The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Madhya Pradesh Police officer giving medical treatment to dead fathers body

पिता को मरे दो महीने हो गए, IPS बेटा लाश का इलाज करवा रहा है

न किसी को कमरे में घुसने देता है, न अंतिम संस्कार करता है. डॉक्टर्स ने डेथ सर्टिफिकेट भी दे दिया था.

Advertisement
pic
14 मार्च 2019 (अपडेटेड: 14 मार्च 2019, 06:56 AM IST)
Img The Lallantop
राजेंद्र मिश्रा के पिता कुलमणि मिश्रा की 14 जनवरी, 2019 को मृत्यु हो गई थी.
Quick AI Highlights
Click here to view more
आशुतोष महाराज तो याद ही होंगे आपको. पंजाब के लुधियाना में नूरमहल डेरा के प्रमुख और दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संत. वही जिनको डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था. मगर कोई पांच साल से उनका शव -22 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर फ्रीजर में रखा हुआ है. आशुतोष महाराज को 28 जनवरी, 2014 को लुधियाना के सद्गुरु प्रताप अपोलो अस्पताल में क्लीनिकली डेड घोषित किया गया था. पर आज भी उनका शव उनके डेरे के एक कमरे में रखा है. भक्तों के मुताबिक आशुतोष महाराज ने समाधि ली है. और वे समाधि से जल्दी ही जागेंगे. ऐसा ही एक और मामला सामने आया है.
ताजा मामला भोपाल का है. पुलिस अफसर राजेंद्र मिश्रा के पिता कुलमणि मिश्रा की 14 जनवरी, 2019 को मृत्यु हो गई थी. मगर बीते दो महीने से वो अपने पिता का शव अपने सरकारी बंगले में रखे हुए हैं. और उनका आयुर्वेदिक इलाज करा रहे हैं. उनका दावा है कि इलाज सही चल रहा है. कुलमणि मिश्रा के शव के पास उनकी पत्नी शशिमणि, कुछ परिजनों और एक डॉक्टर को ही जाने की इजाजत है. ये डॉक्टर पचमढ़ी से कुछ आयुर्वेदिक दवाएं लाकर उनका इलाज कर रहे हैं. 84 साल के कुलमणि मिश्रा भी ओडिशा सरकार में अफसर रहे थे.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक 84 साल के कुलमणि मिश्रा की 13 जनवरी, 2019 को तबियत बिगड़ी. इस पर उनको भोपाल के एक प्राइवेट अस्पताल 'बंसल हास्पिटल' में भर्ती कराया गया. अगले दिन 14 जनवरी को डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया. अस्पताल ने उनका डेथ सर्टिफिकेट भी दे दिया. मगर आईपीएस राजेंद्र मिश्रा, जो मध्य प्रदेश पुलिस के को़ऑपरेटिव फ्रॉड सेल में एडीजीपी हैं, उन्होंने इसे नहीं माना. वे पिता को घर ले आए. और उनका आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज कराने लगे.
डॉक्टर पचमढ़ी से कुछ आयुर्वेदिक दवाएं लाकर उनका इलाज कर रहे हैं.
डॉक्टर पचमढ़ी से कुछ आयुर्वेदिक दवाएं लाकर उनका इलाज कर रहे हैं. सांकेतिक तस्वीर. इंडिया टुडे.

एलोपैथी एकमात्र विकल्प नहीं
राजेंद्र मिश्रा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि एलोपैथी इलाज आखिरी विकल्प नहीं है. दुनिया में साइंस के अलावा भी बहुत कुछ है. मेरे पिता जीवित हैं. और उनका इलाज चल रहा है. वे बीते 6 दशक से योग कर रहे थे. और इस वक्त 'योग निद्रा' में हैं. डॉक्टर उनको जगाने का प्रयास कर रहे हैं, इसमें क्या गलत है? ये काम कोई मर्डर तो कहा नहीं जाएगा? अगर मेरे पिता की मृत्यु हो गई होती तो उनका शरीर अब तक खराब हो चुका होता. आप किसी मृत शरीर का इलाज नहीं कर सकते? किसी छिपकली या चूहे के मरने पर आप उस कमरे में एक घंटे भी नहीं रह सकते? मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि बाहरी लोग मेरे निजी मामले में क्यों दखल दे रहे हैं? पिता का इलाज कराना उनका हक है. मैं कोई अपराध या भ्रष्टाचार नहीं कर रहा हूं.
मानवाधिकार टीम को वापस लौटाया
इस मामले को कुछ लोगों ने राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा दिया है. इस पर आयोग ने 23 फरवरी, 2019 को छह डॉक्टरों की एक टीम राजेंद्र मिश्रा के घर भेजी थी. इस टीम में तीन डॉक्टर एलौपेथी के और तीन आयुर्वेदिक चिकित्सा के थे. आयोग ने डॉक्टरों की इस टीम को कुलमणि मिश्रा की जांच के लिए भेजा था. मगर आईपीएस राजेंद्र मिश्रा के घर की सिक्योरिटी ने टीम के सदस्यों को घर के अंदर नहीं जाने दिया.
कुछ वक्त पहले राजेंद्र मिश्रा की मां शशिमणि ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक रिट फाइल की थी. इसमें उन्होंने कहा था कि इस मामले में कोई दखल न दिया जाए. उन्होंने राज्य मानवाधिकार आयोग को भी एक चिट्ठी लिखी है. इसमें कहा गया है कि डॉक्टरों की टीम उनके जीवन के अधिकार, सम्मान और स्वतंत्रता में खलल डाल रही है. हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार और मानवाधिकार आयोग को नोटिस भी जारी किए हैं.
आयोग कार्रवाई करेगा
मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग के रजिस्ट्रार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि आयोग कानून के आधार पर कार्रवाई करेगा. राज्य सरकार के डीजीपी से कहा जाएगा कि राजेंद्र मिश्रा के घर कोई सीनियर पुलिस अफसर को भेजा जाए. और उसके आदेश को लागू कराया जाए. बंसल हास्पिटल के प्रवक्ता लोकेश झा के मुताबिक कुलमणि मिश्रा की मृत्यु अगले ही दिन हो गई थी. उनके डेड बॉडी घर वालों को सौंप दी गई थी. अस्पताल ने मृत्यु प्रमाण पत्र भी दे दिया था. डेड बॉडी के साथ कोई क्या करता है ये देखना वैसे भी अस्पताल का काम नहीं.


वीडियोः तमिलनाडु: फर्ज़ी फेसबुक आईडी से 50 लड़कियों को मोलेस्ट किया गया|दी लल्लनटॉप शो| Episode 173

Advertisement

Advertisement

()