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मधुबनी में पत्रकार की हत्या पर परिवार बोला-जिंदा जलाया गया, 1 करोड़ मुआवजे की मांग

पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया, हत्या के विरोध में प्रदर्शन

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14 नवंबर 2021 (अपडेटेड: 14 नवंबर 2021, 01:57 PM IST)
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पत्रकार अविनाश की मौत के बाद सड़क पर प्रदर्शन करते लोग.
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बिहार के मधुबनी में 24 साल के पत्रकार अविनाश का शव मिलने के बाद बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. अविनाश के परिजनों का आरोप है कि जिन फर्जी नर्सिंग होम और प्राइवेट हॉस्पिटल्स के खिलाफ अविनाश ने अभियान छेड़ रखा था, उन्होंने ही उसकी हत्या की है. इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टी की है. हत्या के विरोध में लोगों ने मार्च निकाला और प्रदर्शन किया.


रविवार 14 नवंबर को परिजनों और समर्थकों ने बेनीपट्टी बाज़ार में प्रदर्शन किया. बड़े-बड़े बैनर पोस्टर हाथ में पकड़कर मार्च निकाला. रोड जाम कर दिया. और आरोपी को फांसी देने की मांग की. इस मामले में एसपी सत्यप्रकाश ने मीडिया से बात करते हुए कहा,

पांच लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. इनसे पूछताछ की जा रही है. घटना क्यों हुई ये अभी स्पष्ट नहीं है. पूछताछ के बाद ही निर्णय निकलेगा. जैसे ही कुछ पता चलेगा आपको बताया जाएगा. अभी कुछ कहना संभव नहीं है. कई जगह प्रेम प्रसंग की भी बात कही जा रही है. पर अभी जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती हम इसमें कुछ नहीं कह सकते.


 मीडिया से बात करते हुए एसपी सत्यप्रकाश. मीडिया से बात करते हुए एसपी सत्यप्रकाश.

उन्होंने आगे कहा,


जैसे ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ पूरी होती है. हम कोर्ट में स्पीडी ट्रायल की मांग करेंगे, जिससे जल्द से जल्द सुनवाई पूरी हो और अपराध के आधार पर कानूनन सजा मिले. साथ ही फर्जी क्लिनिक्स पर भी कार्रवाई की जाएगी.

परिजनों ने लिखित में सात सूत्रीय मांगें एसपी सत्यप्रकाश को सौंपी हैं, जिसे जिलाप्राधिकारी को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा.


मांगें क्या हैं?

- अविनाश की हत्या मामले की उच्चस्तरीय जांच कर स्पीडी ट्रायल के द्वारा दोषी को कड़ी सजा दी जाए.

- मधुबनी के आरक्षी अधीक्षक के गलत बयान पर सार्वजनिक माफीनामा या बर्खास्तगी हो.

- अविनाश के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए.

- थाना बेनी पट्टी के पास हनुमान मंदिर के बगल में अविनाश की प्रतिमा स्थापित की जाए.

- पत्रकार सहित आम जनता की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जाए.

- 72 घंटा के अंदर सभी मांगों पर कार्रवाई की जाए.

परिजनों का कहना है कि अविनाश को जिंदा जलाया गया है. उनका आरोप है कि ये सारा काम नर्सिंग होम संचालकों का है. उन्होंने पैसे दिए हैं, इसलिए पुलिस प्रेम प्रसंग का मामला कहकर इसे दबाना चाह रही है. परिजनों के मुताबिक, उसकी शादी तय हो चुकी थी. लेकिन उसके पहले ये सब हो गया.

बिहार के मधुबनी में बेनीपट्टी इलाके में एक पेड़ के नीचे अधजला शव बोरे में बंधा मिला था जिसकी पहचान पत्रकार अविनाश झा के रूप में हुई थी. अविनाश 9 नवंबर से ही लापता थे. परिवारवालों ने थाने में मिसिंग कम्प्लेंट दर्ज करवाई थी, लेकिन 12 तारीख को अविनाश की लाश मिली.
अविनाश के भाई  त्रिलोकनाथ झा ने बताया था कि मेरा छोटा भाई था बुद्धदेव, अविनाश-अविनाश के नाम से लोग जानता था, पत्रकार लाइन से जुड़ा था. RTI के माध्यम से फर्जी हॉस्पिटल के विरोध में अभियान चला रखा था. कई फर्जी नर्सिंग होम को बंद करके भागना भी पड़ा. कुछ पर जुर्माना भी लगा. फर्जी नर्सिंग होम जितना है सब आपस में मीटिंग करके, षड़यंत्र रचा और हत्या कर दी.

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