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शादी के लिए गांव गए थे बीजेपी नेता, माओवादियों ने परिवार के सामने कुल्हाड़ी से मार डाला

एक हफ्ता पहले पुलिस ने नीलकंठ कक्केम को हिदायत दी थी कि उनकी जान को खतरा है.

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(फोटो: आजतक)
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आर्यन मिश्रा
6 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 6 फ़रवरी 2023, 09:46 AM IST)
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छत्तीसगढ़ (Chattisgarh) के बीजापुर में 5 फरवरी को माओवादियों ने भारतीय जनता पार्टी के (बीजेपी) एक नेता की हत्या कर दी (Maoists killed BJP leader in Chhattisgarh). मृतक नीलकंठ कक्केम किसी पारिवारिक कार्यक्रम की तैयारी के लिए पैतृक गांव गए हुए थे. रविवार को माओवादियों ने परिवार के सामने बीजेपी नेता की हत्या कर दी.

क्या हुआ था?

नीलकंठ कक्केम लगभग तीस सालों से राजनीति में सक्रिय थे. वो बीजापुर के रहने वाले थे. इस इलाके के उसूर ब्लॉक में उनका गांव है जो माओवाद से काफी ज्यादा प्रभावित है. आजतक से जुड़ीं सुमी राजाप्पन की रिपोर्ट के अनुसार नीलकंठ कक्केम पिछले 15 सालों से उसूर से भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. बीजापुर से जुड़े इलाकों में उनकी काफी पैठ रही. 

रिपोर्ट के मुताबिक वो अपनी पत्नी की बहन की शादी की तैयारी के लिए अपने पैतृक गांव पेनक्राम गए हुए थे. ये माओवाद से सबसे बुरी तरह से प्रभावित गांवों में से एक बताया जाता है. छत्तीसगढ़ में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इसी के मद्देनजर पुलिस ने एक हफ्ते पहले नीलकंठ को इदायत दी थी कि माओवादियों से उनकी जान को खतरा है. उनसे कहा गया था कि चुनाव नजदीक आते-आते नक्सली इस तरह की घटना को अंजाम देते आए हैं.

बीते दिन ये आशंका सही साबित हुई. माओवादी नीलकंठ कक्केम के यहां पहुंचे और चाकू और कुल्हाड़ी से उनकी हत्या कर दी. रिपोर्ट के मुताबिक वारदात के वक्त नीलकंठ का परिवार घटनास्थल पर मौजूद था. हमलावरों ने परिवार के सामने बीजेपी नेता को मारा. इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. स्थानीय पुलिस और CRPF ने घटना की जांच शुरू कर दी है.

पुलिस लगातार अभियान चला रही है

नीलकंठ कक्केम की हत्या ऐसे समय में हुई है जब छत्तीसगढ़ में पुलिस और CRPF माओवादियों के खिलाफ लगातार सफल अभियान चलाने का दावा करती रही हैं. सुरक्षाबल इलाके में माओवादियों को लेकर काफी सक्रियता के साथ काम कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ में फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस की स्थापना होने के बाद माओवादी गतिविधियों में काफी ज्यादा कमी आई है. 

बीती 1 फरवरी की देर रात भी पुलिस और CRPF ने संयुक्त अभियान चलाया था. इसमें 141 बटालियन ने सुकामा में कोंडावाई गांव के आसपास तलाशी शुरु की थी. इसके बाद 2 फरवरी को उन्होंने 7 माओवादियों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार किए गए सातों माओवादी निम्मलगुडेम की रेवेल्यूशनरी पीपल्स काउंसिल और बैन हुई भाकपा माओवादी पार्टी के सदस्य बताए गए हैं.

वीडियो: छत्तीसगढ़: आठ साल पहले माओवादी बताकर CRPF ने 8 आदिवासियों का एनकाउंटर किया, अब बड़ा खुलासा

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