मेक्सिको के मशहूर पिरामिड पर किसने की अंधाधुंध गोलीबारी?
मेक्सिको की ऐतिहासिक पिरामिड साइट पर हुई गोलीबारी में कनाडा की एक महिला की मौत हो गई. टेओटिहुआकान स्थित पिरामिड और खंडहर प्री हिस्पैनिक पीरियड के हैं. अमेरिकी उपमहाद्वीप में क्रिस्टोफर कोलंबंस के आने से पहले के समय को प्री हिस्पैनिक पीरियड कहा जाता है.

मेक्सिको के ऐतिहासिक टियोतिहुआकान पिरामिड पर हुई गोलीबारी में एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हो गए. ये घटना 20 अप्रैल की है. हमलावर ने वहां मौजूद लोगों पर गोलियां चलाईं और आखिर में खुद की भी जान ले ली. मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम ने इस गोलीबारी के पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट की है.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच से जुड़े स्थानीय अधिकारियों ने शूटर की पहचान जूलियो सीजर जासो रामिरेज के तौर पर की है. हालांकि इसके आगे उन्होंने कोई और डिटेल शेयर नहीं की है. मेक्सिको सरकार के सिक्योरिटी कैबिनेट ने बताया कि इस घटना में घायल 13 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
21 अप्रैल को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने गोलीबारी में मारी गई कनाडाई महिला के प्रति संवेदना प्रकट की. साथ ही इस घटना को 'भयावह' करार दिया. उन्होंने मेक्सिको की राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया के लिए उनको धन्यवाद दिया और बताया कि कनाडा इस घटना को लेकर मेक्सिकन अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है.
टेओटिहुआकान स्थित पिरामिड और खंडहर प्री हिस्पैनिक पीरियड के हैं. अमेरिकी उपमहाद्वीप में क्रिस्टोफर कोलंबंस के आने से पहले के समय को प्री हिस्पैनिक पीरियड कहा जाता है. कोलंबस साल 1492 में अमेरिका आया था. इन पिरामिड और खंडहरों को यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा दिया है.
यह घटना मेक्सिको सिटी में फीफा वर्ल्ड कप के पहले मैच की तारीख से ठीक सात सप्ताह पहले हुई है. इस महीने की शुरुआत में मेक्सिको की सरकार ने बताया था कि गर्मियों में होने वाले वर्ल्ड कप के दौरान ये पिरामिड टूरिस्टों के लिए आकर्षक साइट हो सकते हैं. इस दौरान यहां रात में नाइट शो आयोजित किए जाएंगे.
इससे पहले फरवरी 2026 की शुरुआत में कुख्यात ड्रग कार्टेल सरगना 'एल मेंचो' की हत्या हो गई थी. एल मेंचो का असली नाम नेमेसियो ओसेगुएरा था. वह मेक्सिको बेस्ड एक ड्रग कार्टेल का सरगना था. उसके गिरोह का नाम 'जालिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल' है. एल मेंचो के मारे जाने के बाद उसके गिरोह से जुड़े बंदूकधारियों ने कई शहरों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की.
गुआडालाजारा जैसे शहर, जहां वर्ल्ड कप के मैच होने हैं, वहां कार्टेल हिंसा के चलते तनाव है. इस घटना के बाद मेक्सिको की सरकार को यह आश्वासन देना पड़ा कि टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों की सुरक्षा कोई मुद्दा नहीं होगा. हालांकि इस घटना का फरवरी में हुई हिंसा से कोई लिंक नहीं मिला है.
फीफा वर्ल्ड कप का पहला मैच 11 जून को मेक्सिको सिटी में मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच खेला जाएगा. मेक्सिको के अधिकारियों के मुताबिक, टूर्नामेंट में लगभग 55 लाख विदेशी दर्शकों के आने की उम्मीद है. मेक्सिको ने देश में चल रहे ड्रग कार्टेल हिंसा को ध्यान में रखते हुए वर्ल्ड कप में प्रशंसकों की सुरक्षा के लिए लगभग 1 लाख सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने की योजना बनाई है.
वीडियो: दुनियादारी: कौन था El Mencho, जिसकी मौत के बाद मैक्सिको में भड़क उठी हिंसा?

