कॉन्सर्ट के दौरान केके की हालत कैसे बिगड़ी? डॉ. नरेश त्रेहन की बातें गौर करने वाली हैं
मेदांता के चेयरमैन कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरेश त्रेहन ने बताया कि कॉन्सर्ट के दौरान केके की हालत अचानक बिगड़ने की क्या वजहें हो सकती हैं और अब कम उम्र में ही लोगों को हार्टअटैक क्यों आ रहे हैं.

सिंगर केके की मेडिकल रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताया गया है. हालांकि असल वजह जानने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. इस बीच आजतक ने देश के जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट और मेदांता के चेयरमैन डॉक्टर नरेश त्रेहन से बात की. जानने की कोशिश की गई कि कॉन्सर्ट के दौरान केके की हालत अचानक कैसे इतनी बिगड़ गई और कम उम्र में ही हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के खतरे के पीछे क्या कारण हैं.
आजतक से जुड़ीं तेजश्री पुरंदरे से बातचीत में डॉ. नरेश त्रेहन ने कहा कि हार्ट में पहले से मौजूद ब्लॉकेज और स्ट्रेसफुल हालात में हार्ट अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने बताया,
'कोई दो से तीन घंटे लगातार गा रहा है तो जाहिर सी बात है स्ट्रेस तो हुआ है. कॉन्सर्ट के दौरान केके बार-बार गर्मी की शिकायत कर रहे थे. कॉन्सर्ट सिंगिंग एक हाई एनर्जी एक्टिविटी है. इसलिए इस बात का अहसास केके को नहीं हुआ होगा कि उन्हें हार्ट अटैक के लक्षण हैं. हो सकता है उन्हें लगातार इतनी बड़ी लाइट्स के सामने परफॉर्मेस देते वक्त डिहाइड्रेशन हुआ हो. जिससे हीट स्ट्रोक हो सकता है. हिट स्ट्रोक में खून गाढ़ा हो जाता है. ब्लड क्लोटिंग भी बढ़ जाती है और ऐसा तब ज्यादा होता है जब हार्ट की कोई प्री हिस्ट्री डिसीज हो. ऐसे हादसों में 'कोरोनरी आर्टरी रपचर' हो सकती है, जिसे हम डिसेक्शन कहते हैं. इससे तुरंत हार्ट अटैक होता है.'
केके से पहले भी कई सेलिब्रिटीज कम उम्र में ही हार्ट अटैक का शिकार हो चुके हैं. पिछले साल 29 अक्टूबर को साउथ के सुपरस्टार पुनीत राजकुमार की मौत भी हार्ट अटैक से हुई थी. उनकी उम्र महज 46 साल थी. 40 साल के एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला का निधन भी पिछले साल 2 सितंबर को हार्ट अटैक से ही हुआ था. ऐसे में कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा क्यों पैदा होता है और इससे कैसे बचा जाए, इसे लेकर डॉ त्रेहन ने बताया,
'विदेश में 4 से 5 प्रतिशत लोगों को हृदय रोग होता है, लेकिन भारत में ये आंकड़ा दोगुना है. जेनेटिक प्रोपेलेंट इसका सबसे बड़ा कारण है. स्ट्रेस, ओबेसिटी, व्यायाम न करना इसके रिस्क फैक्टर को बढ़ा देते हैं. इससे सावधानी रखने के लिए 25 साल की उम्र में अपना हेल्थ चेक अप करवा लेना चाहिए.'
डॉ त्रेहन का कहना है कि हर व्यक्ति को अपने ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल लेवल की नियमित रूप से जांच करवानी चाहिए. अगर ये ज्यादा हैं तो तुरंत इनका इलाज शुरू कर देना चाहिए. वहीं इस तरह की बीमारियों से बचने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए.
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