप्रैल को जारी हुई इस रिपोर्ट के मुताबिक, चीन भारत में होने वाले लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Elections) को AI कॉन्टेंट के जरिए प्रभावित करने की कोशिश करने वाला है. कहा गया है कि भारत के अलावा चीन की नजर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के चुनावों पर भी हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इंटेलिजेंस इनसाइट के आधार पर तैयार की गई ये रिपोर्ट माइक्रोसॉफ्ट थ्रेट एनालिसिस सेंटर (MTAC) ने पब्लिश की है. प्वॉइंट्स में समझ लेते हैं कि रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया है.

- चीन सोशल मीडिया के जरिए AI से बने कॉन्टेंट को फैलाएगा. ये ऐसा कॉन्टेंट होगा जो चीन को फायदा पहुंचाने में मदद करेगा. इस कॉन्टेंट से चुनावों के नतीजों पर असर पड़ने की संभावना फिलहाल कम है. हालांकि अगर ऐसा ही जारी रहा तो भविष्य में इसका असर भी दिख सकता है.

- चीन ने जनवरी में ताइवान के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान AI की मदद से दुष्प्रचार करने की कोशिश की थी. वो पहली बार था जब चीन ने विदेशी चुनाव को प्रभावित करने के लिए AI कॉन्टेंट का इस्तेमाल किया था. माइक्रोसॉफ्ट ने चेतावनी दी कि इस साल चीन का टारगेट ताइवान से आगे भी बढ़ सकता है.

- जून 2023 से चीन और उत्तर कोरिया के ऐसे कई साइबर रुझान देखे गए हैं जो अपना टारगेट हासिल करने के लिए ज्यादा ठोस तकनीकों का इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं.

- चीन के साइबर एक्सपर्ट्स ने पिछले सात महीनों में मुख्य तौर पर तीन क्षेत्रों को निशाने के तौर पर चुना है. पहला दक्षिण प्रशांत द्वीप समूह की संस्थाएं, दूसरा दक्षिण चीन के समुद्री क्षेत्र में मौजूद क्षेत्रीय विरोधी और तीसरा अमेरिकी डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस.

- चीन, दक्षिण चीन सागर और उसके आसपास अपने आर्थिक और सैन्य हितों से संबंधित संस्थाओं को निशाना बना रहा है और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन ASEAN में सरकार और दूरसंचार संस्थाओं से समझौता भी कर रहा है.

ये भी पढ़ें- पहले जताई PM के दौरे पर आपत्ति, अब फिर अरुणाचल को बताया अपना हिस्सा, इस सुरंग ने बढ़ाई चीन की परेशानी?

- फ्लैक्स टाइफून नाम की एक चीनी साइबर कंपनी ने US-फिलीपींस सैन्य अभ्यास से जुड़ी संस्थाओं को निशाना बनाया और 2023 में फिलीपींस, हांगकांग, भारत और अमेरिका में इकाइयों को भी टारगेट किया.

वीडियो: दुनियादारी: एस जयशंकर ने Philippines में ऐसा क्या बोला कि चीन गुस्सा हो गया?

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