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BJP विधायक वाले मामले में मनीष कश्यप के खिलाफ निकला वारंट, अब और दिक्कत होगी?

मनीष कश्यप फिलहाल बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का फर्जी वीडियो बनाने और शेयर करने के मामले में तमिलनाडु की जेल में बंद है. मनीष कश्यप पर NSA भी लगा है.

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Manish Kashyap Has Been Sent Warrant By Bettiah Court In BJP MLA Case
मनीष कश्यप के खिलाफ बेतिया कोर्ट ने वारंट जारी किया. (फोटो- आजतक/Umakant Singh- Facebook)
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ज्योति जोशी
20 जून 2023 (अपडेटेड: 20 जून 2023, 12:52 PM IST)
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यूट्यूबर मनीष कश्यप (Manish Kashyap) की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. अब एक नए मामले में बिहार के बेतिया कोर्ट (Bettiah Court) ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया है. दरअसल, कश्यप पर चनपटिया क्षेत्र से BJP विधायक उमाकांत सिंह के साथ विधानसभा चुनाव के दौरान मारपीट करने और रंगदारी मांगने का आरोप है. उसी केस में वारंट जारी हुआ है. 27 जून को कोर्ट में पेशी होनी है.

इंडिया टुडे से जुड़े रामेंद्र गौतम की रिपोर्ट के मुताबिक, उस चुनाव में मनीष भी चनपटिया क्षेत्र से ही निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहा था.

बेतिया के सिविल कोर्ट ने मनीष को मदुरै की जेल से बेतिया कोर्ट में पेश होने के लिए वारंट जारी किया है. पुख्ता सुरक्षा-व्यवस्था के बीच उसे 27 जून को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा.

आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज

मनीष कश्यप फिलहाल बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का फर्जी वीडियो बनाने और शेयर करने के मामले में तमिलनाडु की जेल में बंद है. उस केस में यूट्यूबर के खिलाफ तीन केस दर्ज हैं. बैंक मैनेजर के साथ दुर्व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने को लेकर 2022 में भी उसके खिलाफ एक मामला दर्ज कराया गया था. मनीष कश्यप पर NSA भी लगा है. आर्थिक अपराध इकाई ने भी मनीष कश्यप पर कई मामले दर्ज किए हैं. कुल मिलाकर यूट्यूबर पर अभी आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं.

इससे पहले मनीष कश्यप ने सुप्रीम कोर्ट के सामने फर्जी वीडियो वाले मामले में बिहार और तमिलनाडु में अपने खिलाफ दर्ज तीन FIR को एक साथ करने की मांग की थी. मनीष की यह मांग खारिज कर दी गई थी.

आरोप है कि मनीष कश्यप ने एक वीडियो अपलोड किया जिसमें बिहार के प्रवासी मजदूरों को कथित तौर पर तमिलनाडु में प्रताड़ित करते हुए दिखाया गया. इधर, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्य में प्रवासी श्रमिकों के उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया. आरोप है कि वो वीडियो फर्जी हैं.

इससे पहले 18 मार्च को पुलिस कुर्की-जब्ती के लिए मनीष कश्यप के घर गई थी. उसी दिन मनीष कश्यप ने जगदीशपुर थाने में सरेंडर कर दिया था. इसके बाद तमिलनाडु पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई थी. 

वीडियो: सोशल लिस्ट: यूट्यूबर मनीष कश्यप को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार किया तो क्या हुआ?

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