750 किलो प्याज की कमाई किसान ने पीएम को भेजी, ये गर्व की नहीं शर्म की बात है
यही किसान 2010 में ओबामा के सामने खेती की मिसाल देने के लिए पेश किया गया था.
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फोटो - thelallantop
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कुछ दिन पहले दिल्ली में किसान थे. उसके पहले मुंबई में किसान थे. दिल्ली मुंबई किसानों की जगहें नहीं हैं. उनको अपने खेतों में होना चाहिए, जो गांव में होते हैं. लेकिन उनको पैदल चलकर शहर आना पड़ा. सरकार के कान पर जूं रेंगवाने. अपनी मांग पर ध्यान दिलाने. तमाम पेट भरे लोगों ने उनको ही निशाना बनाया और कहा कि वो राजनीति से प्रेरित हैं. इतना कम रेट कहां मिलता है? लेकिन महाराष्ट्र के एक किसान ने अपने एक रुपए प्रति किलो की प्याज की कमाई गुस्से में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मनी ऑर्डर कर दी है.
महाराष्ट्र में नासिक जिला है, निफाड तहसील है और इस तहसील में रहते हैं संजय साठे. संजय 'आधुनिक किसान' की गिनती में आते हैं. 2010 में इनको कृषि मंत्रालय द्वारा बराक ओबामा से मिलने के लिए चुना गया था. बराक उस वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति थे, भारत के दौरे पर आए थे. हमने अपनी खेती की शान दिखाने के लिए उनके सामने संजय साठे को पेश किया था.
अब संजय का जो हाल है वो उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया. कहा कि "मैंने 750 किलो प्याज उगाई इस सीजन में. पिछले हफ्ते मंडी पहुंचा तो एक रुपया प्रति किलो का रेट लगा. बहुत घिस-घिसाकर, मिन्नतें करके 1.40 रुपए प्रति किलो तक लाया. पूरा साढ़े सात क्विंटल प्याज 1064 रुपए में बेचना पड़ा. "
भयंकर निराशा में डूबे संजय आगे बताते हैं कि "चार महीने की कड़ी मेहनत का ये फल मिलता देख बहुत तकलीफ हुई. " इसके बाद संजय ने पीएम मोदी तक अपना गुस्सा पहुंचाने के लिए वो 1064 रुपए डिजास्टर रिलीफ फंड को भेज दिए. 54 रुपए अपनी जेब से लगाए, पोस्ट ऑफिस से मनी ऑर्डर के लिए. निफाड के डाकघर से 29 नवंबर को ये भारी रकम प्रधानमंत्री को भेज दी गई. संजय कहते हैं कि उनको किसी पॉलिटिकल पार्टी से कोई मतलब नहीं है लेकिन सरकार जो किसानों की तरफ से कान में उंगली डाले बैठी है उससे प्रॉब्लम है.

हर साल किसान अपना प्याज, टमाटर, दूध सड़कों पर फेंकते हैं. सूरत नहीं बदल रही.
ओबामा से कैसे मिले थे
संजय बताते हैं कि वो किसानों के लिए चलने वाली एक सर्विस लंबे समय से सुनते आ रहे हैं. जिसको एक टेलिकॉम कंपनी चलाती है. मौसम वगैरह की सटीक जानकारी उसमें रहती थी जिसकी वजह से उनको फसल बढ़ाने में फायदा मिला. इसी के चलते लोकल रेडियो स्टेशन्स पर बोलने बुलाया जाता था. आठ साल पहले जब ओबामा आए तो मुंबई के सेंट जैवियर कॉलेज में इनका स्टॉल लगा और एंटरप्रेटर के जरिए ओबामा ने बात भी की.
नासिक देश का 50 फीसदी प्याज उगाता है. हर साल इस सीजन में वहां से किसानों के प्याज फेंकने की खबरें आती हैं. महाराष्ट्र किसानों की आत्महत्या में नंबर एक स्टेट है. पूरे देश के किसानों का यही हाल है. आप उनको ट्रोल कर सकते हैं. उनकी समस्याओं पर गलबजी करते हुए नजरअंदाज कर सकते हैं. लेकिन आने वाले खतरे से बच नहीं सकते.
देखें वीडियो, किसानों की समस्याओं और उनके निदान पर:
महाराष्ट्र में नासिक जिला है, निफाड तहसील है और इस तहसील में रहते हैं संजय साठे. संजय 'आधुनिक किसान' की गिनती में आते हैं. 2010 में इनको कृषि मंत्रालय द्वारा बराक ओबामा से मिलने के लिए चुना गया था. बराक उस वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति थे, भारत के दौरे पर आए थे. हमने अपनी खेती की शान दिखाने के लिए उनके सामने संजय साठे को पेश किया था.
अब संजय का जो हाल है वो उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया. कहा कि "मैंने 750 किलो प्याज उगाई इस सीजन में. पिछले हफ्ते मंडी पहुंचा तो एक रुपया प्रति किलो का रेट लगा. बहुत घिस-घिसाकर, मिन्नतें करके 1.40 रुपए प्रति किलो तक लाया. पूरा साढ़े सात क्विंटल प्याज 1064 रुपए में बेचना पड़ा. "
भयंकर निराशा में डूबे संजय आगे बताते हैं कि "चार महीने की कड़ी मेहनत का ये फल मिलता देख बहुत तकलीफ हुई. " इसके बाद संजय ने पीएम मोदी तक अपना गुस्सा पहुंचाने के लिए वो 1064 रुपए डिजास्टर रिलीफ फंड को भेज दिए. 54 रुपए अपनी जेब से लगाए, पोस्ट ऑफिस से मनी ऑर्डर के लिए. निफाड के डाकघर से 29 नवंबर को ये भारी रकम प्रधानमंत्री को भेज दी गई. संजय कहते हैं कि उनको किसी पॉलिटिकल पार्टी से कोई मतलब नहीं है लेकिन सरकार जो किसानों की तरफ से कान में उंगली डाले बैठी है उससे प्रॉब्लम है.

हर साल किसान अपना प्याज, टमाटर, दूध सड़कों पर फेंकते हैं. सूरत नहीं बदल रही.
ओबामा से कैसे मिले थे
संजय बताते हैं कि वो किसानों के लिए चलने वाली एक सर्विस लंबे समय से सुनते आ रहे हैं. जिसको एक टेलिकॉम कंपनी चलाती है. मौसम वगैरह की सटीक जानकारी उसमें रहती थी जिसकी वजह से उनको फसल बढ़ाने में फायदा मिला. इसी के चलते लोकल रेडियो स्टेशन्स पर बोलने बुलाया जाता था. आठ साल पहले जब ओबामा आए तो मुंबई के सेंट जैवियर कॉलेज में इनका स्टॉल लगा और एंटरप्रेटर के जरिए ओबामा ने बात भी की.
नासिक देश का 50 फीसदी प्याज उगाता है. हर साल इस सीजन में वहां से किसानों के प्याज फेंकने की खबरें आती हैं. महाराष्ट्र किसानों की आत्महत्या में नंबर एक स्टेट है. पूरे देश के किसानों का यही हाल है. आप उनको ट्रोल कर सकते हैं. उनकी समस्याओं पर गलबजी करते हुए नजरअंदाज कर सकते हैं. लेकिन आने वाले खतरे से बच नहीं सकते.
देखें वीडियो, किसानों की समस्याओं और उनके निदान पर:

