6 साल पहले मरा आदमी सपेरों के साथ टहलता मिला
सन 2009 में सांप ने काट लिया था. गांव घर वालों ने मरा हुआ जान कर गंगा की तेज धार में उसकी डेडबॉडी विसर्जित कर दी. लेकिन फिर..
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फोटो - thelallantop
आओ सुनाऊं चमत्कार की एक कहानी. कहानी नहीं भैया हकीकत है. मुज़फ्फरनगर में एक आदमी सपेरों के साथ टहलता मिला जिसकी 6 साल पहले मौत हो गई थी. सांप काटने से. सपेरों की टोली के साथ घूमते इस आदमी को उसकी बहन ने पहचान लिया और हाथ पकड़ कर घर ले आई.
कैसे हुई मौत
शाहपुर थाने के गांव किनोनी के राजीव कश्यप बुढ़ाना थाने के गांव सठेडी में एक कोल्हू पर गुड़ पकाने का काम करता था. करीब 6 साल पहले नवम्बर 2009 में काम करते वक्त राजीव को जहरीला सांप चबा लिहिस. कोल्हू पर रहने वाले लोग उसको लाए घर. सब लोगों ने समझा कि ये मर गया. उसकी बॉडी को फेंक आए गंगा की तेज धार में.
बचा कैसे
बहते हुए राजीव पर निगाह पड़ी सपेरों की. उसको निकाला. इलाज किया. जी उठा. एकदम फिल्मी इस्टाइल में. लेकिन सांप के जहर के असर से उसकी मेमोरी हो गई थी कमजोर. वो बता नहीं पाया कि कहां से आया है कौन है. सपेरों ने उसको कहा हमारे साथ रहो फिर. जब हमने बचाया है तो हम ही संभालेंगे भी. उनके साथ जिंदगी बीत रही थी.
घरवालों से मिला कैसे
राजीव की बहन ब्याही है बुढ़ाना में. शनिवार को घर से बाहर गई थी किसी काम से. उधर सपेरों का ग्रुप देखा जो उधर से निकल रहा था. एक आदमी उसको जाना पहचाना लगा. पास जाकर देखा तो निकला उसका भाई राजीव. अपनी मम्मी को बुला कर ले गई. वो भी पहचान गई. सब उसको घर बुला लाए. घर में बंपर खुशी का माहौल है. इस तरह हैप्पी एंडिंग हो गई उस कहानी की. जो सांप काटने से ट्रैजिक हो गई थी.
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