मेलानिया ट्रंप ने गिराई जेफरी एपस्टीन 'मिसाइल', डॉनल्ड ट्रंप तक को नहीं पता था ये बोल देंगी
ये सब कुछ एकदम अचानक से हुआ. किसी को भी इसकी उम्मीद नहीं थी. जब वाइट हाउस की ओर से बताया गया कि मेलानिया ट्रंप एक अनाउंसमेंट करेंगी तब किसी को पता नहीं था, ये किस बारे में होगा. हैरानी की बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके पति डॉनल्ड ट्रंप को भी इसकी सूचना नहीं थी.

9 अप्रैल की रात पूरी दुनिया की निगाहें वाइट हाउस की ओर थीं. ईरान के साथ सीजफायर को लेकर पाकिस्तान में होने वाली बातचीत पर कोई सूचना आने की उम्मीद थी. वाइट हाउस से खबर आई भी. लेकिन ये ईरान और अमेरिका से नहीं, अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया से जुड़ी थी. उन्होंने अचानक सामने आकर सबको बताया कि यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से उनका कोई संबंध नहीं था.
इंडिया टुडे से जुड़ी प्रिया पारीक की रिपोर्ट के मुताबिक, ये सब कुछ एकदम अचानक से हुआ. किसी को भी इसकी उम्मीद नहीं थी. जब वाइट हाउस की ओर से बताया गया कि मेलानिया ट्रंप एक अनाउंसमेंट करेंगी तब किसी को पता नहीं था, ये किस बारे में होगा. हैरानी की बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके पति डॉनल्ड ट्रंप को भी इसकी सूचना नहीं थी.
ईरान और अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष के चलते एपस्टीन का चैप्टर बंद सा हो गया था. मेलानिया ट्रंप ने बताया कि उनका यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ किसी भी तरह का संबंध नहीं था. उन्होंने सार्वजनिक बयान में बताया,
मैं एपस्टीन की विक्टिम नहीं हूं. साफ तौर पर कहूं तो मेरा एपस्टीन या उसकी पार्टनर मैक्सवेल के साथ कोई संबंध नहीं था. मैं कभी एपस्टीन की दोस्त नहीं रही. डॉनल्ड और मुझे समय-समय पर एपस्टीन की पार्टियों में बुलाया जाता था.
अमेरिका की फर्स्ट लेडी ने इस बात को ख़ारिज किया कि एपस्टीन ने उनकी मुलाकात डॉनल्ड ट्रंप से करवाई थी. इन अफवाहों को उन्होंने दुर्भावनापूर्ण बताया. मेलानिया ने आगे कहा,
मैं कभी भी एपस्टीन के कुख्यात प्लेन में नहीं गई और कभी उसके प्राइवेट आईलैंड का भी दौरा नहीं किया.
मेलानिया ने साल 2005 में ट्रंप से शादी की थी. उन्होंने जोर देकर कहा कि एपस्टीन की सहयोगी और एक्स गर्लफ्रेंड घिसलेन मैक्सवेल के साथ उनका बेहद फॉर्मल किस्म का कॉन्टैक्ट था. मेलानिया ने साल 2002 में घिसलेन को एक ईमेल भेजा था. इस ईमेल को उन्होंने 'कैजुअल कोरेस्पोंडेस' बताया. प्लेन, आईलैंड और ईमेल का जिक्र करना कुछ खास आरोपों को नकारने की कोशिश लग रही थी. मेलानिया के एपस्टीन से संबंधों को लेकर फिलहाल कोई चर्चा नहीं थी. आरोप भी नए नहीं थे. सवाल उठ रहे हैं कि फिर मेलानिया अचानक से क्यों इस पर रिएक्ट कर रही हैं?
एमएस नाउ चैनल से बात करते हुए उनके पति और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह कोई बयान देने वाली हैं. साथ में ये भी बताया कि मेलानिया एपस्टीन को नहीं जानती थीं. ये बोलकर अचानक उन्होंने इंटरव्यू खत्म कर दिया. हालांकि फर्स्ट लेडी के प्रवक्ता ने पहले तो न्यूयॉक टाइम्स को बताया कि राष्ट्रपति को पता था कि उनकी पत्नी बयान देने की योजना बना रही हैं. बाद में मेलानिया के प्रवक्ता ने न्यूज आउटलेट को बताया कि ये साफ नहीं है कि ट्रंप को उनके बयान के बारे में जानकारी थी या नहीं. न्यूयॉर्क टाइम्स ने बाद में अपनी खबर को अपडेट किया.
क्या एपस्टीन से जुड़ा कोई बड़ा खुलासा होगा?
मेलानिया ट्रंप के अचानक दिए गए बयान से मीडिया समेत सबको चौंका दिया है. फॉक्स न्यूज की कॉरेस्पोंडेंट जैकी हेनरिक ने बताया,
हम यह समझने की कोशिश में जुटे हैं कि उन्होंने आज ऐसा क्यों किया. क्या वो पहले से चल रहीं खबरों से परेशान हैं या फिर कोई ऐसी कहानी है जो सामने आने वाली है, और वह उससे पहले ही अपना स्टैंड क्लियर करना चाहती हैं. हम ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. मैंने अपने फोन में मौजूद हर नंबर पर कॉल किया है, जिसमें राष्ट्रपति का नंबर भी शामिल है. लेकिन मुझे कोई जवाब नहीं मिल पाया है.
दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर कयासों का बाजार गर्म है. चर्चा चल रही है कि कोई बड़ी खबर आने वाली है. और मेलानिया ट्रंप पहले ही इस मसले पर अपनी सफाई देकर इससे अपना पल्ला झाड़ना चाहती हैं.
क्या ये ईरान युद्ध से ध्यान भटकाने की कोशिश है?
28 फरवरी को अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया. तब कई एक्सपर्ट्स ने दावा किया कि ये एपस्टीन कांड से ध्यान भटकाने की कोशिश है. अब जब मेलानिया ट्रंप ने अचानक से इस मुद्दे पर बात की है, तो कई लोग कयास लगा रहे हैं कि यह ईरान युद्ध से ध्यान भटकाने की कोशिश हो सकती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप को अमेरिका में भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है. तमाम चेतावनियों के बावजूद ट्रंप ईरान युद्ध में कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए. इसलिए एपस्टीन फाइल्स का इस्तेमाल युद्ध से ध्यान हटाने के लिए कर रहे हैं.
तमाम दावों और अटकलों से परे अभी तक ये साफ नहीं है कि ईरान युद्ध से जुड़ी खबरों के बीच मेलानिया ट्रंप ने एपस्टीन पर बात क्यों की. ये एक सोची-समझी चाल है या फिर आगे एपस्टीन फाइल्स में होने वाले खुलासों से पहले एहतियात के तौर पर उठाया गया एक कदम. फिलहाल फर्स्ट लेडी के बयान ने सबको चक्कर में डाल दिया है. वहीं उनसे जुड़ी अटकलों को फिर से हवा मिल गई है.
वीडियो: दिल्ली के सरकारी स्कूल जाकर मेलानिया ट्रंप ने क्या-क्या किया?

