'अबकी बार मोदी सरकार' का नारा देने वाला बिजनेसमैन अब NDTV का मालिक बनेगा?
अजय कुमार का चैनल खरीदना सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
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कहा जा रहा है कि प्रणव रॉय (बाएं) की जगह अजय सिंह NDTV के नए मालिक होंगे.
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अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में एक महाराष्ट्र के एक कद्दावर नेता थे प्रमोद महाजन. 3 मई 2006 को प्रमोद के भाई ने उनकी हत्या कर दी थी. वाजपेयी सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहने के दौरान प्रमोद महाजन के ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) थे अजय सिंह. डीडी न्यूज और डीडी स्पोर्ट्स चैनल को लॉन्च करने में अजय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. खबर है कि अजय सिंह अब एनडीटीवी के सबसे बड़े शेयर होल्डर बनने जा रहे हैं. इसका मतलब है कि एनडीटीवी के नए मालिक अजय सिंह होंगे. मगर न तो इसकी पुष्टि अजय की तरफ से हुई है और न ही प्रणव रॉय की तरफ से कोई बयान आया है. सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि अब एनडीटीवी खत्म हो जाएगा. खैर, अजय सिंह के बारे में जानना दिलचस्प है.

वाजपेयी सरकार में सूचना और प्रसारण मंत्री प्रमोद महाजन के साथ अजय सिंह.

अजय सिंह के बीजेपी से करीबी रिश्ते रहे हैं.
सितंबर 2013 में बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था. इसके बाद मोदी को प्रधानमंत्री बनने के लिए बीजेपी ने जो कोर कमिटी बनाई, उसमें अजय सिंह भी शामिल थे. चुनाव जीतने के लिए अजय सिंह ने नारा दिया था अबकी बार, मोदी सरकार. चुनाव हुए और मोदी प्रधानमंत्री भी बन गए. जीत में इस नारे की भी बड़ी भूमिका थी. बीजेपी के वोटरों की जुबान पर ये नारा आज भी है.
अजय सिंह IIT दिल्ली के स्टूडेंट रह चुके हैं.
सूत्रों की मानें तो अजय सिंह के पास NDTV के करीब 40 फीसदी शेयर होंगे. फिलहाल जो एनडीटीवी प्रमोटर हैं प्रणव रॉय और राधिका रॉय, उनके पास करीब 20 प्रतिशत शेयर होंगे. अजय सिंह NDTV का 400 करोड़ रुपए का कर्ज भी अदा करेंगे. उनका कुल सौदा करीब 600 करोड़ रुपए का है, जिसमें करीब 100 करोड़ रुपये रॉय दंपति को भी मिलने की बात कही जा रही है. इस डील के पूरा होने के बाद अजय सिंह के पास एनडीटीवी ग्रुप के संपादकीय टीम का भी अधिकार होगा.
सांकेतिक तस्वीर.
इसी साल 5 जून को सीबीआई ने एनडीटीवी के सह-संस्थापक प्रणव रॉय के चार ठिकानों पर छापेमारी की थी. इसके साथ ही प्रणव रॉय, पत्नी राधिका रॉय के अलावा एक कंपनी और एक अन्य आदमी के खिलाफ एक बैंक को नुकसान पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था. इस छापे को एनडीटीवी ने गलत बताया था. कांग्रेस और दूसरी राजनैतिक पार्टियों ने भी छापेमारी की इस कार्रवाई का विरोध कियाा था. हालांकि इसके बाद से ही माना जा रहा था कि एनडीटीवी दबाव में है.
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वीडियो में देखें:

वाजपेयी सरकार में सूचना और प्रसारण मंत्री प्रमोद महाजन के साथ अजय सिंह.
डीटीसी के बोर्ड में थे, स्पाइस जेट के मालिक हैं
अजय सिंह IIT दिल्ली से पढ़े-लिखे हैं. वो 1996 में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बोर्ड मेंबर थे. उस वक्त डीटीसी के बेड़े में 300 बसें हुआ करती थीं. उनके कार्यकाल में बसों की संख्या में अच्छा-खासा इजाफा हुआ. बसों की संख्या 300 से बढ़कर 6000 हो गई. 2004 में अजय सिंह ने एयर लाइन कंपनी खरीदी ModiLuft. ये कंपनी विदेशी एयरलाइंस Luftansa और भारतीय कारोबारी एसके मोदी की जॉइंट कंपनी थी, जो घाटे में थी और बंद होने के कगार पर थी. अजय सिंह ने कंपनी खरीदकर इसका नाम रखा स्पाइस जेट. अजय सिंह ने जैसे ही कंपनी खड़ी की, 2010 में सन ग्रुप के मालिक और दक्षिण भारत के मीडिया टायकून माने जाने वाले कलानिधि मारन की कंपनी काल एयरलाइन ने स्पाइस जेट का ज्यादातर हिस्सा खरीद लिया. मारन भी स्पाइस जेट को चला नहीं पाए और कंपनी घाटे में चली गई. 2015 में अजय सिंह ने वापसी की और स्पाइस जेट के 58 फीसदी शेयर खरीदकर एक बार फिर मालिक बन गए. अब ये देश की तीसरी सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनी है.बीजेपी की कोर कैम्पेनिंग टीम का हिस्सा थे, नारा दिया था अबकी बार मोदी सरकार

अजय सिंह के बीजेपी से करीबी रिश्ते रहे हैं.
सितंबर 2013 में बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था. इसके बाद मोदी को प्रधानमंत्री बनने के लिए बीजेपी ने जो कोर कमिटी बनाई, उसमें अजय सिंह भी शामिल थे. चुनाव जीतने के लिए अजय सिंह ने नारा दिया था अबकी बार, मोदी सरकार. चुनाव हुए और मोदी प्रधानमंत्री भी बन गए. जीत में इस नारे की भी बड़ी भूमिका थी. बीजेपी के वोटरों की जुबान पर ये नारा आज भी है.
कुछ ऐसा हो सकता है NDTV का स्ट्रक्चर

अजय सिंह IIT दिल्ली के स्टूडेंट रह चुके हैं.
सूत्रों की मानें तो अजय सिंह के पास NDTV के करीब 40 फीसदी शेयर होंगे. फिलहाल जो एनडीटीवी प्रमोटर हैं प्रणव रॉय और राधिका रॉय, उनके पास करीब 20 प्रतिशत शेयर होंगे. अजय सिंह NDTV का 400 करोड़ रुपए का कर्ज भी अदा करेंगे. उनका कुल सौदा करीब 600 करोड़ रुपए का है, जिसमें करीब 100 करोड़ रुपये रॉय दंपति को भी मिलने की बात कही जा रही है. इस डील के पूरा होने के बाद अजय सिंह के पास एनडीटीवी ग्रुप के संपादकीय टीम का भी अधिकार होगा.
सीबीआई छापे के बाद बदलने वाली है सत्ता

सांकेतिक तस्वीर.
इसी साल 5 जून को सीबीआई ने एनडीटीवी के सह-संस्थापक प्रणव रॉय के चार ठिकानों पर छापेमारी की थी. इसके साथ ही प्रणव रॉय, पत्नी राधिका रॉय के अलावा एक कंपनी और एक अन्य आदमी के खिलाफ एक बैंक को नुकसान पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था. इस छापे को एनडीटीवी ने गलत बताया था. कांग्रेस और दूसरी राजनैतिक पार्टियों ने भी छापेमारी की इस कार्रवाई का विरोध कियाा था. हालांकि इसके बाद से ही माना जा रहा था कि एनडीटीवी दबाव में है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किससे और क्यों छीना मंत्रालय
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