मनोहर लाल खट्टर ने कहा-खुले में नमाज़ को क़तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
गुरुग्राम में चल रहे जुमे की नमाज के विवाद के बीच आया हरियाणा के मुख्यमंत्री का बयान.
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बाएं से दाएं. गुरुग्राम में विवाद पैदा करते कट्टर हिंदूवादी समूहों के लोग और हरियाणा के मुख्यमंत्री M L Khattar. (फोटो: ANI/PTI)
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गुरुग्राम में चल रहे जुमे की नमाज के विवाद के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (M L Khattar) का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि खुले में नमाज पढ़ने की प्रथा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. खट्टर का बयान ऐसे समय में आया है, जब एक बार फिर से 10 दिसंबर को गुरुग्राम के अलग-अलग सेक्टर्स में कुछ कट्टर हिंदूवादी समूहों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को नमाज पढ़ने से रोका. इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए खट्टर ने मीडिया से कहा,
"कोई अपनी जगह पर नमाज पढ़ता है, पूजा करता है, पाठ करता है, तो उसमें हमें कोई दिक्कत नहीं है. मंदिर, मस्जिद, धार्मिक स्थल इसलिए ही बने होते हैं ताकि लोग वहां जाकर पूजा पाठ करें. खुले में ऐसा कार्यक्रम नहीं होना चाहिए. नमाज पढ़ने की प्रथा खुले में हुई है. यह कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी."इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस विवाद के संबंध में खट्टर ने आगे कहा कि उन्होंने पुलिस और डिप्टी कमिश्नर से कहा है कि इस विवाद का हल निकाला जाना चाहिए. खट्टर ने आगे कहा कि इस विवाद का हल निकालने के लिए एक समुदाय से बातचीत भी की जा रही है. उन्होंने कहा,
"समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके पास ऐसी तमाम जगहे हैं, जहां उन्हें मंजूरी मिलनी चाहिए. वक्फ बोर्ड की कई जगहों पर कब्जा है. ये जगहें उन्हें कैसे फिर से मुहैया कराई जा सकती हैं, इस संबंध में चर्चा जारी है. या फिर वो अपने घरों में नमाज पढ़ सकते हैं. खुले में नमाज पढ़ना और फिर ये सारा विवाद, हम इस विवाद को जारी नहीं रहने देंगे."खट्टर ने कहा इस पूरे मामले में नए सिरे से चर्चा होगी. हमने पहले जो मंजूरी दी थी, उसे वापस ले लिया है. सभी को सुविधाएं मिलेंगी. किसी का भी अधिकार छीना नहीं जाएगा और किसी को मजबूर भी नहीं किया जाएगा. कट्टर समूहों का हंगामा इससे पहले कट्टर हिंदूवादी संगठन गुरुग्राम सेक्टर 37 पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हुए. इस इलाके को जुमे की नमाज पढ़ने के क्षेत्र के तौर पर चिह्नित किया गया था. हालांकि इन लोगों का दावा था कि वो हेलिकॉप्टर क्रैश में मारे गए सीडीएस जनरल बिपिन रावत और दूसरे सैन्य अधिकारियों के निधन का शोक मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं. हालांकि, इन समूहों ने वहां धार्मिक उन्मादी नारे लगाए.
इससे पहले भी इन लोगों ने इस तरह का विवाद पैदा किया था. मुंबई हमले की बरसी पर इन समूहों ने सेक्टर 37 की उस जगह पर हवन किया था, जिसे प्रशासन ने नमाज के लिए चिह्नित किया था. इसी तरह से सेक्टर 12 A के इलाके में गोवर्धन पूजा की थी और सेक्टर 47 में स्पीकर पर भजन बजाए थे. 10 दिसंबर के दिन इन समूहों ने सेक्टर 37 के साथ-साथ सेक्टर 44 और सेक्टर 29 में भी विवाद पैदा किया. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद पैदा करने में वो लोग भी शामिल थे, जिन्हें 29 अक्टूबर को ऐसा ही करने के लिए गिरफ्तार किया गया था.Gurgaon: Locals and right wing groups have occupied the site outside sector 37 police station, where namaz is offered, and parked their cars and trucks there. They claim they have gathered here to mourn the demise of CDS and other defence personnel, who were killed in a crash. pic.twitter.com/1qqL7swy4y
— Pavneet Singh Chadha 🚜 🌾 (@pub_neat) December 10, 2021

