गणेश विसर्जन यात्रा पर 'पथराव' के बाद दो समुदायों में झड़प, जमकर तोड़फोड़, दुकानें जला दीं
Karnataka News: घटना मांड्या जिले की है. गांव के युवक गणेश विसर्जन के लिए जुलूस निकाल रहे थे. आरोप है कि एक मस्जिद के पास से गुजरते वक्त उन पर पत्थर फेंके गए. फिर बवाल शुरू हो गया.

कर्नाटक के मांड्या जिले में गणेश विसर्जन के लिए निकाली गई यात्रा के दौरान बवाल हो गया. आरोप है कि इसके मस्जिद के पास से गुजरते वक्त लोगों पर पथराव किया गया (Stone Pelting Ganesh Yatra Karnataka). खबर है कि इस घटना के बाद दो समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए. आसपास की दुकानों में तोड़फोड़ और गाड़ियों में आग लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है.
इंडिया टुडे से जुड़े सगय राज की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना जिले के बदरीकोप्पलु गांव की है. 10 सितंबर को गांव के युवक गणेश विसर्जन के लिए जुलूस निकाल रहे थे. आरोप है कि नागमंगला में मेन रोड पर एक मस्जिद के पास से गुजरते वक्त उन पर पत्थर फेंके गए. इस घटना से हालात बिगड़ गए और दोनों समुदाय के बीच झड़प शुरू हो गई.
मांड्या के एसपी मल्लिकार्जुन बालादंडी ने बताया कि गणेश यात्रा मस्जिद के पास पहुंचने पर रुक गई और काफी देर तक वहां से आगे नहीं बढ़ी. उन्होंने बताया,
इस पर दोनों समुदायों के लोगों के बीच बहस हो गई. पुलिस ने हस्तक्षेप किया और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की. स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. लाठीचार्ज के बाद दूसरे समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और पथराव करने लगे. सड़क के किनारे कुछ बाइक और दुकानें जला दी गईं. स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल में है.
पुलिस ने इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (उपद्रव या आशंकित खतरे के तत्काल मामलों में जारी आदेश) की धारा 163 लगा दी गई है. लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है और भीड़ जुटाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस के मुताबिक, झड़प में कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं.
खबर है कि घटना से नाराज हिंदू समुदाय के लोगों ने जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने नागमंगला में बंद भी बुलाया है.
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने पोस्ट में लिखा,
जिस तरह से एक समूह ने जानबूझकर भगवान गणपति की शोभायात्रा में शांतिपूर्वक चल रहे भक्तों को निशाना बनाते हुए पत्थर और चप्पल फेंके, पेट्रोल बम फोड़े और तलवारें लहराईं, वो शहर में शांति और व्यवस्था की असफलता का प्रमाण है. जब उस समुदाय के असामाजिक तत्व पुलिस स्टेशन के सामने सुरक्षा की मांग कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को उत्पीड़ित करते हैं तो सवाल उठता है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं.
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बता दें, गुजरात के सूरत में भी 8 सितंबर की रात कथित तौर पर कुछ लोगों ने गणेश पंडाल पर पथराव किया था. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 28 लोगों को गिरफ्तार किया. साथ ही 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई. कई आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की गई.
वीडियो: सूरत में गणेश उत्सव के दौरान पंडाल पर पथराव, लोगों ने घेरा पुलिस थाना

