मम्मी के कार पर एक स्टीकर क्या लगाया, बच्चे को स्कूल से निकाल दिया गया
खबर अमेरिका के फ्लोरिडा की है. जहां 35 साल की एक महिला ने अपनी कार पर एक स्टीकर लगाया था. बस इसी बात पर इतना बवाल हुआ कि जिस स्कूल में उनकी बेटी पढ़ती थी, वहां से उसे निकाल दिया गया. अब सवाल ये उठता है कि आखिर उस स्टिकर में ऐसा भी क्या था?

भारत में कार पर स्टीकर लगाना सिर्फ़ स्टाइल नहीं, कई बार स्टेटमेंट बन चुका है. कोई जाति का नाम चिपकाता है, कोई धर्म का, तो कोई खुद को ‘प्रेस’ या ‘गवर्नमेंट’ बता कर चालान से बचने की जुगत लगाता है. लेकिन कई बार यही स्टीकर सीधा मुसीबत का दरवाज़ा भी खोल देता है.
ताज़ा मामला थोड़ा हटके है-यहां चालान नहीं कटा, बल्कि स्कूल ने बच्ची को ही निकाल दिया. वजह? उसकी मां की कार पर OnlyFans का स्टीकर!
अब आप सोच रहे होंगे- OnlyFans? वो तो अडल्ट वेबसाइट है न?
हां, वही.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के फ्लोरिडा में रहने वाली 35 साल की मिशेल क्लाइन (Michelle Cline only fans account ) का पाइपर फॉन नाम से अपना ओनली फैंस अकाउंट है. इस पर वो कंटेंट पोस्ट करती हैं. और कई कंटेंट क्रिएटर अपने अकाउंट को किसी ना किसी तरह से प्रमोट करते हैं. ऐसा ही किया मिशेल ने. उन्होंने अपने कार के बैक ग्लास पर ओनली फैंस का स्टीकर लगाया हुआ था. मिशेल के बच्ची एक मिशनरी स्कूल में पढ़ती थी. वो अपनी बच्ची को उसी कार से स्कूल के मेन गेट तक छोड़ने भी जाती थीं. लेकिन स्कूल को इससे आपत्ति थी.
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महिला ने क्या कहा?स्कूल ने उन्हें चेतावनी दी की वो बच्ची को अपनी कार से स्कूल के मेन गेट तक छोड़ने ना आएं. आरोप था कि मिशेल स्कूल के बाहर अपनी अडल्ट वेबसाइट का प्रचार कर रही हैं. और स्कूल को इससे आपत्ति है. बाद में स्कूल में पढ़ने वाले कई बच्चों के माता-पिता ने भी इस पर आपत्ति जताई. इस पर स्कूल ने उन्हें चेतावनी देते हुए बताया कि या वो अपनी कार से स्टीकर हटा दें या कार को स्कूल से दूर पार्क करें. क्योंकि कार पर लगा स्टिकर उनकी नीतियों के खिलाफ है. इसके लिए स्कूल ने मिशेल और उनके पति को एक लेटर भी भेजा था. लेकिन मिशेल ने स्टिकर हटाने के बजाए कार में और बढ़ा स्टीकर लगा लिया. इसके बाद स्कूल ने उनकी बच्ची को स्कूल से निकाल दिया. घटना को लेकर मिशेल का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा,
'ये निश्चित रूप से अडल्ट कंटेंट है. मैं और मेरे पति बंद दरवाजे के पीछे वाइल्ड लाइफ जीते हैं और हमने इसे लोगों के साथ शेयर करने का फैसला किया है.'
स्टिकर हटाने वाली बात को लेकर उन्होंने बताया कि इस वेबसाइट पर कंटेंट से मिलने वाले पैसों से उनका घर चलता है. उनका कहना है कि जब ये वेबसाइट लीगल है तो इस पर आपत्ति क्यों? वहीं स्कूल का कहना है कि अगर वो स्टीकर हटा लेती हैं तो बच्ची को स्कूल में वापस रखा जा सकता है.
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