बाइक चाहिए थी, भाई-पिता को मृत बता 'शोक संदेश' छपवाकर बांट दिया, अब जेल में है
इससे पहले पिता के साथ मारपीट कर उन्हें घर से निकाल दिया था.

‘बाप बड़ा न भइया, सबसे बड़ा रुपया'. यह कहावत इतना आम हो चुका है कि हर घर में दोहरा दिया जाता है. क्योंकि अमीर हो या गरीब, हर घर में प्रापर्टी के लिए लड़ाई है. प्रापर्टी की लड़ाई को लेकर ख़बर आई है मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से. यहां पिता की बाइक के लिए बेटे ने भाई और बाप को मृत बताकर ‘शोक संदेश’ कार्ड छपवा दिए. फिर पूरे गांव और रिश्तेदारों में बांट दिए. जिनको शोक संदेश देने नहीं जा पाया, उनको वॉट्सऐप कर दिया. बाद में पिता ने बेटे के खिलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज़ करवाई. पुलिस ने आरोपी बेटे को जेल भेज दिया.
आजतक से जुडे़ तनसीम हैदर की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला छिंदवाड़ा के जमुनिया गांव का है. ये कारनामा गयाप्रसाद पटेल के बेटे ने किया है. उनके दो बेटे हैं. छोटे बेटे ने पिता और बड़े भाई को मृत बताकर अपना सिर मुडंवा लिया. शोक संदेश में लिखा था,
माहुलझिर थाना प्रभारी तरुण मरकाम ने आजतक को बताया कि गयाप्रसाद ने 19 मई को अपने छोटे बेटे विमल पटेल के खिलाफ़ शिकायत दर्ज़ करवाई. उनका कहना है कि 8 मई को विमल उनकी बाइक छीन कर ले गया. जान से मारने की धमकी भी दी. फिर उसने अपना सिर मुडंवा लिया. गांव के लोगों को कहा कि पिता और बड़े भाई की मृत्यु हो चुकी है.
उन्होंने आगे कहा,
पुलिस के मुताबिक, आरोपी का पहले से आपराधिक रिकार्ड रहा है. आरोपी विमल पटेल के खिलाफ नर्मदापुरम के पिपरिया थाने में एक महिला से छेड़छाड़ का मामला भी दर्ज़ है. वहीं, माहुलझिर थाने में भी मारपीट का एक मामला दर्ज़ है.
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