सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन सीमा पर लंबे समय से सैन्य निर्माण कर रहा है
'इंडिया टुडे' ने सैटेलाइट इमेज का किया अध्ययन.
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चीन के दक्षिणपूर्वी का कियेंग्सी प्रांत (गूगल मैप्स स्क्रीनशॉट)
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वास्तविक नियंत्रण रेखा. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल. LAC के पास चीन लंबे समय से बड़ा निर्माण कर रहा है. विशेषज्ञ भी इस बात को मानते हैं. लेकिन किसी के पास इस सैन्य निर्माण का विजुएल रेफरेंस नहीं था. पहली बार 'इंडिया टुडे' ने पिछले 10 साल में ली गई आठ सैटेलाइट इमेज जारी की हैं.
'इंडिया टुडे' के ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) डेस्क ने गलवान घाटी में 2010 में बंजर इलाक़े से लेकर 2015 तक एक सड़क और एक पुल के निर्माण सहित 2020 में बड़े पैमाने पर सैन्य निर्माण की सैटेलाइट इमेज का अध्ययन किया है.
सामने आई सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि चीन ने 2015 में एक सड़क का निर्माण किया. इसके साथ ही एक स्ट्रक्चर खड़ा किया. हालांकि किसी तरह का मिलिट्री बिल्डअप नहीं हुआ.
लेकिन 2020 में Hawkeye ने सैटेलाइट इमेज जारी की. उसमें दिख रहा है कि चीन बड़े पैमाने पर निर्माण कर रहा है.
सैटेलाइट इमेज, जिसमें चीन का निर्माण दिख रहा है.
सैटेलाइट से ली गई इमेज का क्लोजप व्यू

इन तस्वीरों में दिख रहा है कि चीन वॉटर चैनल, रोड और ब्रिज का निर्माण कर चुका है.
पड़ताल: क्या सच में चीन-भारत के बीच हुई हिंसक झड़प में चीन के 43 सैनिक मारे गए?
'इंडिया टुडे' के ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) डेस्क ने गलवान घाटी में 2010 में बंजर इलाक़े से लेकर 2015 तक एक सड़क और एक पुल के निर्माण सहित 2020 में बड़े पैमाने पर सैन्य निर्माण की सैटेलाइट इमेज का अध्ययन किया है.
सामने आई सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि चीन ने 2015 में एक सड़क का निर्माण किया. इसके साथ ही एक स्ट्रक्चर खड़ा किया. हालांकि किसी तरह का मिलिट्री बिल्डअप नहीं हुआ.
लेकिन 2020 में Hawkeye ने सैटेलाइट इमेज जारी की. उसमें दिख रहा है कि चीन बड़े पैमाने पर निर्माण कर रहा है.
सैटेलाइट इमेज, जिसमें चीन का निर्माण दिख रहा है.
सैटेलाइट से ली गई इमेज का क्लोजप व्यू
इन तस्वीरों में दिख रहा है कि चीन वॉटर चैनल, रोड और ब्रिज का निर्माण कर चुका है.
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