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डॉक्टर-नर्स सोते रहे, बच्चा वॉशरूम में पैदा हुआ, मर गया

घर वालों से कहा, "सोने दो. इलाज सुबह के पहले नहीं मिलेगा."

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प्रतीक्षा पीपी
18 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 17 अप्रैल 2016, 03:35 AM IST)
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लखनऊ के डफरिन अस्पताल में एक प्रेगनेंट औरत लेबर पेन में चीखती रही. और डॉक्टर, नर्स, गार्ड, सभी सोते रहे. फिर हुआ ये कि औरत वॉशरूम में गई. जहां उसकी डिलिवरी हो गई. इस बीच घर वालों ने डॉक्टरों और नर्सों को जगाने की कोशिश की. लेकिन कोई नहीं जागा. अमर उजाला के मुताबिक 28 साल की आशिया को शुक्रवार दोपहर डफरिन अस्पताल में भर्ती कराया गया. शनिवार की शाम आशिया को तकलीफ होने लगी. तो डॉक्टर ने कहा अल्ट्रासाउंड सोमवार को होगा. रात 9 बजे दर्द बढ़ा तो नर्स ने एक इंजेक्शन दे दिया. लेकिन शनिवार रात 2 बजे के करीब लेबर पेन बढ़ गया. घर वालों ने डॉक्टर और स्टाफ को जगाने को कोशिश की. लेकिन कोई नहीं जागा. आशिया वाशरूम का इस्तेमाल करने गईं. और उन्हें वहीं डिलिवरी हो गई. काफी देर तक जब वो वॉशरूम ने नहीं निकलीं, तो घर वालों ने चेक किया. पाया कि आशिया वहां बेहोश पड़ी हैं, और बच्चा जमीन पर पड़ा है. जब घर वालों ने हंगामा करना शुरू किया, तो एक नर्स वहां आई. मां और बच्चे की हालत नॉर्मल बता कर सोने चली गई. लेकिन असल में बच्चा मर चुका था. आशिया की मां परवीन का आरोप है कि जब वो ड्यूटी रूम में नर्स को बुलाने गईं, तो वहां कोई नहीं था. जब गार्ड को जगाया तो उसने कहा कि डॉक्टर और नर्स सो रहे हैं. मुझे भी सोने दो. कल सुबह के पहले इलाज नहीं मिलेगा. परवीन ने ये भी बताया कि डिलिवरी के बाद जब नर्स से डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा गया, नर्स ने कहा, अब तो जो होना था हो गया. डॉक्टर क्या कर लेंगी. लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी है. और डफरिन लखनऊ का एक बड़ा सरकारी अस्पताल है. जहां लोग जब अपने घर वालों को इलाज के लिए भर्ती करवाते हैं, तो निश्चिंत हो जाते हैं. आस-पास के शहरों में लोग बीमार पड़ते हैं तो बेहतर इलाज के लिए उन्हें लखनऊ लाया जाता है. लेकिन इस घटना के बारे में सुन कर लगता है, क्या बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं केवल उन्हीं के लिए है जो प्राइवेट अस्पातालों में हजारों-लाखों खर्च कर सकें?

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