सिर्फ 500 रुपये में निपट गई ये शादी और मोदी इस पर लट्टू हैं
प्रधानमंत्री चाहते हैं कि ऐसी शादी घर-घर में हो.
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फोटो - thelallantop
कैश की दिक्कते हैं. इसलिए सूरत में एक जोड़े ने अपनी शादी 500 रुपये में निपटा ली.
उन्होंने कोई ताम-झाम नहीं किया और अपने मेहमानों को सिर्फ चाय पिलाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने 'मन की बात' रेडियो प्रोग्राम में इस जोड़े का जि्कर किया.
उन्होंने कहा, 'चुनावों के समय मैं 'चाय पर चर्चा' की बात करता था. मैंने नहीं सोचा था कि ये शादी के हॉल तक पहुंच जाएगा. मुझे पता चला कि 17 नवम्बर को सूरत में, एक ऐसी शादी हुई, जो शादी चाय पर चर्चा के साथ हुई. गुजरात में सूरत में एक बेटी ने अपने यहां शादी में जो लोग आए, उनको सिर्फ़ चाय पिलाई और कोई जलसा नहीं किया, न कोई खाने का कार्यक्रम, कुछ नहीं - क्योंकि नोटबंदी के कारण कुछ कठिनाई आई थी पैसों की. बारातियों ने भी उसे इतना ही सम्मान माना. सूरत के भरत मारू और दक्षा परमार - उन्होंने अपनी शादी के माध्यम से भ्रष्टाचार के खिलाफ़, काले धन के खिलाफ़, ये जो लड़ाई चल रही है, उसमें जो योगदान किया है, ये अपने आप में प्रेरक है. '
https://twitter.com/ANI_news/status/801988778734690304
ANI से बात करते हुए दुल्हन दक्षा ने खुशी जताई है कि प्रधानमंत्री ने उनका नाम लिया. उन्होंने बताया, 'जिस चाय पर मोदी जी चर्चा करते हैं, उसी चाय पर हमने शादी करने का सोचा. हम बहुत खुश हैं कि हमारा संदेश प्रधानमंत्री जी तक पहुंचा.'
दक्षा ने इससे पहले मीडिया से बात करते हुए बताया कि ये फैसला उन्हें नोटबंदी की वजह से लेना पड़ा था. उन्होंने कहा था, 'शुरू में जब मोदीजी ने नोटबंदी का ऐलान किया तो हम परेशान हो गए थे, क्योंकि हमारी शादी की तारीख पहले से तय थी. बाद में हमने सादगी से, बिना ताम-झाम के शादी करने का फैसला लिया. हमने मेहमानों को बस चाय-पानी पिलाकर उनकी खातिरदारी की.'
https://twitter.com/ANI_news/status/801990307038437377
दक्षा के पति भरत ने कहा कि उनकी शादी पहले से तय थी, इसलिए उन्होंने सादगी से शादी करने का फैसला लिया. इसलिए बस 'चाय-पानी' वाली शादी की.
https://twitter.com/ANI_news/status/801990761298300928
प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' में ये भी कहा, 'मेरे प्यारे नौजवान मित्रो, मैं फिर एक बार कहता हूं, मुझे इस काम में आपकी मदद चाहिए. जी-जी-जी, मैं दोबारा कहता हूं, मुझे आपकी मदद चाहिए और आप, आप मुझे विश्वास है मेरे देश के करोड़ों नौजवान इस काम को करेंगे, आप एक काम कीजिए, आज से ही संकल्प लीजिए कि आप स्वयं cashless society के लिए ख़ुद एक हिस्सा बनेंगे.'
प्रधानमंत्री ने नोटबंदी पर जनता से समर्थन और 50 दिनों का सहयोग मांगा है. वे उन लोगों की तारीफ भी कर चुके हैं जो नोटबंदी के पक्ष में त्याग कर रहे हैं.
पर इसे त्याग कहेंगे या मजबूरी, ये बहस का विषय है. पर शादियों का खर्च और ताम-झाम यूं भी दूर हो तो अच्छा ही है.

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