The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Madhya Pradesh: Deputy Postmaster spent customers money in IPL betting

लोगों ने पोस्टऑफिस में पैसे जमा किये, पोस्टमास्टर ने 1 करोड़ IPL सट्टे में उड़ा दिए

लोग जब पहुंचे तो पता चला - उनका खाता ही नहीं है

Advertisement
pic
26 मई 2022 (अपडेटेड: 26 मई 2022, 03:01 PM IST)
deputy postmaster IPL betting
सट्टे में लगा दिए ग्राहकों के पैसे (सांकेतिक तस्वीर: आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का सागर (Sagar) जिला. यहां के बीना (Bina) शहर में एक डिप्टी पोस्टमास्टर ने लोगों की एफडी के पैसे सट्टे में उड़ा दिए. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैचों पर सट्टे में. खबर है कि वो इसमें 1 करोड़ रुपये हार गया. बीना सब पोस्ट ऑफिस में डिप्टी पोस्टमास्टर पद पर तैनात विशाल अहिरवार ने 24 परिवारों की जमा पूंजी सट्टे में लगा दी. यह रकम विशाल को सागर जिले के एक पोस्ट ऑफिस में जमा करवानी थी. जब ग्राहक अपने खाते से पैसे निकालने पहुंचे, तो मामले का खुलासा हुआ.

पैसे जमा किए और बाद में पता चला कि खाता ही नहीं है

आजतक से जुड़े हिंमाशु पुरोहित के मुताबिक विशाल को बीना राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने 20 मई को गिरफ्तार किया था. पुलिस की पूछताछ में विशाल ने ग्राहकों की जमा पूंजी सट्टे में हारने की बात कबूल कर ली है.

बीना के जीआरपी थाना प्रभारी अजय धुर्वे ने बताया कि फरियादियों ने आवेदन दिया था कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है. उन लोगों ने पोस्ट ऑफिस में पैसा जमा कराया था, बाद में उन्हें पता चला कि उनका खाता उस पोस्ट ऑफिस में नहीं है.

अजय धुर्वे ने मीडिया को बताया,

"गिरफ्तार किए गए विशाल अहिरवार पर अभी आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और आईपीसी की धारा 408 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामले में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं. आरोपी पोस्टमास्टर ने नकली एफडी खातों के लिए वास्तविक पासबुक जारी किए और पिछले दो साल से आईपीएल क्रिकेट सट्टेबाजी में पूरा पैसा लगाया."

मुश्किल में पैसे जमा करने वाले लोग

बीना पोस्ट ऑफिस पहुंचे ग्राहकों ने बताया कि वे लोग बेहद परेशान हैं. उन्होंने पाई-पाई जोड़कर जो पैसे जरूरत के लिए जमा किए थे, उसे धोखाधड़ी कर उप डाकपाल विशाल अहिरवार ने निकालकर आईपीएल का सट्टा खेल लिया. वर्षा बाथरी नाम की महिला ने आजतक से बातचीत में कहा,

''मेरे पति ने एफडी कराई थी. अखबार से पता चला यहां गड़बड़ हुई है. पैसा उप डाकपाल ने निकालकर गबन किया. यहां कोई जवाब नहीं देता. न मेरे पति हैं, न मेरे ससुर. मेरे परिजनों का बहुत बुरा हाल है. अब बताइए मैं कहां जाऊं?''

एक अन्य खाताधारक किशोरीबाई ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा,

''हमने पांच लाख रुपये जमा किए थे. चार बेटियां हैं. अभी दो की शादी है. पोस्ट आफिस में कोई बात ही नहीं करता है. जरूरत पर जमा राशि का अता-पता नहीं है. अब कहते हैं पासबुक फर्जी है.''

पुलिस के मुताबिक इस मामले की जांच जारी है, आरोपी सब पोस्टमास्टर विशाल पर आगे और भी धाराएं लगाई जा सकती हैं. 

खर्चा-पानी: क्रिप्टो को सरकार ने जुआ क्यों कहा? टैक्स पर एक्सचेंज खुश क्यों?

Advertisement

Advertisement

()