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वहां चलती ट्रेन में पिज्जा, यहां खाने में काकरोच!

एक लड़के ने ट्वीट किया कि उसे चलती ट्रेन में पिज्जा की डिलिवरी मिल गई. लेकिन यहां शुद्ध खाना और साफ पानी मिल जाए यही बड़ी बात है.

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3 मई 2016 (अपडेटेड: 3 मई 2016, 07:41 AM IST)
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फोटो - thelallantop
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एक लड़के ने चलती ट्रेन में पिज्जा ऑर्डर किया. डिलिवरी पाने में भी कामयाब रहा. फिर ये किस्सा उसने ट्विटर पर पोस्ट किया. और बन गया हीरो हीरालाल. भयंकर वायरल हुआ उसका ट्वीट. फेसबुक पर भी डाल दिया. अब इससे पहले कि तुम भी अइसा एडवेंचर प्लान करो. हम बता दें कि ये न्यूज स्कॉटलैंड की है. Celebrity DJ Artwork नाम का है वो ट्विटर एकाउंट. चलती ट्रेन में उसने पिज्जा ऑर्डर किया. अगले स्टेशन का पिन कोड दिया. डोमिनोज़ का पिज्जा सेंटर डार्लिंगटन रेलवे स्टेशन पर ही था. वहीं तीन लड़कियों ने उसे पिज्जा डिलिवर कर दिया. उसका ट्वीट देख लो. https://twitter.com/artworkmagnetic/status/723925688433184769

लल्लन कहिस

हम देखे तो एकबारगी भरोसा नहीं हुआ. मने कइसे पॉसिबल है? लेकिन फिर माथे पर मुक्का मार कर सोचा तो लगा, क्यों नहीं हो सकता. स्कॉटलैंड है वो. हम जहां रहते हैं वहां की बात कर लें. यहां पानी जो मिलता है न बोतल में बंद. वो कई बार स्टेशन पर ही खाली बोतलें लड़के इकट्ठी करके ले जाते हैं. वहीं कहीं उनकी री-फिलिंग हो जाती है. बिस्लरी, किनले, एक्वाफिना, रेलनीर के नाम पर गंदा पानी पीने को मिलता है. तुम पिज्जा की बात कर रहे हो? यहां चलती ट्रेन में पूरा खाना मिल जाता है. साथ ही खाने में जिंदा काकरोच, कीड़े और मरे चूहे भी. वो क्या खाकर हमारे इंडिया की बराबरी करेंगे. ये देखो. राजधानी एक्सप्रेस में काकरोची खाना मिला था कभी. rail food और सुनो. जिस शहर और रेलवे स्टेशन की बात ये कर रहे हैं, वो मतलब भर का बड़ा होगा. दिल्ली, लखनऊ, झांसी, रतलाम जैसा. वहां पिज्जा क्या सरग की तरोई भी ऑर्डर करो तो आ जाएगी. हमारे अकबर गंज रेलवे स्टेशन पर भी एक बार ट्राई करके देखो. मैंने बचपन में कई साल देखा कि वहां ट्रेन रुकती. चली जाती. स्टेशन मास्टर को जाग कर झंडी दिखाने आना पड़ता तो बड़ी प्रॉब्लम होती थी. क्योंकि पूरे रेलवे स्टेशन पर वही एक स्टाफ था. साथ में एक चपरासी. दोनों पूरा काम करते थे. मने चपरासी स्टेशन मास्टर का काम भी कर लेता था और स्टेशन मास्टर झाड़ू, सफाई, घंटी बजाना, गोला उठाना सब कुछ. उस स्टेशन पर कभी कभी पैसेंजर भी आते थे. लेकिन मुख्यतः उस स्टेशन का निर्माण ट्रेनों की क्रॉसिंग के लिए कराया गया था. इन हालात में पिज्जा छोड़ो, यमदूत भी पहुंचने में ऑफिस से छुट्टी ले लेते हैं. अभी रेलमंत्री सुरेश प्रभु हैं. ट्विटर पर लोगों की प्रॉब्लम्स सॉल्व कर देते हैं. काफी अच्छा काम उन्होंने कर डाला है. साफ सफाई और सुविधाएं बेहतर हुई हैं. लेकिन खाने पानी की क्वालिटी सुधरनी अभी बाकी है.

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