जज साहब ने खुद की कोर्ट में रोक लिया खुद का ट्रांसफर
मिलिए इन जज साहब से जिनने अपनी ही कोर्ट में अपने मामले की सुनवाई कर के खुद को न्याय दे दिया.
Advertisement

फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
जज साहब का नाम है सीएस कर्णन. मद्रास हाईकोर्ट में थे. शुक्रवार को बदली हो गई थी, कलकत्ता हाईकोर्ट के लिए. इधर तबादला हुआ उधर जज साहब ने खुद की कोर्ट में खुद के तबादले का मामला ले लिया
उनने मामला अपनी कोर्ट में लिया तो मद्रास हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार भी फुर्ती में आ गए. सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि जज साहब को कोई कानूनी काम न करने दिया जाए.
पर जज साहब बहुत्तेज निकले. कोर्ट में सुनवाई कर के अपने ट्रांसफर पर रोक लगा दिए. आदेश दिए कि चीफ जस्टिस 29 अप्रैल तक में रिटेन बयान दें तब तक ट्रांसफर पर रोक रहेगी. और यही आदेश बनाकर उसकी कॉपी क़ानून मंत्री, अजा जजा आयोग को, सोनिया,मायावती और पासवान को भेज दिए. बेचारे रजिस्ट्रार भागे-भागे फिर सुप्रीम कोर्ट गए. शाम को सुप्रीम कोर्ट ने नया आदेश दिया कि जज साहब किसी मामले में खुद ही सुओ मोटो से काम न लेंगे. वही करेंगे जो काम उन्हें हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देंगे.
अब जज साहब कह रहे हैं मेरे साथ जातिगत भेदभाव हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट हमारा पक्ष नहीं सुनी और ट्रांसफर आदेश थमा दिया गया. ऐसा ही भेदभाव चला तो मैं देश छोड़ दूंगा.जजों को संसद में खड़ा करूंगा. संसद फैसला करेगी.

