सत्यपाल मलिक. मेघालय के गवर्नर. वह पिछले कुछ समय से लगातार किसानों के मुद्दे परसरकार और बीजेपी की लाइन से हटकर बोल रहे हैं. उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर एकबार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. रविवार, 7 नवंबर को जयपुर में एक कार्यक्रममें सत्यपाल मलिक ने कहा,देश में इतना बड़ा आंदोलन आज तक नहीं चला, जिसमें 600 लोग शहीद हो गए. कुतिया भीमरती है तो दिल्ली के नेताओं का शोक संदेश जाता है, लेकिन 600 किसानों का प्रस्तावलोकसभा में पास नहीं हुआ.#WATCH | 600 people have died in this farm movement... Even when an animal dies,Delhi 'netas' express condolences, but they could not pass the proposal of 600farmers in Lok Sabha..: Meghalaya Governor Satya Pal Malik, in Jaipurpic.twitter.com/Mz8RiaCScC— ANI (@ANI) November 7, 2021आजकल इश्यू है किसानों वाला, उस पर तो बोल दो तो कंट्रोवर्सी हो जाएगी. ये अखबारवाले ऐसा कर देते हैं कि मैं दो हफ्ते तक इंतजार करता हूं कि दिल्ली से कोई टेलीफोनतो नहीं आ रहा. हालांकि गवर्नर को हटाया नहीं जा सकता फिर भी जो मेरे शुभचिंतक हैं,वो इस तलाश में रहते हैं कि ये कुछ बोलें और ये हटें. फेसबुक पर लिख देते हैं किगवर्नर साहब जब आप इतना महसूस कर रहे हो तो इस्तीफा क्यों नहीं देते. मैं कहता हूंकि आपके पिताजी ने बनाया था. मुझे जिसने बनाया था, ना तो मैं वोट से बना. मुझेबनाया था दिल्ली में दो तीन बड़े लोग हैं उन लोगों ने. और मैं उनकी इच्छा केविरुद्ध बोल रहा हूं. ये तो मैं जानकर बोल ही रहा हूं. लेकिन जिस दिन वो कह देंगेकि मुझे दिक्कत है तो मैं एक मिनट भी नहीं लगाउंगा.#WATCH | If I say something on farm issues, it will become a controversy. I waitfor weeks for a call from Delhi...A Guv can't be removed but my well-wisherswait for me to say something... The day I am told by Delhi people to leave, Iwill do so: Meghalaya Guv Satya Pal Malik pic.twitter.com/XMruK4yQ5u— ANI (@ANI) November 7, 2021आज ये स्थिति है कि हरियाणा के किसी गांव में चीफ मिनिस्टर हेलिकॉप्टर नहीं उतारसकता. पश्चिमी यूपी के किसी गांव में हमारा मिनिस्टर नहीं जा सकता. रिश्तेदारी मेंनहीं जा सकता. गमी में नहीं जा सकता. फिर दिल्ली में राज करने का क्या फायदा. जिद्दकरके बैठ गए हो आप. अरे सामने बिठाओ, आपके किसान हैं. इतने बुरे हाल में रहते हैंउनकी छोटी सी बात मान लो. और माननी पड़ेगी ऐसा नहीं है बिना माने काम चल जाएगा.उन्होंने कहा, उन्होंने अपने भाषण में कहा,सत्यपाल मलिक ने कह कि किसान आंदोलन का असर भारत की सेनाओं पर भी पड़ा है. वहां भीइन्हीं किसानों के बेटे हैं. कुछ भी हो सकता है. आज आप ताकत में हो. युद्ध होता हैतो इन्हीं किसानों के लडकों को झोंका जाता है. कारगिल में सरकार की गलती थी. इसकीकीमत किसान के बच्चों ने चुकाई. अन्याय हमारे ही साथ होता है. इसमें किसी न किसीदिन लोग रिएक्ट कर जाते हैं. अभी तक किसानों ने कंकड़ भी नहीं मारा है.मलिक ने कहा- सरकार में ऐसे लोग हैं, जो किसानों के पक्ष में है. एक-आध लोग हैं,जिनके दिमाग में घमंड है. घमंड तो किसी का भी नहीं चला. किसान दिल्ली से हारकर नहींआएंगे. उन्होंने तय करके रखा है कि इस काम को पूरा करके ही रहेंगे. उन्होंनेकहा किकेंद्र सरकार केवल एमएसपी मान ले तो काम हो जाएगा. एमएसपी पर कानून से कम पर किसाननहीं मानेंगे. एमएसपी पर कानून कई लोग नहीं बनने देना चाहते क्योंकि उस कारण सेकिसी का नुकसान होता है. अडाणी का पानीपत में गोदाम बन गया, जब तक पार्लियामेंट मेंकानून ही पास नहीं हुआ था. मैं लिखकर देता हूं कि एमएसपी रहेगी. एमएसपी को कानूनीजामा पहनाया जाएगा.