एक बेरोजगार आदमी ने थोड़े से पैसे कमाने के लालच में अपनी जान को खतरे में डालदिया. असल में अपने घरवालों को पैसे भेजने के लिए उसने एक ऐसी शर्त लगा ली, जिसमेंउसकी जान जाते जाते रह गई. द मिरर के मुताबिक 41 साल का देबेश खनाल को उसके दोस्तोंने कहा कि अगर वो साबरमती नदी को तैर कर पार कर ले तो उसे 500 रुपये देंगे. पैसेकमाने का आसान तरीका पा कर देबेश ने नदी में छलांग दी. पर नदी में कुछ मीटर तैरतेही उसे खतरे का एहसास हो गया. वो मदद के लिए चीखने लगा. फिर नदी के पास तैनातगार्डों ने आ कर उसकी जान बचाई. देबेश नेपाल का रहने वाला है. और आजकल गुजरात मेंदिहाड़ी पर काम कर रहा था. देबेश ने द मिरर को बताया, "मैं छोटे मोटे काम कर दिन भरमें लगभग 400 रुपये कमा लिया करता था. लेकिन इन दिनों मुझे पैसों की ज्यादा जरूरतथी. मैंने अपने दोस्त सागर थापा से मदद मांगी. उसने मुझसे कहा कि अगर साबरमती नदीतैर कर पार कर जाऊं तो मुझे 500 रुपये देगा." पिछले एक हफ्ते से देबेश बेरोजगार था.दान का दिया हुआ खा रहा था. "मेरा बेटा साइंस पढ़ता है. उसे पढ़ाने के लिए मुझे पैसेचाहिए थे. इसलिए मैंने दोस्त की शर्त मान ली. पर मुझे बीच में लगने लगा कि मैं डूबजाऊंगा." जब तक गार्ड देबेश को बचाते, उसका दोस्त सागर वहां से भाग निकला. देबेश नेपुलिस को बताया कि वो अपने गांव में अक्सर तैरता था. उसे यकीन था कि वो ये शर्त जीतलेगा. देबेश 6 साल पहले शहर में नौकरी की तलाश में आया था. 6 साल पहले उसके पिता कीमौत हो गई थी. वो घर का इकलौता कमाने वाला बंदा था. एक होटल में किचन सुपरवाइजर था.पर होटल बंद हो जाने की वजह से उसकी नौकरी चली गई. तबसे अलग अलग होटलों में ठेके परकाम कर रहा था. फिलहाल पुलिस ने पूरी घटना को दर्ज कर लिया है.