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बम के टुकड़े, बंकर, जल चुकीं गाड़ियां, गिरे हुए घर... मणिपुर में 'युद्ध' जैसे हालात!

Manipur: पिछले साल तक स्थानीय पाइपों के जरिए पंप गन बनाकर रॉकेट दागे जा रहे थे. इनकी रेंज काफी कम थी. लेकिन हाल के दिनों में रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) का इस्तेमाल किया जा रहा है. इनकी मारक क्षमता काफी दूर तक है.

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रवि सुमन
| आशुतोष मिश्रा
9 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 9 सितंबर 2024, 11:30 AM IST)
Manipur Violence
मणिपुर में हिंसा की ताजा घटनाएं हुई हैं. (तस्वीर: इंडिया टुडे)
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मणिपुर (Manipur Violence) में पिछले कुछ दिनों में हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं. इनमें ड्रोन और रॉकेट से किए गए हमले भी शामिल हैं. पिछले साल 3 मई को कुकी और मैतेई समुदाय के लोगों के बीच शुरू हुआ संघर्ष अब तक थमा नहीं है. इंडिया टुडे ग्रुप की टीम यहां के जिरीबाम समेत पहाड़ी की तलहटी में बसे उन गांवों में पहुंची जहां ड्रोन और रॉकेट से हमले हुए थे. इंफाल पश्चिम जिले के कोटरुक में ‘युद्ध क्षेत्र’ जैसी स्थिति दिखी. यहां हिंसा के कई निशान थे. जैसे- बम के टुकड़े, जमीन पर काली और सफेद राख, ढही हुई टिन की छतें, जल चुकीं गाड़ियां और नष्ट हो चुके घर.

हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबल तैनात हैं. और अधिक हमलों की आशंका के चलते लोगों से घरों के अंदर ही रहने को कहा गया है. भारतीय रिजर्व बटालियन (IRB) पहाड़ी इलाकों में गश्त कर रही है. वहीं ग्राम रक्षा बल गांवों में स्नाइपर राइफलों के साथ तैनात हैं. सुरक्षा बल तलाशी अभियान चला रहे हैं और अलग-अलग जगहों से हथियार जब्त कर रहे हैं. इनमें रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) और उच्च श्रेणी की असॉल्ट राइफल्स शामिल हैं.

Manipur
नष्ट हो चुके घर. (तस्वीर: इंडिया टुडे)

ये भी पढ़ें: मणिपुर: ताजा हिंसा के बाद एक्शन, उग्रवादियों के बंकर तबाह, बड़ी संख्या में मिले रॉकेट बम

गांव के सुरक्षा बलों ने अपने गांवों को ड्रोन हमलों और गोलीबारी से बचाने के लिए बंकर बनाए हैं. उन्होंने स्पॉटर्स भी तैनात किए हैं, जो लंबी दूरी की दूरबीनों का उपयोग करके उन क्षेत्रों का पता लगाते हैं जहां से गोलीबारी हो रही है. इसके अलावा, गार्डों के कैंप में हाईटेक वॉकी-टॉकी सेट, बुलेटप्रूफ जैकेट और बैरल बंदूकें मौजूद हैं. नाम न छापने की शर्त पर एक ग्राम रक्षा स्वंयसेवक ने बताया कि रॉकेट हमले से बचने के लिए वो एक बंकर में रहा था. 

पिछले साल तक स्थानीय पाइपों के जरिए पंप गन बनाकर रॉकेट दागे जा रहे थे. इनकी रेंज काफी कम थी. लेकिन हाल के दिनों में रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) का इस्तेमाल किया जा रहा है. इनकी मारक क्षमता काफी दूर तक है.

इधर, इंफाल में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया है. लोग मशाल लेकर राज्यपाल भवन की ओर मार्च कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने हाल में हुई हिंसा के खिलाफ नारे लगाए. और गर्वनर हाउस में घुसने की कोशिश की. लेकिन वहां तैनात सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया. इस बीच, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने मांग की है कि राज्य में सुरक्षा की जिम्मेदारी और शक्तियां उन्हें वापस दी जाएं.

वर्तमान में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त सुरक्षा सलाहकार को सौंप दी है.

हाल के हमलों को देखते हुए, मणिपुर पुलिस ने क्षेत्र में ड्रोन रोधी प्रणालियां तैनात की हैं और कथित तौर पर ऐसी और प्रणालियां और ड्रोन रोधी बंदूकें खरीदने की प्रक्रिया चल रही है. ड्रोन और रॉकेट हमलों में वृद्धि ने राज्य में मैतेई और कुकी समूहों के बीच चल रहे संघर्ष में एक नया खतरा पैदा कर दिया है, जिसमें अब तक 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

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