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  • Madhya Pradesh: Congress MLA Hardeep Singh Dang supports CAA, Shivraj Singh Chauhan thanked him

MP में कांग्रेस के इस विधायक को शिवराज धन्यवाद क्यों दे रहे हैं?

ये बात सोनिया गांधी को अच्छी नहीं लगेगी.

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12 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 12 जनवरी 2020, 09:52 AM IST)
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बायीं तरफ हरदीप सिंह डंग. पहले भी पार्टी लाइन से अलग बयान दे चुके हैं. बीच में कांग्रेस अध्यक्ष सोनियाा गांधी. दाएं मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान. फोटो: ANI/India Today
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राजनीति में एक चीज़ होती है पार्टी लाइन. कांग्रेस नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का लगातार विरोध कर रही है. लेकिन मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक हैं हरदीप सिंह डंग. वो पार्टी लाइन क्रॉस कर गए हैं. उन्होंने CAA का समर्थन कर दिया है. मौका देखकर मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर उन्हें धन्यवाद दे डाला. हरदीप सिंह डंग मंदसौर के सुवासरा से विधायक हैं. उन्होंने कहा कि CAA में कुछ भी ग़लत नहीं है. उन्होंने कहा, 'CAA और NRC को दो अलग-अलग तरीके से देखा जा सकता है. जो हमारे भाई पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से परेशान हैं, उन्हें यहां सुविधा मिलती है तो इसमें कोई एतराज नहीं है.' हालांकि हरदीप नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) को सही नहीं मानते. उनका कहना है कि सालों से यहां रह रहे लोगों से अगर उनके भारतीय होने का सर्टिफिकेट मांगा जाता है तो ये ग़लत है. इस पर शिवराज ने हरदीप को धन्यवाद देते हुए बाकी कांग्रेस नेताओं को CAA पढ़ने की नसीहत दे डाली. उन्होंने ट्वीट किया, कांग्रेस विधायक श्री हरदीप सिंह डंग ने #CAA को पढ़ा और ढंग से समझा, इसके लिए उनको धन्यवाद. कांग्रेस के बाकी नेताओं से मेरा अनुरोध है कि श्री हरदीप सिंह डंग से सीख लें. कम से कम एक बार #CAA के बारे में पढ़ लें. इसमें गलत कुछ नहीं है. पढ़ें, समझें और श्री डंग को फॉलो करें. वैसे, पहली बार ऐसा नहीं हुआ है कि हरदीप सिंह डंग ने पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी की हो. पहले वो जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का समर्थन कर चुके हैं. कांग्रेस विधायक ने ऐसे समय में ये बयान दिया है जब दिल्ली में बैठक के दौरान कांग्रेस कार्यसमिति ने CAA को वापस लेने की मांग की है. इसके अलावा पार्टी का कहना है कि नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) की प्रक्रिया पर रोक लगनी चाहिए. 10 जनवरी, 2020 से CAA लागू हो चुका है.  इसमें तीन पड़ोसी देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने के नियम आसान बनाए गए हैं. इन तीनों देशों में रहने वाले हिंदू, बौद्ध, सिख, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के धार्मिक रूप से पीड़ित लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी.
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