The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Mehbooba Mufti says ‘under house arrest’ on Article 370 anniversary, National Conference office locked

गेट पर लगे ताले की तस्वीर डालते हुए बोलीं महबूबा मुफ्ती- 'मुझे नज़रबंद किया गया'

चार साल पहले, 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई थी. तब भी महबूबा मुफ्ती सहित कई बड़े नेताओं को 'नज़रबंद' किया गया था.

Advertisement
pic
5 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 5 अगस्त 2023, 05:49 PM IST)
Mehbooba Mufti under ‘house arrest’, National Conference says its office sealed
महबूबा मुफ्ती नजरबंद, JKNC के ऑफिस पर भी लगा ताला (साभार - ट्विटर)
Quick AI Highlights
Click here to view more

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) चीफ महबूबा मुफ्ती को पुलिस ने ‘नज़रबंद’ कर दिया है. इसकी जानकारी महबूबा ने ट्वीट कर दी है. ठीक चार साल पहले, 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर उसे केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया गया था. इससे एक दिन पहले मुफ्ती की पार्टी ने श्रीनगर प्रशासन से 5 अगस्त को एक सेमीनार करने की अनुमति मांगी थी. इस सेमीनार में PDP ने धारा 370 और 35A हटाए जाने पर आम लोगों से बातचीत करने की बात कही थी. इस इवेंट के लिए महबूबा की पार्टी को अनुमति नहीं दी गई. PDP के साथ पुलिस ने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के खिलाफ भी कार्रवाई की है. 

महबूबा मुफ्ती ने 5 अगस्त की सुबह 10:10 पर ट्वीट कर कहा,

"मुझे और दूसरे सीनियर PDP नेताओं को घर में नजरबंद किया गया है. आधी रात को अचानक पुलिस ने PDP पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को अवैध तरीके से हिरासत में लेकर थाने में रखा गया है. पुलिस की ये हरकत सुप्रीम कोर्ट में सरकार के उस दावे को खारिज करती है, जिसमें उन्होंने कश्मीर में शांति होने का दावा किया था."

महबूबा ने एक और ट्वीट में लिखा,

“एक तरफ अनुच्छेद 370 हटाए जाने का जश्न मनाने के लिए पूरे श्रीनगर में विशाल होर्डिंग्स लगाई गई हैं. दूसरी तरफ लोगों की आवाज़ को दबाने के लिए बल का प्रयोग किया जा रहा है. उम्मीद करती हूं कि अब जब धारा 370 पर सुनवाई शुरू हो रही है, तब सुप्रीम कोर्ट ऐसे हालातों का संज्ञान ले.”

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक PDP ने अपनी मुखिया महबूबा और बाकी नेताओं को बंद किए जाने पर आधिकारिक बयान जारी किया. PDP के वरिष्ठ नेता फिरदौस तक ने इस बयान में कहा,

"कश्मीर में अधिकारियों द्वारा आधी रात में की गई कार्रवाई का उद्देश्य असहमति को दबाना और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी द्वारा शांति की झूठी कहानी को बढ़ावा देना है.

भारतीय जनता पार्टी पिछले चार वर्षों की निराशाजनक तस्वीर पेश करने के लिए अलग-अलग जगहों पर पैसे देकर भीड़ इकट्ठा कर रही है. हालांकि, राज्य के आम नागरिकों को अपनी परेशानियों पर बात करने की भी अनुमति नहीं है."

अपने बयान में पार्टी ने अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की नज़रबंदी और पुलिस स्टेशनों में पार्टी के कई सदस्यों की अवैध हिरासत पर भी अपनी बात रखी.

वहीं दूसरी तरह जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के ऑफिस पर पुलिस ने ताला लगा दिया है. इस बात की जानकारी पार्टी ने अपने ऑफिशियल हैंडल से दी है. किसी को भी कार्यालय में आने-जाने की अनुमति नहीं है.

बता दें, 5 अगस्त 2019 को जब संसद में धारा 370 को हटाया जा रहा था, तब भी जम्मू-कश्मीर के कई बड़े नेताओं को नज़रबंद कर दिया गया था. इस लिस्ट में महबूबा मुफ्ती के साथ उमर अब्दुल्ला और 
फारूक अब्दुल्ला का नाम भी था.  

वीडियो: सुर्खियां: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा आर्टिकल-370 का मसला, सरकार ने ये कहा, अब कोर्ट क्या करेगी?

Advertisement

Advertisement

()