ड्राइवर से बोला, जैसे बोल रहा हूं ट्रेन चला, आरपीएफ ने मार दी गोली
हॉस्पिटल ले जाया गया. इलाज के दौरान मौत हो गई. बीवी के मर्डर का आरोपी था. आरपीएफ पर केस दर्ज.
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ऑटो, टैक्सी करते हो. तो जहां कहते हो ले जाता है. आपकी मनचाही जगह.पर ट्रेन में चढ़े हो और ड्राइवर से बोलो हमको ले चलो घर. तो ऐसा होता है क्या? नहीं न. ऐसी ही एक गलती की सुरेश ने. और उसे जान से हाथ धोनी पड़ी.
पुणे की घटना है. 31 साल का आदमी. नाम सुरेश पुरोहित. बीवी के मर्डर का आरोपी. कूदके चढ़ गया महालक्ष्मी एक्सप्रेस के इंजन में. ड्राइवर से बोला जैसे मैं कहता हूं वैसे ट्रेन चलाओ. ड्राइवर बोला सर जी ऐसा नहीं हो सकता. इतना सुनकर सुरेश भड़क गया. उसको पीटने लगा.
ड्राइवर ने सोचा निपटना मुश्किल है. काहे कि ट्रेन चल रही थी. उससे लड़ने के चक्कर में ट्रेन भिड़ जाती तो? इसलिए उसने बजा दिया हॉर्न. और लगाया इमरजेंसी ब्रेक. हॉर्न सुनकर भागते हुए चार आरपीएफ वाले पहुंचे.
देखा तो सुरेश खड़ा ड्राइवर को परेशान किये पड़ा था. इन लोगों ने जब उसको हटाने की कोशिश की तो इनसे भी भिड़ गया. एक सिपाही से जबर मारापीटी हो गई. तभी सिपाहियों में से एक ने उस पर गोली चला दी. गोली सुरेश को लग गई.
इंडियन एक्सप्रेस के हिसाब से हड़बड़ी में सुरेश को जल्दी से उठा-पठा के लोग ससून हॉस्पिटल ले गए. पर वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. जिसके बाद पुणे स्टेशन में जीआरपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है.
पुलिस ने जब सुरेश पुरोहित की हिस्ट्री खंगाली तो पता चला, सुरेश गहर के ऊपर अपनी बीवी के खून का इल्जाम है. जिसके बाद से सुरेश घर से भागा हुआ था.
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