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करगिल में शहीद हुए थे पिता, बेटे ने पुंछ में कुर्बानी दी, मां बोली- मुझे उस पर गर्व है

कहानी पुंछ में शहीद कुलवंत सिंह की.

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Kulwant Sing Martyred in Poonch terror attack
शहीद कुलवंत सिंह की मां ने कहा, 'मुझे बेटे पर गर्व है.'
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सुरभि गुप्ता
22 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 22 अप्रैल 2023, 12:15 PM IST)
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बेटा शहीद हो गया. परिवार, गांव, शहर को फक्र है. घर पर मातम भी है. लेकिन अपने पिता के पदचिन्हों पर चलकर देश के लिए कुर्बानी देने वाले कुलवंत की कहानी अमर हो गई है. लगातार बहते आंसुओं के बीच मां कहती है कि अपने पिता की तरह आज मेरा बेटा भी शहीद हुआ है. मुझे उस गर्व है, लेकिन उसके बच्चों की फिक्र है. 

दरअसल, पुंछ आतंकी हमले (Poonch Terrorist Attack) में शहीद होने वाले लांस नायक कुलवंत सिंह के पिता भी सेना में थे. 1999 में करगिल युद्ध के दौरान कुलवंत के पिता बलदेव सिंह शहीद हुए थे. पिता की शहादत के 11 साल बाद साल 2010 में कुलवंत सिंह सेना में शामिल हुए थे. 20 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में हुए आतंकी हमले में लांस नायक कुलवंत सिंह शहीद हो गए. 

डेढ़ साल की बेटी और 3 महीने का बेटा है

लांस नायक कुलवंत सिंह पंजाब के मोगा जिले के चड़िक गांव के रहने वाले थे. उनका परिवार गांव में ही रहता है. लगभग तीन साल पहले कुलवंत सिंह की शादी हुई थी. उनकी लगभग डेढ़ साल की एक बेटी है और 3 महीने का एक बेटा है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कुलवंत की मां हरजिंदर कौर ने बताया कि जब कुलवंत के पिता शहीद हुए थे, तब कुलवंत बच्चे थे. वो कहती हैं,

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कुलवंत सिंह की पत्नी हरदीप कौर कहती हैं,

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पुंछ आतंकी हमले में 5 जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में 20 अप्रैल को सेना के एक ट्रक पर आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में लांस नायक कुलवंत सिंह सहित 5 जवान शहीद हो गए. शहीद हुए अन्य चार जवानों के नाम हैं- हवलदार मनदीप सिंह, लांस नायक देबाशीष बसवाल, सिपाही हरकृष्ण सिंह और सिपाही सेवक सिंह.

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हवलदार मनदीप सिंह लुधियाना जिले के चानकोइयां कलां गांव के रहने वाले थे. लांस नायक देबाशीष बसवाल ओडिशा के रहने वाले थे. वे पुरी जिले के एक गांव से थे और 2021 में ही उनकी शादी हुई थी. वह अपने पीछे पत्नी के अलावा 7 महीने की बेटी छोड़ गए हैं. सिपाही हरकृष्ण सिंह बटाला के तलवंडी भा-रथ गांव के रहने वाले थे. ग्रामीणों ने बताया कि शहीद होने से कुछ घंटे पहले उन्होंने अपनी पत्नी और 2 साल की बेटी से वीडियो कॉल पर बात की थी. सिपाही सेवक सिंह बठिंडा के बाघा गांव के रहने वाले थे. 

वीडियो: पुंछ आतंकी हमला: आतंकी कहां छिपे, भारतीय सेना को पता चला, शहीदों का परिवार क्या बोला?

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